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‘रिमोट से चलने वाले अध्यक्ष क्या जवाब देंगे’
siddharthnagar
Updated Fri, 13 Jul 2018 11:53 PM IST
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जिला पंचायत बोर्ड की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष गरीबदास सांसद, विधायक और जिला पंचायत सदस्य के निशाने पर रहे। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि रिमोट से चलने वाले अध्यक्ष सदस्यों का क्या जवाब देंगे? जिला पंचायत अध्यक्ष गरीब दास को खरी-खोटी सुनाई। सदस्यों ने एक स्वर से कहा कि जिन मामलों की जांच डीएम की अध्यक्षता में चल रही है, उसकी सही-सही रिपोर्ट शासन को सौंपी जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो मामला कोर्ट तक जाएगा। इस पर सांसद ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि मामले की जांच निष्पक्ष होगी।
डुमरियागंज विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार 300 रुपये ड्रेस के नाम पर दे रही है। लेकिन क्षेत्र में 80 रुपये जोड़ी ड्रेस का वितरण हो रहा है। सांसद ने बीएसए से सवाल किया। लेकिन वह बैठक में मौजूद नहीं थे। उनकी जगह एमडीएम के जिला समन्वयक धर्म प्रकाश श्रीवास्तव हस्ताक्षर कर लापता थे। सांसद व विधायक ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सीडीओ से कार्रवाई की बात कही।
जिला पंचायत सदस्य उमर खां ने चार बिंदुओं पर सवाल जवाब किया। पूछा कि शांभवी एवं पंडित इंटर प्राइजेज ने 2017-18 में राज्यवित्त एवं जिला पंचायत के तहत कितने काम किए हैं। परियोजना सहित सूची सदन में उपलब्ध कराएं। जिस फर्म की स्वीकृति नहीं प्रदान की गई उस फर्म का क्या नाम है। इस पर सभी सदस्यों ने हामी भरी। साथ ही सांसद ने भी प्रशासनिक अधिकारी से सूची उपलब्ध कराने को कहा। सदस्यों ने जिला पंचायत के जेई व इंजीनियर पर पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिला पंचायत में मनरेगा के तहत एक भी काम दोनों लोगों ने नहीं कराए हैं। ऐसे में राज्यवित्त का काम भी उनसे न कराया जाए।
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इस पर भी सांसद काफी नाराज हुए और कहा कि अगर मनरेगा के काम करने से कतरा रहे हैं, तो किसी अन्य कार्यदायी संस्था से जिला पंचायत के सारे काम कराए जाएं। इससे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गरीबदास की अध्यक्षता में हुई बैठक में आठ बिंदुओं पर चर्चा हुई। 2018-19 की मनरेगा की कार्ययोजना, खनिज परिवहन शुल्क वसूली आदि कार्यों की अनुमति ली गई। विधायक श्याम धनी राही, इटवा विधायक सतीश द्विवेदी, सीडीओ हर्षिता माथुर, जिला पंचायत सदस्य गंगा मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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डुमरियागंज विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार 300 रुपये ड्रेस के नाम पर दे रही है। लेकिन क्षेत्र में 80 रुपये जोड़ी ड्रेस का वितरण हो रहा है। सांसद ने बीएसए से सवाल किया। लेकिन वह बैठक में मौजूद नहीं थे। उनकी जगह एमडीएम के जिला समन्वयक धर्म प्रकाश श्रीवास्तव हस्ताक्षर कर लापता थे। सांसद व विधायक ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सीडीओ से कार्रवाई की बात कही।
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जिला पंचायत सदस्य उमर खां ने चार बिंदुओं पर सवाल जवाब किया। पूछा कि शांभवी एवं पंडित इंटर प्राइजेज ने 2017-18 में राज्यवित्त एवं जिला पंचायत के तहत कितने काम किए हैं। परियोजना सहित सूची सदन में उपलब्ध कराएं। जिस फर्म की स्वीकृति नहीं प्रदान की गई उस फर्म का क्या नाम है। इस पर सभी सदस्यों ने हामी भरी। साथ ही सांसद ने भी प्रशासनिक अधिकारी से सूची उपलब्ध कराने को कहा। सदस्यों ने जिला पंचायत के जेई व इंजीनियर पर पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिला पंचायत में मनरेगा के तहत एक भी काम दोनों लोगों ने नहीं कराए हैं। ऐसे में राज्यवित्त का काम भी उनसे न कराया जाए।
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इस पर भी सांसद काफी नाराज हुए और कहा कि अगर मनरेगा के काम करने से कतरा रहे हैं, तो किसी अन्य कार्यदायी संस्था से जिला पंचायत के सारे काम कराए जाएं। इससे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गरीबदास की अध्यक्षता में हुई बैठक में आठ बिंदुओं पर चर्चा हुई। 2018-19 की मनरेगा की कार्ययोजना, खनिज परिवहन शुल्क वसूली आदि कार्यों की अनुमति ली गई। विधायक श्याम धनी राही, इटवा विधायक सतीश द्विवेदी, सीडीओ हर्षिता माथुर, जिला पंचायत सदस्य गंगा मिश्रा आदि मौजूद रहे।