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छह व सात की ‘मंजरी’ में गलतियों की भरमार
Wed, 16 Jan 2019 10:38 PM IST
राकेश पांडेय
siddharthnagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Wed, 16 Jan 2019 10:38 PM IST
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मंजरी’ में गलतियों की भरमार
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। आपका बच्चा परिषदीय विद्यालय में पढ़ रहा है तो जरा संभल जाएं। कक्षा छह व सात की हिंदी की पुस्तक में गलतियों की भरमार है। कवि गोपाल दास नीरज, रामप्रसाद बिस्मिल समेत कई महापुरुषों व कवियों के जीवन परिचय में उनकी जन्म की तिथियां गलत प्रकाशित हैं। बच्चों को भी यही पढ़ाया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा परिषद की कक्षा एक से लेकर कक्षा पांच तक हिंदी की पुस्तक कलरव है। वहीं कक्षा छह से कक्षा आठ तक मंजरी पुस्तक पढ़ाई जाती है। कक्षा छह की इस पुस्तक में पेज संख्या 85 पर गोपाल दास नीरज का संक्षिप्त परिचय है। पुस्तक में जन्म आठ फरवरी 1926 प्रकाशित है, जबकि वास्तविक तिथि चार जनवरी 1925 है। पेज संख्या 28 पर राम प्रसाद बिस्मिल का भी जन्म चार जून 1897 प्रकाशित है। जबकि वास्तविक तिथि 11 जून 1897 है। पेज संख्या 104 पर भवानी प्रसाद मिश्र का जन्म 29 मार्च 1914 पढ़ाया जा रहा है। जबकि जन्म 1913 में हुआ था। कक्षा सात की मंजरी में पेज संख्या 50 पर नागार्जुन की जन्म तिथि दिवस 1910 प्रकाशित है। वास्तविक जन्म 30 जून 1911 में हुआ था। इसी पुस्तक के पेज संख्या 10 पर जय प्रकाश प्रसाद का जन्मदिवस 30 जनवरी 1890 की जगह 1889 प्रकाशित किया गया है। सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्मदिन 21 फरवरी 1899 की जगह 1897 प्रकाशित है। पेज 72 पर आशार्पूणा देवी का जन्मदिवस आठ जनवरी 1909 की जगह आठ फरवरी प्रकाशित है। कवि सूरदास की मृत्यु वर्ष1580 की जगह 1585 प्रकाशित है।
पुस्तकों में महापुरुषों की गलत जन्मतिथि प्रकाशित होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है, तो इसे सही करवाने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद को पत्र भेजकर जन्मतिथि सहित अन्य गलतियां सही कराई जाएंगी। जिससे की बच्चों को सही ज्ञान मिल सके।
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राम सिंह, बीएसए
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के उदासीनता के कारण महापुरुषों के बारे में बच्चे गलत जानकारी ले रहे हैं। प्रारंभिक अवस्था में जो बच्चा सीखता है, वह उसे हमेशा याद रहती है। इस ज्ञान से बच्चों का भविष्य अंधकार मय हो रहा है। सरकार को सही किताब का प्रकाशन कराना चाहिए।
प्रो सुरेंद्र मिश्र, विभागाध्यक्ष इतिहास, बुद्ध विद्या पीठ डिग्री कॉलेज
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बेसिक शिक्षा परिषद की कक्षा एक से लेकर कक्षा पांच तक हिंदी की पुस्तक कलरव है। वहीं कक्षा छह से कक्षा आठ तक मंजरी पुस्तक पढ़ाई जाती है। कक्षा छह की इस पुस्तक में पेज संख्या 85 पर गोपाल दास नीरज का संक्षिप्त परिचय है। पुस्तक में जन्म आठ फरवरी 1926 प्रकाशित है, जबकि वास्तविक तिथि चार जनवरी 1925 है। पेज संख्या 28 पर राम प्रसाद बिस्मिल का भी जन्म चार जून 1897 प्रकाशित है। जबकि वास्तविक तिथि 11 जून 1897 है। पेज संख्या 104 पर भवानी प्रसाद मिश्र का जन्म 29 मार्च 1914 पढ़ाया जा रहा है। जबकि जन्म 1913 में हुआ था। कक्षा सात की मंजरी में पेज संख्या 50 पर नागार्जुन की जन्म तिथि दिवस 1910 प्रकाशित है। वास्तविक जन्म 30 जून 1911 में हुआ था। इसी पुस्तक के पेज संख्या 10 पर जय प्रकाश प्रसाद का जन्मदिवस 30 जनवरी 1890 की जगह 1889 प्रकाशित किया गया है। सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्मदिन 21 फरवरी 1899 की जगह 1897 प्रकाशित है। पेज 72 पर आशार्पूणा देवी का जन्मदिवस आठ जनवरी 1909 की जगह आठ फरवरी प्रकाशित है। कवि सूरदास की मृत्यु वर्ष1580 की जगह 1585 प्रकाशित है।
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पुस्तकों में महापुरुषों की गलत जन्मतिथि प्रकाशित होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है, तो इसे सही करवाने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद को पत्र भेजकर जन्मतिथि सहित अन्य गलतियां सही कराई जाएंगी। जिससे की बच्चों को सही ज्ञान मिल सके।
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राम सिंह, बीएसए
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के उदासीनता के कारण महापुरुषों के बारे में बच्चे गलत जानकारी ले रहे हैं। प्रारंभिक अवस्था में जो बच्चा सीखता है, वह उसे हमेशा याद रहती है। इस ज्ञान से बच्चों का भविष्य अंधकार मय हो रहा है। सरकार को सही किताब का प्रकाशन कराना चाहिए।
प्रो सुरेंद्र मिश्र, विभागाध्यक्ष इतिहास, बुद्ध विद्या पीठ डिग्री कॉलेज