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नदियों में उफान से सैकड़ों बीघा फसल डूबी
Updated Fri, 11 Aug 2017 10:20 PM IST
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परसा (सिद्धार्थनगर)। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में कई दिनों से हो रही बरसात के कारण जिले से होकर गुजरने वाली नदियां उफान पर हैं। घोरही, सुरही, बूढ़ी राप्ती और बानगंगा नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के लोग प्रभावित हैं। उफनती नदियों ने सैकड़ों बीघा धान की फसल को डुबो दिया है।
नेपाल के पहाड़ी हिस्सों में कई दिनों से तेज बरसात हो रही है। इस कारण नेपाल से निकलने वाली नदियों के जलस्तर में तेजी से इजाफा हुआ है। नेपाल के मुजहना, मुजहनी, अलगी, कोनघुसरी, हरदौना, सिंगरहा, कजरहवा, कठौतिया, सोनबरसा, सेमरी, उनवलिया, गैढ़वा में बाढ़ का कहर जारी है। नेपाल से जिले में प्रवेश करने वाली घोरही, सुरही, बानगंगा और बूढ़ी राप्ती नदियां उफान पर हैं। नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण एनएच-730 के उत्तर-दक्षिण दोनों तरफ सैकड़ों बीघे धान की फसल डूब गई है।
वहीं इन नदियों से निकले नाले भी तबाही मचा रहे हैं। बसंतपुर, बेनीनगर, खरिकौरा, बोहली, बनचौरी, कंचनिया नाले का जलस्तर बढने से भयभीत आस-पास के ग्रामीण रतजगा को मजबूर हैं। एनएच के दक्षिण तरफ बूढअ़ी राप्ती और घोरही के तेजी से बढ़े जलस्तर के कारण तालकुंडा ग्रामसभा के तमकुहवा और गोनहा, खैरी शीतल प्रसाद के नकोलेडीह, मुरव्वनडीह, करौता आदि टोलों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। नदियों के बढ़े जलस्तर के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने अभी कोई सुध नहीं लिया है लिहाजा लोगों में निराशा है।
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बाढ़ मेें बह गई सड़क, प्रशासन बेखबर
परसा। औदहीं खुर्द से बसंतपुर पीएमजीएसवाई सड़क पर औदही खुर्द-खरिकौरा के मध्य बनी पुलिया के पास सड़क के बह जाने के कारण आवागमन ठप हो गया। यह सड़क गत वर्ष जुलाई में आई बाढ़ में भी बह गई थी। पीडब्लूडी ने केवल मिट्टी पाटकर काम पूरा कर लिया। ग्रामीणों ने कई बार जिलाधिकारी से लेकर एक्सईएन से लिखित, मौखिक शिकायत करते हुए सड़क की मरम्मत की मांग की। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों की लापरवाही के कारण एक बार फिर उसी स्थान पर सड़क बह गई। मार्ग पर आवागमन ठप होने से लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के पंकज तिवारी, वाजिद, कन्हैया यादव, रमजान, सुनील यादव, लल्लू मिश्र, हेमंत शुक्ल आदि ने तत्काल सड़क की मरम्मत और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग जिलाधिकारी से की है।
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नेपाल के पहाड़ी हिस्सों में कई दिनों से तेज बरसात हो रही है। इस कारण नेपाल से निकलने वाली नदियों के जलस्तर में तेजी से इजाफा हुआ है। नेपाल के मुजहना, मुजहनी, अलगी, कोनघुसरी, हरदौना, सिंगरहा, कजरहवा, कठौतिया, सोनबरसा, सेमरी, उनवलिया, गैढ़वा में बाढ़ का कहर जारी है। नेपाल से जिले में प्रवेश करने वाली घोरही, सुरही, बानगंगा और बूढ़ी राप्ती नदियां उफान पर हैं। नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण एनएच-730 के उत्तर-दक्षिण दोनों तरफ सैकड़ों बीघे धान की फसल डूब गई है।
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वहीं इन नदियों से निकले नाले भी तबाही मचा रहे हैं। बसंतपुर, बेनीनगर, खरिकौरा, बोहली, बनचौरी, कंचनिया नाले का जलस्तर बढने से भयभीत आस-पास के ग्रामीण रतजगा को मजबूर हैं। एनएच के दक्षिण तरफ बूढअ़ी राप्ती और घोरही के तेजी से बढ़े जलस्तर के कारण तालकुंडा ग्रामसभा के तमकुहवा और गोनहा, खैरी शीतल प्रसाद के नकोलेडीह, मुरव्वनडीह, करौता आदि टोलों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। नदियों के बढ़े जलस्तर के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने अभी कोई सुध नहीं लिया है लिहाजा लोगों में निराशा है।
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बाढ़ मेें बह गई सड़क, प्रशासन बेखबर
परसा। औदहीं खुर्द से बसंतपुर पीएमजीएसवाई सड़क पर औदही खुर्द-खरिकौरा के मध्य बनी पुलिया के पास सड़क के बह जाने के कारण आवागमन ठप हो गया। यह सड़क गत वर्ष जुलाई में आई बाढ़ में भी बह गई थी। पीडब्लूडी ने केवल मिट्टी पाटकर काम पूरा कर लिया। ग्रामीणों ने कई बार जिलाधिकारी से लेकर एक्सईएन से लिखित, मौखिक शिकायत करते हुए सड़क की मरम्मत की मांग की। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों की लापरवाही के कारण एक बार फिर उसी स्थान पर सड़क बह गई। मार्ग पर आवागमन ठप होने से लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के पंकज तिवारी, वाजिद, कन्हैया यादव, रमजान, सुनील यादव, लल्लू मिश्र, हेमंत शुक्ल आदि ने तत्काल सड़क की मरम्मत और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग जिलाधिकारी से की है।