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सुधरी परीक्षा व्यवस्था, बंद हुए नकल के ठेके
Sun, 06 Jan 2019 10:58 PM IST
राकेश पांडेय
siddharthnagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 06 Jan 2019 10:58 PM IST
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सिद्धार्थनगर।पहले की सरकारों में ठेके माध्यम से माध्यम नकल कराई जाती थी। परीक्षार्थी के स्थान पर दूसरा शख्स बैठता था। अच्छे बच्चों की कॉपियां बदल दी जाती थीं। वर्तमान सरकार में अब इस पर रोक लगी है। नकल माफिया चिह्नित हुए हैं। उन पर कार्रवाई भी हुई है। ये बातें डिप्टी सीएम ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में कही।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में पहले की तुलना में सुधार हुआ है। भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। यह तभी होगा जब हम नकल रोकेंगे। इस बार और पिछले वर्ष की तुलना और कड़ाई से नकल विहीन व भयमुक्त परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। नकल कराने वालों को जेल भेजा जाएगा। पेपर आउट करने की अगर कोई कोशिश करता है तो उसके खिलाफ रासुका तक की कार्रवाई की जाएगी। इसलिए परीक्षा नकल विहीन होना है। इसमें किसी प्रकार कोताही नहीं बरती जाएगी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि शैक्षिक पंचांग का कड़ाई से अनुपालन करने के कारण ही इंटर कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय तक में समय से कक्षाओं का संचालन, परीक्षा, परीक्षाफल घोषित करने में सफलता मिली है। सिद्धार्थ विवि में भी पंचांग से ही शिक्षण कार्य के लिए कुुलपति को निर्देशित किया गया है।
दूसरों के लिए जीने की नसीहत दी
सिद्धार्थनगर। डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर महात्मा गौतम बुद्ध के जीवन दर्शन और पं. दीन दयाल उपाध्याय के बारे में अध्ययन किया जाए तो दोनों की कार्य संस्कृति में कुछ समानताएं मिलती हैं। दोनों ही दूसरों के लिए जीए। उन्होंने कहा कि अपने के लिए तो सभी जीते हैं कभी दूसरों के लिए जीकर देखो। उसके दुख दर्द को समझो। यहां पैदा हुआ तो रोया, इच्छा पूर्ति के लिए रोता रहा और रोते- रोते एक दिन जीवन ही खत्म हो गया। इसलिए कुछ अच्छा करने के लिए जीएं और हमेशा मदद करने की सोच रखें।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में पहले की तुलना में सुधार हुआ है। भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। यह तभी होगा जब हम नकल रोकेंगे। इस बार और पिछले वर्ष की तुलना और कड़ाई से नकल विहीन व भयमुक्त परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। नकल कराने वालों को जेल भेजा जाएगा। पेपर आउट करने की अगर कोई कोशिश करता है तो उसके खिलाफ रासुका तक की कार्रवाई की जाएगी। इसलिए परीक्षा नकल विहीन होना है। इसमें किसी प्रकार कोताही नहीं बरती जाएगी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि शैक्षिक पंचांग का कड़ाई से अनुपालन करने के कारण ही इंटर कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय तक में समय से कक्षाओं का संचालन, परीक्षा, परीक्षाफल घोषित करने में सफलता मिली है। सिद्धार्थ विवि में भी पंचांग से ही शिक्षण कार्य के लिए कुुलपति को निर्देशित किया गया है।
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दूसरों के लिए जीने की नसीहत दी
सिद्धार्थनगर। डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर महात्मा गौतम बुद्ध के जीवन दर्शन और पं. दीन दयाल उपाध्याय के बारे में अध्ययन किया जाए तो दोनों की कार्य संस्कृति में कुछ समानताएं मिलती हैं। दोनों ही दूसरों के लिए जीए। उन्होंने कहा कि अपने के लिए तो सभी जीते हैं कभी दूसरों के लिए जीकर देखो। उसके दुख दर्द को समझो। यहां पैदा हुआ तो रोया, इच्छा पूर्ति के लिए रोता रहा और रोते- रोते एक दिन जीवन ही खत्म हो गया। इसलिए कुछ अच्छा करने के लिए जीएं और हमेशा मदद करने की सोच रखें।
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