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फर्जी तबादला आदेश बनाया
Siddhartha nagar
Updated Sun, 29 Sep 2013 05:37 AM IST
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देवरिया। शिक्षा विभाग में फर्जी कागजात तैयार कर स्थानांतरण का खेल चल रहा है। सिद्धार्थनगर के डायट बांसी में तैनात एक लिपिक ने यह कारनामा कर देवरिया स्थानांतरण कराने का प्रयास किया है। खुलासा होने पर डीआईओएस ने निदेशालय को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा है।
जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान बांसी सिद्धार्थनगर में अनिल सिंह कनिष्ठ लिपिक पद पर तैनात थे। उन्होंने 16 सितंबर की तारीख में शिक्षा निदेशक उत्तर प्रदेश माध्यमिक इलाहाबाद का प्रशासनिक आदेश के तहत फर्जी स्थानांतरण आदेश-पत्र तैयार कर डीआईओएस कार्यालय पहुंचे। आदेश पत्र में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़का गांव बरहज के लिए स्थानांतरण का जिक्र था। आदेश पत्र देखकर डीआईओएस को फर्जी होने की आशंका हुई। उन्होंने पत्र की जांच गोपनीय तरीके से कराई तो वह दंग रह गए। कर्मचारी ने फर्जी तरीके से आदेश पत्र तैयार कर स्थानांतरण कराने का प्रयास किया था। डीआईओएस ने बड़का गांव के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर निर्देश दिया कि शिक्षा निदेशक के नाम से निर्गत पत्र फर्जी पाया गया है। लिपिक को कार्यभार ग्रहण न कराएं। इस बाबत डीआईओएस रामाज्ञा कुमार ने बताया कि निदेशालय से पता कराया गया तो पत्र फर्जी निकला। निदेशालय को भी कार्रवाई के लिए अवगत करा दिया गया है।
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जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान बांसी सिद्धार्थनगर में अनिल सिंह कनिष्ठ लिपिक पद पर तैनात थे। उन्होंने 16 सितंबर की तारीख में शिक्षा निदेशक उत्तर प्रदेश माध्यमिक इलाहाबाद का प्रशासनिक आदेश के तहत फर्जी स्थानांतरण आदेश-पत्र तैयार कर डीआईओएस कार्यालय पहुंचे। आदेश पत्र में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़का गांव बरहज के लिए स्थानांतरण का जिक्र था। आदेश पत्र देखकर डीआईओएस को फर्जी होने की आशंका हुई। उन्होंने पत्र की जांच गोपनीय तरीके से कराई तो वह दंग रह गए। कर्मचारी ने फर्जी तरीके से आदेश पत्र तैयार कर स्थानांतरण कराने का प्रयास किया था। डीआईओएस ने बड़का गांव के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर निर्देश दिया कि शिक्षा निदेशक के नाम से निर्गत पत्र फर्जी पाया गया है। लिपिक को कार्यभार ग्रहण न कराएं। इस बाबत डीआईओएस रामाज्ञा कुमार ने बताया कि निदेशालय से पता कराया गया तो पत्र फर्जी निकला। निदेशालय को भी कार्रवाई के लिए अवगत करा दिया गया है।
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