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सर्वेक्षण में ढ़ूढे जाएंगे आठ योजनाओं के वंचित पात्र
Updated Sat, 14 Jul 2018 11:17 PM IST
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सिद्धार्थनगर। प्रदेश में संचालित लाभार्थीपरक एवं कल्याणकारी योजनाओं में वंचित पात्र नए सिरे से ढूंढे जाएंगे। शासन ने नए सिरे से सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत आठ कार्यक्रमों से संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की गई है। सर्वेक्षण का समय अगस्त के प्रथम सप्ताह तक दिया है। अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय की ओर से 12 जुलाई को सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विभिन्न पेंशन, अंत्योदय राशन कार्ड एवं पात्र गृहस्थी राशन कार्ड, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना अंतर्गत छूटे हुए पात्र लाभार्थियों का चिह्नांकन करने के उद्देश्य से एक सर्वेक्षण कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए पति की मौत के उपरांत निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना के लिए महिला कल्याण विभाग, वृद्धावस्था व किसान पेंशन के लिए समाज कल्याण, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लिए नगर विकास विभाग को जवाबदेह बनाया गया है।
सर्वेक्षण कार्य की सफलता के लिए ग्राम सभा में खुली बैठक करने, पूर्व में लाभ पा रहे लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करने, डाटा का संकलन, फीडिंग का कार्य जिलाधिकारी के निर्देशन में होगा। सर्वेक्षित आंकड़ों का योजनावार प्रकाशन डीएम द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। अगस्त के प्रथम सप्ताह तक सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया जाना अनिवार्य किया गया है।
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इन योजनाओं का होगा सर्वेक्षण
निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना, वृद्धावस्था, किसान पेंशन योजना, दिव्यांगजन पेंशन योजना, अंत्योदय राशन कार्ड, पात्र गृहस्थी राशन कार्ड, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को शामिल किया गया है।
सर्वेक्षण कार्य की समय सीमा
सर्वेक्षक का चयन दो दिन, सर्वेक्षक का प्रशिक्षण दो दिन, सर्वेक्षण कार्य 10 दिन, डाटा संकलन छह दिन, आंकड़ों का सत्यापन पांच दिन ।
पर्यवेक्षण के लिए जिला स्तरीय समिति
जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी सचिव, जिला विकास अधिकारी सदस्य, मुख्य चिकित्साधिकारी सदस्य, समाज कल्याण अधिकारी सदस्य, जिला पूर्ति अधिकारी सदस्य, पीडी डीआरडीआए सदस्य, परियोजना अधिकारी डूडा सदस्य व संबंधित जिला स्तरीय अफसर सदस्य पर्यवेक्षण के लिए जिला स्तरीय समिति में शामिल हैं।
कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र एवं छूटे, वंचित लाभार्थियों का सर्वेक्षण कार्य शासन स्तर से प्राप्त निर्देशानुसार कराया जाएगा। इसके लिए योजनाओं से संबंधित विभागों के अफसरों को क्रियान्वयन के लिए निर्देश दिए जाएंगे। कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हर्षिता माथुर, मुख्य विकास अधिकारी
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मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय की ओर से 12 जुलाई को सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विभिन्न पेंशन, अंत्योदय राशन कार्ड एवं पात्र गृहस्थी राशन कार्ड, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना अंतर्गत छूटे हुए पात्र लाभार्थियों का चिह्नांकन करने के उद्देश्य से एक सर्वेक्षण कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए पति की मौत के उपरांत निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना के लिए महिला कल्याण विभाग, वृद्धावस्था व किसान पेंशन के लिए समाज कल्याण, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लिए नगर विकास विभाग को जवाबदेह बनाया गया है।
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सर्वेक्षण कार्य की सफलता के लिए ग्राम सभा में खुली बैठक करने, पूर्व में लाभ पा रहे लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करने, डाटा का संकलन, फीडिंग का कार्य जिलाधिकारी के निर्देशन में होगा। सर्वेक्षित आंकड़ों का योजनावार प्रकाशन डीएम द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। अगस्त के प्रथम सप्ताह तक सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया जाना अनिवार्य किया गया है।
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इन योजनाओं का होगा सर्वेक्षण
निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना, वृद्धावस्था, किसान पेंशन योजना, दिव्यांगजन पेंशन योजना, अंत्योदय राशन कार्ड, पात्र गृहस्थी राशन कार्ड, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को शामिल किया गया है।
सर्वेक्षण कार्य की समय सीमा
सर्वेक्षक का चयन दो दिन, सर्वेक्षक का प्रशिक्षण दो दिन, सर्वेक्षण कार्य 10 दिन, डाटा संकलन छह दिन, आंकड़ों का सत्यापन पांच दिन ।
पर्यवेक्षण के लिए जिला स्तरीय समिति
जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी सचिव, जिला विकास अधिकारी सदस्य, मुख्य चिकित्साधिकारी सदस्य, समाज कल्याण अधिकारी सदस्य, जिला पूर्ति अधिकारी सदस्य, पीडी डीआरडीआए सदस्य, परियोजना अधिकारी डूडा सदस्य व संबंधित जिला स्तरीय अफसर सदस्य पर्यवेक्षण के लिए जिला स्तरीय समिति में शामिल हैं।
कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र एवं छूटे, वंचित लाभार्थियों का सर्वेक्षण कार्य शासन स्तर से प्राप्त निर्देशानुसार कराया जाएगा। इसके लिए योजनाओं से संबंधित विभागों के अफसरों को क्रियान्वयन के लिए निर्देश दिए जाएंगे। कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हर्षिता माथुर, मुख्य विकास अधिकारी