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Siddharthnagar News: छोटी चूक बड़ा हादसा, बारिश में पहाड़ों पर गिरती है अधिक बिजली

Thu, 16 Jul 2026 01:45 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:45 AM IST
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A minor lapse can lead to a major accident; lightning strikes more frequently in the mountains during the rains.
शोहरतगढ़। बारिश में बिजली गिरने का जोखिम बढ़ गया है। नेपाल के तराई क्षेत्र में बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका ज्यादा रहती है। छोटी सी चूक के कारण बड़ा हादसा हो जाता है। ऐसे में अगर नेपाल जा रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। मौसम के अनुसार ही यात्रा करें, अगर बारिश शुरु हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर शरण लें। क्योंकि, मौसम के विपरीत जाकर यात्रा करना घातक हो सकता है।
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जनपद नेपाल बार्डर से लगा हुआ है, यहां के लोगों के रिश्ते नेपाल में हैं ही। इसके साथ अप्रैल माह शुरु होने के साथ ही लोग घूमने और धार्मिक यात्रा के लिए नेपाल की ओर रुख करते हैं। अप्रैल से शुरु होने वाली भीड़ जुलाई तक अधिक रहती है, इसके बाद कम होना शुरु होता है। कारण गर्मी से बचने के लिए सिमला और अन्य ठंड प्रदेश में जाने के बजाए नजदीक होने के कारण लोग नेपाल ही जाते हैं। लेकिन, बारिश के समय में नेपाल की यात्रा घातक भी हो सकती है। कारण पहाड़ खिसकने के साथ ही बिजली कड़ाकने और बिजली की घटनाएं बढ़ जाती है। वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून सीजन में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में हाई प्रेशर बनता है तो वहां से हवाएं बादल लेकर लो प्रेशर एरिया में आती हैं, जिससे मानसून के समय भारत के राज्यों में बारिश होती है। मानसूनी हवाएं हमेशा हाई प्रेशर से लो प्रेशर की तरफ बहती है। जहां लो प्रेशर बनता है, वहीं बारिश होती है। जहां बारिश होती है, उस क्षेत्र में बिजली गिरती है। नेपाल की तराई में ऊंची पहाड़ियों से मानसूनी हवा टकराती है तो बादल के खंड इधर ठहर जाते हैं। ठहरे हुए बादलों के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली गिरने की आशंका ज्यादा रहती है। ऐसे क्षेत्र में आर्द्रता बढ़ते ही वाष्पोत्सर्जन से भी बादल बनते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र सोहाना के मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बारिश बंद हो जाए, उसके बाद ही किसानों को खेत में काम करना चाहिए। जलस्रोत, ऊंचे पेड़, टॉवर के नीचे बिजली गिरने का जोखिम ज्यादा रहता है। ऊंचे भवन पर भी बिजली गिरती है। जब किसी भवन पर बिजली गिरती है तो इलेक्ट्रिक से संचालित सभी उपकरण जल जाते हैं।
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घर में लगाएं तड़ित चालक : डॉ. अरविंद
शिवपति पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि बिजली का गिरना प्राकृतिक है। इससे बचने के लिए लोगों को प्रयास करना चाहिए। जागरूकता के अभाव में लोग बिजली की चपेट में आ जाते हैं। बारिश के दौरान जो लोग किसी बाग में फंस जाएं, उन्हें चाहिए कि सबसे छोटे पेड़ के पास खड़े हों। हालांकि, बारिश में पेड़ से दूर रहना ही बेहतर विकल्प है। लोगों को घर में तड़ित चालक यंत्र लगाना चाहिए। तड़ित चालक यंत्र ऊंचे मकान को बिजली से सुरक्षित रखते हैं, जिसे अर्थिग भी कहा जाता है।
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कैसे बनाए तड़ित चालक यंत्र
तड़ित चालक यंत्र को खुद भी बनाया जा सकता है। मकान के सबसे ऊंचे स्थान पर लोहे की रॉड से कॉपर की तार नीचे उतारकर उसे जमीन में धंसे पाइप से जोड़कर अर्थिंग बनाई जा सकती है। कम से कम से 4-5 फीट गहरे गड्ढे में पाइप के साथ कोयला, चूना, नमक डालना चाहिए। जब बिजली गिरेगी तो ज्यादा नुकसान किए बगैर जमीन में समा जाएगी।



एक व्यक्ति की मौत, खेत के गिरी थी आकाशीय बिजली
बृहस्पतिवार को शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के कोइली घाट में आकाशीय बिजली गिरने से खेत में काम करने गए एक किसान की मौत हो गई थी। वह धान की नर्सरी निकाल रहे थे। दोपहर बाद गरज के साथ बरसात के दौरान आकाशीय बिजली गिरी थी।
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