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प्रतिमा तोड़ने वालों पर कार्रवाई करे सरकार
Updated Thu, 07 Sep 2017 10:47 PM IST
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सिद्धार्थनगर। भाकियू के संगठन संस्थापक की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने के विरोध में गुरुवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। प्रतिमा तोड़ने वालों पर कार्रवाई व नई प्रतिमा स्थापित करने सहित 10 सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष इश्तियाक अहमद ने कहा कि बिजनौर में संगठन संस्थापक महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिसे कुछ अराजक तत्वों ने तोड़ दिया है। प्रतिमा तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाए और नई प्रतिमा स्थापित की जाए। उन्होंने जिले को बाढ़ प्रभावित घोषित करते हुए किसानों को 10 हजार रुपये बीघा मुआवजा देने, बाढ़ प्रभावित अधिकांश गांवों में राहत सामग्री वितरण में भेदभाव करने वाले लेखपालों पर कार्रवाई करने, जिले में राशन कार्ड बनाने में बरती जा रही अनियमितता की जांच कर कार्रवाई करने, अपात्रों का नाम सूची से हटाने, बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांगों को भी प्रमुखता से उठाया।
जिले में बिना मान्यता के चल रहे विद्यालयों की जांच करते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की। कहा कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो संगठन आंदोलन तेज करेगा। इस दौरान नरसिंह पांडेय, दुर्गेश श्रीवास्तव, राकेश कुमार श्रीवास्तव, रामसमुझ गुप्ता, मुरलीधर, राजाराम लोधी, राजेंद्र प्रसाद, रामसेवक, श्रवण कुमार आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष इश्तियाक अहमद ने कहा कि बिजनौर में संगठन संस्थापक महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिसे कुछ अराजक तत्वों ने तोड़ दिया है। प्रतिमा तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाए और नई प्रतिमा स्थापित की जाए। उन्होंने जिले को बाढ़ प्रभावित घोषित करते हुए किसानों को 10 हजार रुपये बीघा मुआवजा देने, बाढ़ प्रभावित अधिकांश गांवों में राहत सामग्री वितरण में भेदभाव करने वाले लेखपालों पर कार्रवाई करने, जिले में राशन कार्ड बनाने में बरती जा रही अनियमितता की जांच कर कार्रवाई करने, अपात्रों का नाम सूची से हटाने, बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांगों को भी प्रमुखता से उठाया।
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जिले में बिना मान्यता के चल रहे विद्यालयों की जांच करते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की। कहा कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो संगठन आंदोलन तेज करेगा। इस दौरान नरसिंह पांडेय, दुर्गेश श्रीवास्तव, राकेश कुमार श्रीवास्तव, रामसमुझ गुप्ता, मुरलीधर, राजाराम लोधी, राजेंद्र प्रसाद, रामसेवक, श्रवण कुमार आदि मौजूद रहे।
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