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अस्पताल में दवाओं की किल्लत

Wed, 17 Oct 2018 10:08 PM IST
siddharthnagar
siddharthnagar Updated Wed, 17 Oct 2018 10:08 PM IST
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अस्पताल में दवाओं की किल्लत
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को उपचार के लिए पहुंचे मरीज। - फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। बदले मौसम से बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। इस कारण जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन करीब नौ सौ मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। इसमें से करीब आधे बच्चे हैं। पिछले करीब 15 दिनों से जिला अस्पताल में खांसी, बुखार, जुकाम, फंगस आदि से जुड़ी दवाइयां की किल्लत है। ऐसे में यहां उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों को सारी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। इस संबंध में सीएमएस ने करीब एक सप्ताह पूर्व पत्र लिखा पर अब तक दवाइयां नहीं उपलब्ध हो सकी हैं।
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वहीं इमरजेंसी वार्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिदिन औसतन 50 से अधिक मरीज गंभीर हाल में पहुंच रहे हैं। इसमें तेज बुखार से ग्रसित मरीजों की संख्या अधिक है। अस्पताल में आने वाले इन मरीजों को दी जाने वाली अधिकांश दवाइयां हैं ही नहीं। मजबूरन लोगों को बाहर से दवा खरीदना पड़ रहा है। सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय बताया कि दवाओं को मंगाने के लिए करीब एक सप्ताह पूर्व पत्राचार किया गया है। जल्द से जल्द दवाइयां उपलब्ध हो जाएंगी।
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दवा बाहर से ले लें
जिला अस्पताल के ओपीडी में बुधवार मरीजों की भीड़ थी। दवा काउंटर पर दवा लेकर लौट रहे महुआ निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि दो साल का बेटा मुन्नू पांच दिनों से जुकाम व बुखार से पीड़ित है। परामर्श के बाद जब दवा लेने गए तो काउंटर पर गया तो बताया खांसी की दवा अभी उपलब्ध नहीं है। चन्नरगड्डी गांव निवासी ने विजय ने बताया कि बच्चे को एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। परामर्श के बाद डॉक्टरों को बुखार की दवा लिखी। मगर दवा काउंटर दवा न होने की बात बताई गई। कहा गया बाहर से ले लें। जगदीशपुर की किताबुनिशा ने बताया कि बेटे सरफराज को बुखार है। दवा नहीं मिली तो बाहर से खरीदनी पड़ी। महुआ खुर्द के जगदीश ने बताया कि खुजली से परेशान हूूं। डॉक्टर ने जो दवा लिखा है। वह उपलब्ध अस्पताल में नहीं है। नगरा के राजीव और जोगिया के रामशुभम ने भी बताया कि बेटों के लिए इलाज के लिए आए है। लेकिन पैरासिटामॉल सीरप भी अस्पताल में नहीं है।
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नहीं हैं यह दवाइयां
कफ सिरप, आई और इयर ड्राप्स, बच्चों की पैरासिटामॉल सीरप, बच्चों की खांसी का सीरप, चोट पर लगाने वाला मरहम, दाद-खाज-खुजली पर लगाने वाली ट्यूब, बेबीलोशन क्रीम, एंटीफंगल टेबलेट, मल्टी विटामिन, गैस सिरप आदि दवाएं पिछले कुछ दिनों से नहीं हैं।


बरतें यह सावधानी
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि मौसम में एकाएक बदलाव से सर्दी-जुकाम और फीवर का प्रकोप बढ़ गया है। जरा सी चूक के कारण बच्चे इन बीमारियों की चपेट में आ जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों को ज्यादा देखभाल करने की आवश्यकता है। सुबह शाम बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। संभव हो तो सुबह बच्चों को बाहर न निकलने दें। खुले में न सोएं। पानी हल्का गुनगुना करके पीएं। साफ-सफाई का ध्यान रखें। अगर दिक्कत होती है तो तत्काल अस्पताल में पहुंचाएं।
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