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इनोवेशन के लिए रिसर्च की जरूरत

Sat, 16 Feb 2019 10:06 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 16 Feb 2019 10:06 PM IST
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इनोवेशन के लिए रिसर्च की जरूरत
नवाचार के लिए रिसर्च की जरूरत
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फोटो- 78, 79
इनोवेशन के लिए रिसर्च की जरूरत
- सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु में शुरू हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
- प्रोफेसरों ने रिसर्च को बढ़ावा देने की कही बात
अमर उजाला ब्यूरो
कपिलवस्तु। बिना अनुसंधान के हम ज्ञान का विस्तार नहीं कर सकते हैं। इनोवेशन के लिए रिसर्च की सख्त जरूरत है। तभी उद्यमिता संभव है, जो समाज के कल्याण की चिंता करता है उसे समाजिक विज्ञान के अंदर जोड़ लेना चाहिए। आवश्यकता इस बात की हैं कि हम किस प्रकार संस्कृत भाषा को जीवित करें जिसे समाज से जोड़ा जा सके।
यह बातें शनिवार को सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु में शिमला विवि के पूर्व कुलपति प्रो एडीएन बाजपेयी ने उद्यमिता सामाजिक विज्ञान एवं प्रबंध के क्षेत्र में शैक्षणिक शोध विस्तार विषय कही। वह विवि के कला संकाय भवन में वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कहा कि
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जो पढ़ाया जा रहा उससे समाज के साथ सरोकार हो रहा है कि नहीं हो रहा है इस पर ध्यान देने की जरूरत है। कहा कि जिस उद्यमिता का परिचय भगवान बुद्ध ने इस धरती से दिया वह व्यव्यस्था पूरे विश्व में फैलता चला जा रहा है। विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. सोमेश कुमार शुक्ल ने कहा कि 2022 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यू इंडिया का जो मिशन दिया है उस पर कैसे हम दिखाई दे सकते हैं। इसके लिए हमे रिसर्च करना पड़ेगा। बिना रिसर्च के न हम विकसित भारत बन सकते हैं और न ही न्यू इंडिया का सपना साकार कर सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. सुरेन्द्र दुबे ने कहा कि वाणिज्य विभाग की पहली संगोष्ठी में इतने अनुभवी लोगों केे सुनने का मौका मिला। कहा कि उच्चतम पुस्तक का ज्ञान एवं गूगल ज्ञान में बहुत अंतर है। शोध अनवरत करना चाहिए और तब तक करना चाहिए जब परिणाम न आ जाए। कार्यक्रम वाणिज्य विभागाध्यक्ष एवं संगोष्ठी निदेशक डॉ. दीपक मिश्र के निर्देशन में हुआ। इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अथिति ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। साथ ही छात्राओं ने स्वागत गीत एवं राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत की। संचालन डॉ. शिवम शुक्ला ने किया। मौके पर कुलसचिव यूपी सिंह, परीक्षा नियंत्रक व्यास नारायण सिंह, उप कुलसचिव महेंद्र कुमार, डॉ. दिनेश प्रसाद, डॉ. अरुण द्विवेदी, डॉ. नीरज शुक्ल, डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, डॉ. अनुराग अग्रवाल, डॉ. विपुल भट्ट, डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. ज्योति मिश्रा, अंगद तिवारी, काव्या पासवान, सुनील कुमार राय आदि मौजूद रहे।
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