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कस्तूरबा विद्यालय के संचालन में लापरवाही क्षम्य नहीं
Updated Tue, 27 Jun 2017 10:03 PM IST
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सिद्धार्थनगर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के बेहतर संचालन में दायित्वों के प्रति लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। यह चेतावनी बीएसए अरविंद कुमार पाठक ने मंगलवार को दी। वह ब्लॉक संसाधन केंद्र जोगिया में वार्डेन व सहायक लेखाकार की समीक्षा बैठक ले रहे थे।
बीएसए ने कहा कि सभी वार्डेन व फुल टाइम शिक्षकों को विद्यालय में ही रात्रि निवास करना होता है। निरीक्षण में शिथिलता पाए जाने पर संविदा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने कहा कि सहायक लेखाकर अब सप्ताह में निर्धारित दो दिवसों में ही जिला कार्यालय आ सकेंगे और फुल टाइम को माह में दो रोटेशन लीव ही दिया जाएगा। बीएसए ने कहा कि प्रत्येक दशा में 10 जुलाई तक विद्यालय का रंगाई-पुताई हो जाए और निर्धारित सभी 100 सीट पर पात्र बालिकाओं का प्रवेश हो जाए। कक्षाओं का संचालन समय सारिणी के अनुसार हो और जुलाई के अंतिम सप्ताह में बच्चों का मूल्यांकन कराया जाएगा। बीएसए ने कहा कि नामांकित सभी बच्चों के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है। विद्यालय में पढ़ने वाली बच्चियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। बीएसए ने कहा कि वार्डन यह सुनिश्चित कर लें कि अग्निशमन यंत्र प्रयोग लायक हो और उसमें तय समयसीमा के बाद रिफिलिंग कराई गई हो। बीएसए ने बाढ़ क्षेत्र में अवस्थित केजीबीवी के बारे में पहले से ही कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। बालिकाओं को प्रतिदिन निर्धारित मीनू के अनुसार नाश्ता व भोजन मिलना चाहिए और दीवाल पर होने वाले व्यय को अंकित कराया जाए इसमें लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार दंडित किए जाएंगे। साथ ही उन क्षेत्रों में विशेष भ्रमण करने की हिदायत डी गई है, जहां आउट ऑफ स्कूल बच्चियां विद्यालय में अभी तक नामांकित नहीं हो पाई हैं। बैठक में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव सहित सरोज सिंह, ममता सिंह, गीता यादव, शशिकिरन आदि मौजूद रही।
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बीएसए ने कहा कि सभी वार्डेन व फुल टाइम शिक्षकों को विद्यालय में ही रात्रि निवास करना होता है। निरीक्षण में शिथिलता पाए जाने पर संविदा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने कहा कि सहायक लेखाकर अब सप्ताह में निर्धारित दो दिवसों में ही जिला कार्यालय आ सकेंगे और फुल टाइम को माह में दो रोटेशन लीव ही दिया जाएगा। बीएसए ने कहा कि प्रत्येक दशा में 10 जुलाई तक विद्यालय का रंगाई-पुताई हो जाए और निर्धारित सभी 100 सीट पर पात्र बालिकाओं का प्रवेश हो जाए। कक्षाओं का संचालन समय सारिणी के अनुसार हो और जुलाई के अंतिम सप्ताह में बच्चों का मूल्यांकन कराया जाएगा। बीएसए ने कहा कि नामांकित सभी बच्चों के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है। विद्यालय में पढ़ने वाली बच्चियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। बीएसए ने कहा कि वार्डन यह सुनिश्चित कर लें कि अग्निशमन यंत्र प्रयोग लायक हो और उसमें तय समयसीमा के बाद रिफिलिंग कराई गई हो। बीएसए ने बाढ़ क्षेत्र में अवस्थित केजीबीवी के बारे में पहले से ही कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। बालिकाओं को प्रतिदिन निर्धारित मीनू के अनुसार नाश्ता व भोजन मिलना चाहिए और दीवाल पर होने वाले व्यय को अंकित कराया जाए इसमें लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार दंडित किए जाएंगे। साथ ही उन क्षेत्रों में विशेष भ्रमण करने की हिदायत डी गई है, जहां आउट ऑफ स्कूल बच्चियां विद्यालय में अभी तक नामांकित नहीं हो पाई हैं। बैठक में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव सहित सरोज सिंह, ममता सिंह, गीता यादव, शशिकिरन आदि मौजूद रही।
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