फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   500 new hand pumps will be installed...drinking water problem will be solved

Siddharthnagar News: 500 नये हैंडपंप लगेंगे...दूर होगी पेयजल की समस्या

Wed, 06 Mar 2024 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 06 Mar 2024 11:22 PM IST
विज्ञापन
500 new hand pumps will be installed...drinking water problem will be solved
सिद्धार्थनगर। गर्मी में होने वाली पानी की किल्लत से काफी हद तक निजात मिलेगी। क्योंकि लोगों को पेयजल मुहैया कराने के लिए जिले में 500 हैंडपंप लगाए जाएंगे। लगभग पांच साल से बंद हो चुकी हैंडपंप लगाने की योजना को सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत संजीवन मिली है। इससे गर्मी में होने वाली पेयजल की समस्या दूर होगी। दो माह के भीतर ही सभी हैंडपंप लगा दिए जाएंगे। करीब सवा तीन करोड़ की लागत से हैंडपंप लगाने का काम होना है।
विज्ञापन


नेपाल बॉर्डर से लगने वाले बढ़नी, शोहरतगढ़ और अंशिक रूप से बर्डपुर ब्लॉक का इलाका गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से जूझता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में गर्मी में होने वाली पेयजल की किल्लत को देखते हुए सीएसआर प्रोजेक्ट से सांसद जगदंबिका पाल के प्रयास से 500 इंडिया मार्का-टू हैंडपंप लगाने की स्वीकृत हुई है। इससे गर्मी में होने वाली पेयजल की समस्या से लोगों को निजात मिलेगा।
विज्ञापन


जल निगम से ग्राम पंचायत में जाने के बाद बिगड़ी व्यवस्था

जल निगम में लगभग पांच साल पहले सरकारी हैंडपंपों के सर्वे में जिले में 32 हजार हैंडपंप लगा होना पाया गया था। इसमें लगभग 22 हजार चलते हाल में मिले थे। मौजूदा समय में 10 हजार से अधिक हैंडपंप रिबोर और अन्य वजह से खराब पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


629 परियोजनाओं पर हो रहा है काम

हर घर पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत ओवरहैड टैंक से जलापूर्ति के लिए काम चल रहा है। जिले में 629 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। लेकिन उसके सुचारु रूप से शुरू होने में लगभग दो साल का वक्त लगेगा। कारण कहीं पर टैंक नहीं बना है तो कहीं पर पानी डालने का काम बाकी है। ऐसे में अगर 500 हैंडपंप लग जाएंगे तो लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।

हैंडपंप पर निर्भर है बड़ी आबादी

मौजूदा समय में जिले की आबादी तकरीबन 29 लाख के आसपास होगी। इसमें 40 प्रतिशत आबादी ऐसी है जिसके पास खुद का हैंडपंप, समरसेबल आदि की व्यवस्था है। या फिर आरओ का पानी खरीदकर सेवन करते हैं। 30 प्रतिशत आबादी के पास अभी भी देसी नल होगा। वहीं, 30 प्रतिशत आबादी ऐसी है जो आज भी सरकार हैंडपंप या फिर दूसरे घर पर लगे हैंडपंप से प्यास बुझाती है।

डुमरियागंज नगर पंचायत के सुभाष नगर वार्ड में विजय कुमार के घर के सामने लगे हैंडपंप पिछले तीन वर्ष से खराब है। हैंडपंप बनवाने के लिए सभासद से कई बार कहा। लेकिन अब तक नहीं बना है।


-विजय कुमार, निवासी डुमरियागंज

वार्ड नंबर नौ में केनरा बैंक खुला है। बैंक के सामने एक हैंडपंप लगा है। लेकिन वह करीब एक साल से खराब है। हैंडपंप सही होता तो गरमी में बहुत लोगों को लाभ मिलता।

-शुभम सोनी, निवासी डुमरियागंज

500 हैंडपंप लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत यह हैंडपंप लग रहे हैं। जल्द ही हैंडपंप लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।

-मदनराम पाल, अधीशासी अभियंता जलनिगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed