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वार्ड में मिली गंदगी, बेडों पर नहीं थी चादर
siddharthnagar
Updated Fri, 29 Jun 2018 11:11 PM IST
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जिला अस्पताल का निरीक्षण करते जिले के नोडल अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। लोक निर्माण विभाग के सचिव और जनपद के नोडल अधिकारी समीर वर्मा ने संयुक्त जिला चिकित्सालय का शुक्रवार को निरीक्षण किया। मरीजों से सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और वार्डों की हकीकत से रूबरू हुए। वार्ड में बेड पर चद्दर न होने और गंदगी मिलने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
शुक्रवार को सुबह नौ बजे सचिव समीर वर्मा जिला अस्पताल पहुंच गए। सबसे पहले ओपीडी में डाक्टरों से मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। पीआईसीयू में भर्ती मरीज के परिजनों से बातचीत की। उपलब्ध संसाधनों की सक्रियता के बारे में भी पड़ताल की। एसएनसीयू में 20 बेड का संचालन शीघ्र कराने का निर्देश दिया। जनरल वार्ड में बेड पर चद्दर न पाए जाने पर सवाल उठाया। पेयजल वाले स्थल पर गंदगी मिलने पर सीएमएस को हिदायत दी। दवा स्टोर में पहुंचकर उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि 45 दवाओं के डिमांड के सापेक्ष अब तक सिर्फ एक ही दवा मिल सकी है। जल्द ही दवा उपलब्ध न हुई तो स्थिति भयावह हो सकती हैं। दवाओं की वैधता तिथि पर किए सवाल पर कर्मियों के पसीने छूट गए। जानकारी में पता चला कि फिजीशियन, महिला सर्जन व स्टाफ नर्सों की काफी कमी है। उन्होंने समस्याओं के निराकरण को लेकर ठोस आश्वासन दिया। इस मौके पर प्रभारी डीएम/सीडीओ हर्षिता माथुर, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला, एसडीएम राजेश सिंह, सीएमएस डा. रोचस्मति पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके चौधरी, एसीएमओ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी की उपस्थिति रहे। सदर थाने के निरीक्षण में सचिव को सबकुछ ठीकठाक मिला। इस दौरान एएसपी मुन्ना लाल, सीओ सुनील सिंह, प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह भी मौजूद रहे।
नायब तहसीलदार और रजिस्ट्रार कानूनगो की शिकायत
सदर तहसील के निरीक्षण में सचिव समीर वर्मा ने अभिलेखों के रखरखाव के साथ ही राजस्व कार्यों की उपलब्धियों पर गहनता से पूछताछ की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने स्थानांतरण के बाद भी नायब तहसीलदार अश्वनी कुमार, रजिस्ट्रार कानूनगो मथुरा प्रसाद को कार्यमुक्त न किए जाने की शिकायत की। अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसीलदार जब से आए तब से विवादों में रहे है। कई बार शिकायत भी हो चुकी है। लेकिन डीएम भी मामले में कार्रवाई नहीं कर रहे है। वहीं मुरलीधर बनाम सरकार के मामले में एसडीएम के आदेश पर भी राजस्व निरीक्षक द्वारा पैमाइश न किए जाने की शिकायत की। जिस पर सचिव ने उपजिलाधिकारी राजेश सिंह को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
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खराब प्रगति पर अफसरों को फटकार
विकास भवन के अंबेडकर सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में खराब प्रगति वाले विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति कर दी जाएगी। जुलाई से स्कूल खुलने की दिशा में लागू योजनाओं व कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया। स्वच्छ शौचालयों के निर्माण, पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने, राशन कार्डों की आधार फीडिंग, स्वास्थ्य विभाग व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों को शत प्रतिशत लागू करते हुए लाभार्थियों को लाभान्वित करने के लिए हर स्तर पर प्रयास हो। खराब ट्रांसफार्मरों को समयबद्ध बदलने के लिए भी निर्देशित किया। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुुए सचिव ने प्रभारी एसपी को कड़ी हिदायत दी।
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शुक्रवार को सुबह नौ बजे सचिव समीर वर्मा जिला अस्पताल पहुंच गए। सबसे पहले ओपीडी में डाक्टरों से मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। पीआईसीयू में भर्ती मरीज के परिजनों से बातचीत की। उपलब्ध संसाधनों की सक्रियता के बारे में भी पड़ताल की। एसएनसीयू में 20 बेड का संचालन शीघ्र कराने का निर्देश दिया। जनरल वार्ड में बेड पर चद्दर न पाए जाने पर सवाल उठाया। पेयजल वाले स्थल पर गंदगी मिलने पर सीएमएस को हिदायत दी। दवा स्टोर में पहुंचकर उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि 45 दवाओं के डिमांड के सापेक्ष अब तक सिर्फ एक ही दवा मिल सकी है। जल्द ही दवा उपलब्ध न हुई तो स्थिति भयावह हो सकती हैं। दवाओं की वैधता तिथि पर किए सवाल पर कर्मियों के पसीने छूट गए। जानकारी में पता चला कि फिजीशियन, महिला सर्जन व स्टाफ नर्सों की काफी कमी है। उन्होंने समस्याओं के निराकरण को लेकर ठोस आश्वासन दिया। इस मौके पर प्रभारी डीएम/सीडीओ हर्षिता माथुर, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला, एसडीएम राजेश सिंह, सीएमएस डा. रोचस्मति पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके चौधरी, एसीएमओ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी की उपस्थिति रहे। सदर थाने के निरीक्षण में सचिव को सबकुछ ठीकठाक मिला। इस दौरान एएसपी मुन्ना लाल, सीओ सुनील सिंह, प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह भी मौजूद रहे।
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नायब तहसीलदार और रजिस्ट्रार कानूनगो की शिकायत
सदर तहसील के निरीक्षण में सचिव समीर वर्मा ने अभिलेखों के रखरखाव के साथ ही राजस्व कार्यों की उपलब्धियों पर गहनता से पूछताछ की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने स्थानांतरण के बाद भी नायब तहसीलदार अश्वनी कुमार, रजिस्ट्रार कानूनगो मथुरा प्रसाद को कार्यमुक्त न किए जाने की शिकायत की। अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसीलदार जब से आए तब से विवादों में रहे है। कई बार शिकायत भी हो चुकी है। लेकिन डीएम भी मामले में कार्रवाई नहीं कर रहे है। वहीं मुरलीधर बनाम सरकार के मामले में एसडीएम के आदेश पर भी राजस्व निरीक्षक द्वारा पैमाइश न किए जाने की शिकायत की। जिस पर सचिव ने उपजिलाधिकारी राजेश सिंह को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
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खराब प्रगति पर अफसरों को फटकार
विकास भवन के अंबेडकर सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में खराब प्रगति वाले विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति कर दी जाएगी। जुलाई से स्कूल खुलने की दिशा में लागू योजनाओं व कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया। स्वच्छ शौचालयों के निर्माण, पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने, राशन कार्डों की आधार फीडिंग, स्वास्थ्य विभाग व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों को शत प्रतिशत लागू करते हुए लाभार्थियों को लाभान्वित करने के लिए हर स्तर पर प्रयास हो। खराब ट्रांसफार्मरों को समयबद्ध बदलने के लिए भी निर्देशित किया। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुुए सचिव ने प्रभारी एसपी को कड़ी हिदायत दी।