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60 दिन में ही उखड़ी 60 लाख की सड़क
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 11 Jan 2018 10:41 PM IST
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सिद्धार्थनगर। कुल 59.57 लाख रुपये की लागत से बनी दो किमी लंबी नगर की मुख्य सड़क दो माह भी नहीं चल पाई है। नवनिर्मित सड़क की गिट्टियां उखड़नी शुरू हो गई है। कई जगहों पर गड्ढे भी बन गए। मुख्यालय की मुख्य सड़क की दो माह में यह दशा देख नागरिक हैरान है। सड़क की यह हालत न सिर्फ घटिया निर्माण कार्य की पोल खोल रही है, बल्कि भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के दावों की भी सच्चाई उजागर कर रही है।
नगर पालिका सीमा अंतर्गत उसका तिराहा से बांसी मोड़ तक मुख्य सड़क के नवीनीकरण के लिए सूबे के संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने 18 अक्टूबर को कार्य का शिलान्यास किया था। निकाय चुनाव से ठीक पहले इसे नगरवासियों के लिए बड़ा तोहफा माना जा रहा था। मगर सड़क नवीनीकरण के नाम पर अब लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
दरअसल, 59.57 लाख की लागत से जो मरम्मत कार्य हुआ है, उसने सड़क की हालत पहले से भी बदतर कर दी है। मानक की जमकर अनदेखी के चलते दो माह में ही कई जगहों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ गई हैं। गड्ढे बनने लगे हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इससे बेहतर तो पुरानी सड़क थी। सड़क निर्माण के नाम पर जिम्मेदारों ने सिर्फ अपनी जेब भरी है। शासन-प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है।
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नगर पालिका सीमा अंतर्गत उसका तिराहा से बांसी मोड़ तक मुख्य सड़क के नवीनीकरण के लिए सूबे के संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने 18 अक्टूबर को कार्य का शिलान्यास किया था। निकाय चुनाव से ठीक पहले इसे नगरवासियों के लिए बड़ा तोहफा माना जा रहा था। मगर सड़क नवीनीकरण के नाम पर अब लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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दरअसल, 59.57 लाख की लागत से जो मरम्मत कार्य हुआ है, उसने सड़क की हालत पहले से भी बदतर कर दी है। मानक की जमकर अनदेखी के चलते दो माह में ही कई जगहों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ गई हैं। गड्ढे बनने लगे हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इससे बेहतर तो पुरानी सड़क थी। सड़क निर्माण के नाम पर जिम्मेदारों ने सिर्फ अपनी जेब भरी है। शासन-प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है।
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