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अधिवक्ता आंदोलन : रजिस्ट्री कार्यालय पर जड़ा ताला, बैरंग लौटे 40 आवेदक

Mon, 04 Sep 2023 11:11 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Sep 2023 11:11 PM IST
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Advocate movement: Registry office locked, 40 applicants returned empty handed
निबंधन कार्यालय पर ताला लगाते अधिवक्ता। संवाद
नहीं हो पाई एक भी रजिस्ट्री, निराश लौटे आवेदक, तहसीलों में भी आंदोलनरत हैं अधिवक्ता
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हापुड़ एवं गाजियाबाद में लाठीचार्ज की घटना के बाद विभिन्न जिलों में उत्पीड़न के विरोध में अधिवक्ता सोमवार को आंदोलनरत रहे। उन्होंने रजिस्ट्री दफ्तर में तालाबंदी की और कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम संजीव रंजन को ज्ञापन सौंपा। तालाबंदी होने से एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई, जिससे निर्धारित अवधि में रजिस्ट्री कराने पहुंचे 40 आवेदकों को बैरंग लौटना पड़ा। इससे जहां विभाग को आठ से 10 लाख रुपये की राजस्व हानि हुई, वहीं पैसा देने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं होने से आवेदक भूमि स्वामियों के मुकरने के डर के साथ निराश लौटते दिखे।
तहसील बार एसोसिएशन नौगढ़ के अधिवक्ताओं ने भी दस्तावेज लेखकों के साथ न्यायिक कार्य से विरत रहकर अध्यक्ष गणेश शंकर मणि त्रिपाठी व महामंत्री सुशील मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए हापुड़ की घटना के विरोध में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्र को सौंपा। इसके तत्काल बाद अधिवक्ताओं ने उप निबंधक कार्यालय नौगढ़ के दफ्तर पहुंचकर वहां ताला जड़ दिया। जिससे रजिस्ट्री करवाने आए लोगों को निराश लौटना पड़ा। अधिवक्ताओं ने कहा कि हापुड़ में अधिवक्ताओं पर लाठी चार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों व अधिकारियों के विरुद्ध केस दर्ज करा कर दंडात्मक कार्रवाई किया जाय। पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं का उत्पीड़न एवं फर्जी मुकदमे तत्काल बंद हो। अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश में तत्काल एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू हो।
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इस दौरान अनूप मणि त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, सनाउल्लाह खां, अवधेश मिश्रा, विकास शुक्ला, पवन मिश्र, अवनीश कुमार, अब्दुल हक, अरविंद कुमार, नवी सरवर, भगवान दास गुप्ता उपस्थित रहे।
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यह लौटे वापस

भूमि रजिस्ट्री कराने के लिए घर से गाड़ी बुक करा कर गवाहों व विक्रेता के रजिस्ट्री दफ्तार आए, यहां आने पर तालाबंदी के चलते बैनामा नहीं हुआ तो निराशा हुई।
राम सहाय जायसवाल, ककरहवा निवासी


ककरहवा क्षेत्र से हिबानामा करवाने रजिस्ट्री दफ्तर आए थे, तालाबंदी के चलते हिबकर्ता व गवाहों के साथ मजबूरी में वापस लौट रहे हैं, दिनभर जो नुकसान हुआ वह अलग।
मसिउद्दीन, ककरहवा


इटवा से रिश्तेदार के बैनामा में गवाही करने आये थे, लेकिन काम नहीं हुआ किराया भाड़ा और समय बर्बादी के साथ ही विक्रेता के मुकरने का भय भी सता रहा है।
नदीम, इटवा

जमीन का एग्रीमेंट करवाने आये थे, लेकिन नहीं हुआ, अब दोबारा ऑनलाइन करवाना पड़ेगा, जिससे खर्च भी लगेगा और सयम अलग से बर्बाद हुआ।
परमहंस त्रिपाठी, बसंतपुर, बांसी
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आंदोलनरत अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन एवं तहसील बार के अधिवक्ताओं ने बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहकर नारेबाजी कर मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष राधेश्याम मिश्र का कहना था कि एक महिला अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार करने वाले सिपाही ने ही उन पर फर्जी केस दर्ज करवा दिया। महिला अधिवक्ता दर्ज केस रद्द करवाने के लिए मंगलवार को हापुड़ एवं गाज़ियाबाद में शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं पर पुलिस ने तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए बर्बरतापूर्वक निहत्थे अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज किया। इससे हापुड़ में कई अधिवक्ता मरणासन्न स्थिति में पहुंच गए। इसके विरोध में बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर संपूर्ण प्रदेश में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर धरना-प्रदर्शन किए। घटना के छह दिन बाद भी सरकार द्वारा दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करते हुए अधिवक्ताओं की मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। जिसके विरोध में सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने पुलिस एवं प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन डीएम संजीव रंजन को सौंपा। महामंत्री सिद्धनाथ पांडेय ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मांग किया गया है कि हापुड़ में लाठीचार्ज में घायल अधिवक्ताओं को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता धनराशि उपलब्ध कराई जाए। एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल तत्काल लागू किया जाए। घटना के दोषी पुलिस कर्मियों विरुद्ध केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। हापुड़ के जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान को तत्काल हटाकर उन्हें आजीवन जिला प्रभार देने से आयोग्य घोषित किया जाए। उच्च न्यायालय प्रयागराज में पदस्थ न्यायमूर्ति द्वारा मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। यदि उक्त मांगें नहींं मानी गयी तो अधिवक्ता वृहद आंदोलन को बाध्य होंगे। इस दौरान अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह, पवन कुमार कर पाठक, संतोष कुमार मिश्र, ओमशंकर पांडेय, चंद्रप्रकाश पांडेय, केशव प्रसाद पांडेय, मनीष मणि त्रिपाठी, कृपाशंकर त्रिपाठी, इंदु कुमार सिंह, अमित त्रिपाठी, सिद्धनाथ शुक्ल, रविंद्र नाथ पांडेय, अनिल विश्वकर्मा, राकेश सिंह उपस्थित रहे। इसके साथ ही जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यदेव सिंह, सपा अधिवक्ता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध यादव, अधिवक्ता गणेश शंकर यादव, गोपालजी गुप्त, सुशीलमणि त्रिपाठी, संतोष कुमार ने भी प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। उन्होंने दिए गए पांच सूत्री ज्ञापन में अधिवक्ताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने की मांग की है।

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टैक्स बार एसोसिएशन ने जताया विरोध
टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एचएन द्विवेदी की अध्यक्षता में बैठक कर हापुड़ की घटना की निंदा की गई। बैठक के बाद डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा गया। इस दौरान महामंत्री महातम प्रसाद गुप्ता, आरके सिंह, प्रहलाद जायसवाल, रिपुंजय सहाय, राजेश गुप्ता, अमरेश श्रीवास्तव, दीपक दुबे, उमेश सिंह और संदीप दुबे मौजूद रहे।
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अधिवक्ताओं के हड़ताल और तालाबंदी के कारण सोमवार को एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई, इससे राजस्व हानि होने के साथ आवेदकों को दोबारा समय लेना पड़ेगा।
एसके श्रीवास्तव, उप निबंधक नौगढ़
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