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बांसी कस्बे में जेई से लोग भयभीत
Siddhartha nagar
Updated Sat, 28 Sep 2013 05:37 AM IST
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बांसी। पूरा कस्बा जेई के चपेट में है, नतीजतन एक माह के अंदर इस रोग की गिरफ्त में आने से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी नपा प्रशासन नहीं चेत रहा है। हालत यह है कि जेई रोग के कारक इंसेफेलाइटिस वाहक सैकड़ों की संख्या में कस्बे के गली मुहल्लों में बेरोकटोक घूम रहे हैं। इनके धरपकड़ की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही कस्बे की गंदी गलियों, नाली और नालों में कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है। नपा प्रशासन की इस लापरवाही से आम जनमानस में रोष व्याप्त है।
कस्बे में जेई रोग का असर स्पष्ट देखने को मिल रहा है। एक माह पूर्व कस्बे के रानी लक्ष्मी वार्ड निवासी उजैर खां का 10 वर्षी पुत्र जुनैद खां जेई के गिरफ्त में आया। जिससे आननफानन में जिला अस्पताल फिर बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई। अभी पीड़ा को लोग भूल भी नहीं पाए थे। चार दिन पूर्व इस रोग से पीड़ित टेकघरनगर वार्ड निवासी मंजूर अहमद खां की 11 वर्षीय पुत्री इरम फातमा की गोरखपुर के एक निजी चिकित्सालय में मौत हो गई। एक माह के अंदर जेई रोग से पीड़ित दो बच्चों की मौत हो जाने से कस्बावासियों में काफी रोष है। कस्बे के बसपा नेता शमीम अहमद, रमेश द्विवेदी, एडवोकेट शिवकुमार लाल श्रीवास्तव, भोला सिंह, नीरज श्रीवास्तव का कहना है कि नपा प्रशासन की लापरवाही से कस्बे में मच्छरों जमावड़ा है। पूर्व सभासद इजहार खां का कहना है कि यदि नपा क्षेत्र में फागिंग और छिड़काव नहीं हुआ और सूअरों को नहीं हटाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। नपा के अधिशासी अधिकारी का कहना है कि डीएम के निर्देश पर पांचों सफाईकर्मियों को उनके क्षेत्र में घूम रहे इंसेफेलाइटिस वाहक को पकड़ने का आदेश दिया है तथा इन्होंने यह भी बताया कि गुरुवार को कस्बे से 16 को पकड़कर जंगल में भेजा गया है और नालियों एवं नालों में कीटनाशकों का छिड़काव अविलंब किया जाएगा।
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कस्बे में जेई रोग का असर स्पष्ट देखने को मिल रहा है। एक माह पूर्व कस्बे के रानी लक्ष्मी वार्ड निवासी उजैर खां का 10 वर्षी पुत्र जुनैद खां जेई के गिरफ्त में आया। जिससे आननफानन में जिला अस्पताल फिर बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई। अभी पीड़ा को लोग भूल भी नहीं पाए थे। चार दिन पूर्व इस रोग से पीड़ित टेकघरनगर वार्ड निवासी मंजूर अहमद खां की 11 वर्षीय पुत्री इरम फातमा की गोरखपुर के एक निजी चिकित्सालय में मौत हो गई। एक माह के अंदर जेई रोग से पीड़ित दो बच्चों की मौत हो जाने से कस्बावासियों में काफी रोष है। कस्बे के बसपा नेता शमीम अहमद, रमेश द्विवेदी, एडवोकेट शिवकुमार लाल श्रीवास्तव, भोला सिंह, नीरज श्रीवास्तव का कहना है कि नपा प्रशासन की लापरवाही से कस्बे में मच्छरों जमावड़ा है। पूर्व सभासद इजहार खां का कहना है कि यदि नपा क्षेत्र में फागिंग और छिड़काव नहीं हुआ और सूअरों को नहीं हटाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। नपा के अधिशासी अधिकारी का कहना है कि डीएम के निर्देश पर पांचों सफाईकर्मियों को उनके क्षेत्र में घूम रहे इंसेफेलाइटिस वाहक को पकड़ने का आदेश दिया है तथा इन्होंने यह भी बताया कि गुरुवार को कस्बे से 16 को पकड़कर जंगल में भेजा गया है और नालियों एवं नालों में कीटनाशकों का छिड़काव अविलंब किया जाएगा।
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