{"_id":"71-52788","slug":"Siddhartha-nagar-52788-71","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुर्गी पालन के जरिए बदल गई हिदायतुल्लाह की जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुर्गी पालन के जरिए बदल गई हिदायतुल्लाह की जिंदगी
Siddhartha nagar
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
डुमरियागंज। इंसान अगर बुलंदियों तक पहुंचाना चाहे और उसके अंदर जज्बा हो वह वहां पहुंच सकता है। यह बात सही साबित किए हैं भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के बड़हरा विशुनपुर गंाव निवासी हिदायतुल्लाह। जिन्होंने अपने बुलंद हौसले के साथ कम समय में ही अपने गांव के साथ ही क्षेत्रके लिए मिसाल बन गये हैं। हिदायतुल्लाह ने महज छह लाख रुपये की लागत से वर्ष 2006 में मुर्गी पालन का धंधा चालू किया था। मगर उनके लगन से वह उस मुकाम तक पहुंच गया। जिसे सुनकर नरेंद्र देव कृषि एंव प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय फैजाबाद के प्रसार निदेशक भी वहां पहुंचे। वहां का नजारा देख उन्होंने हिदायतुल्लाह को सम्मान दिलाने का वादा भी किया।
हिदायतुल्लाह पुत्र रसूल मोहम्मद अपने बड़े भाई अनवारुल हक के साथ परदेश में रहकर बिजनेस करते थे। मगर वह वर्ष 2002 में वापस अपने गंाव आकर 6 हजार रुपये की पूंजी से टमाटर की खेती की शुरूआत की। अपने करीब 20 एकड़ की खेत में वह दो साल तक लगातार टमाटर और करैला की खेती किये। जब उसके पास एक मुश्त जमा पूंजी इकट्ठा हुई तो वह क्षेत्र के सोहना कृषि विज्ञान केंद्र पर पहुंच कर पोल्ट्री फार्म के बारे में जानकारी ली। जिसके बाद वह 2006 में करीब 6 लाख रुपये की लागत से 2 हजार मुर्गी के बच्चों से अपना पोल्ट्री फार्म चालू किया। समय बीतता गया। हिदायतुल्लाह लगन के साथ अपने धंधे को बढ़ाने में जुटे रहे। धीरे धीरे वह अपने फार्म में मुर्गियों की संख्या बढ़ाने लगे। वर्ष 2008 में हिदायतुल्लाह ने पोल्ट्री फार्म को बड़ा बनवाने के साथ ही अंडा देने वाली मुर्गियों को लाना चालू कर दिया। जिसके बाद अंडा देना बंद करने वाली मुर्गियों को वह बाजारों में खाने के सप्लाई देने लगा। अंडा और मुर्गी दोनों से मुनाफा देख वह एक के बाद दो और फिर तीन बड़े फार्म हाउस का निर्माण करवा लिया।
हिदायतुल्लाह के फार्म के बारे में जानकारी होने पर 4 नवंबर 2012 को कृषि विज्ञान केंद्र का जायजा लेने आये नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फैजाबाद के प्रसार निदेशक डॉ. एसपी सिंह और अपर निदेशक प्रसार डॉ. कान्ती सिंह भी वहां पहुंचे। मौके पर इतनी भारी संख्या में अंडा देने वाली मुर्गियों और बड़े फार्म के रखरखाव को देख वह लोग प्रसन्न हुए। उनसे हिदायतुल्लाह ने बताया कि इस समय पोल्ट्री फार्म पर 28 हजार अंडा देने वाली मुर्गियों के साथ ही 15 हजार चूजे तैयार किये जा रहे हैं। आजकल करीब 16 से 18 हजार अंडे प्रतिदिन निकल रहे हैं। उसने बताया कि वह केवल पोल्ट्री फार्म से ही एक लाख रुपये महीने कमाते हैं।
विज्ञापन
आज भी कर रहे टमाटर की खेती
डुमरियागंज। हिदायतुल्लाह ने बताया कि आज उसके प्रगतिशील किसान बनने में सबसे बड़ा योगदान टमाटर और करैले की खेती है। इसलिए वह पर्याप्त कमाई के बाद भी दो एकड़ खेत में टमाटर और करैले की खेती करते हैं।
हिदायतुल्लाह कुछ नया सीखने व करने वाला प्रगतिशील किसान है। उसने पोल्ट्री फार्म डालने व चलाने की विधि केंद्र पर ही सीखी थी। मगर इतना बड़ा फार्म वह तैयार कर लेगा यह किसी ने भी नहीं सोचा था। उसके परिश्रम और लगन से मिली कामयाबी आज सबके लिए मिसाल है।
डॉ. एसके मिश्रा, वैज्ञानिक सोहना कृषि विज्ञान केंद्र
विज्ञापन
हिदायतुल्लाह पुत्र रसूल मोहम्मद अपने बड़े भाई अनवारुल हक के साथ परदेश में रहकर बिजनेस करते थे। मगर वह वर्ष 2002 में वापस अपने गंाव आकर 6 हजार रुपये की पूंजी से टमाटर की खेती की शुरूआत की। अपने करीब 20 एकड़ की खेत में वह दो साल तक लगातार टमाटर और करैला की खेती किये। जब उसके पास एक मुश्त जमा पूंजी इकट्ठा हुई तो वह क्षेत्र के सोहना कृषि विज्ञान केंद्र पर पहुंच कर पोल्ट्री फार्म के बारे में जानकारी ली। जिसके बाद वह 2006 में करीब 6 लाख रुपये की लागत से 2 हजार मुर्गी के बच्चों से अपना पोल्ट्री फार्म चालू किया। समय बीतता गया। हिदायतुल्लाह लगन के साथ अपने धंधे को बढ़ाने में जुटे रहे। धीरे धीरे वह अपने फार्म में मुर्गियों की संख्या बढ़ाने लगे। वर्ष 2008 में हिदायतुल्लाह ने पोल्ट्री फार्म को बड़ा बनवाने के साथ ही अंडा देने वाली मुर्गियों को लाना चालू कर दिया। जिसके बाद अंडा देना बंद करने वाली मुर्गियों को वह बाजारों में खाने के सप्लाई देने लगा। अंडा और मुर्गी दोनों से मुनाफा देख वह एक के बाद दो और फिर तीन बड़े फार्म हाउस का निर्माण करवा लिया।
विज्ञापन
हिदायतुल्लाह के फार्म के बारे में जानकारी होने पर 4 नवंबर 2012 को कृषि विज्ञान केंद्र का जायजा लेने आये नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फैजाबाद के प्रसार निदेशक डॉ. एसपी सिंह और अपर निदेशक प्रसार डॉ. कान्ती सिंह भी वहां पहुंचे। मौके पर इतनी भारी संख्या में अंडा देने वाली मुर्गियों और बड़े फार्म के रखरखाव को देख वह लोग प्रसन्न हुए। उनसे हिदायतुल्लाह ने बताया कि इस समय पोल्ट्री फार्म पर 28 हजार अंडा देने वाली मुर्गियों के साथ ही 15 हजार चूजे तैयार किये जा रहे हैं। आजकल करीब 16 से 18 हजार अंडे प्रतिदिन निकल रहे हैं। उसने बताया कि वह केवल पोल्ट्री फार्म से ही एक लाख रुपये महीने कमाते हैं।
विज्ञापन
आज भी कर रहे टमाटर की खेती
डुमरियागंज। हिदायतुल्लाह ने बताया कि आज उसके प्रगतिशील किसान बनने में सबसे बड़ा योगदान टमाटर और करैले की खेती है। इसलिए वह पर्याप्त कमाई के बाद भी दो एकड़ खेत में टमाटर और करैले की खेती करते हैं।
हिदायतुल्लाह कुछ नया सीखने व करने वाला प्रगतिशील किसान है। उसने पोल्ट्री फार्म डालने व चलाने की विधि केंद्र पर ही सीखी थी। मगर इतना बड़ा फार्म वह तैयार कर लेगा यह किसी ने भी नहीं सोचा था। उसके परिश्रम और लगन से मिली कामयाबी आज सबके लिए मिसाल है।
डॉ. एसके मिश्रा, वैज्ञानिक सोहना कृषि विज्ञान केंद्र