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नहीं किया चारे का इंतजाम, छुट्टा पशुओं को 48 घंटे के बाद छोड़ा
Mon, 07 Jan 2019 10:38 PM IST
राकेश पांडेय
siddharthnagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 07 Jan 2019 10:38 PM IST
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सोमवार को पार्क में मिला सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। प्रशासन द्वारा शनिवार सुबह करीब 100 छुट्टा पशुओं को पकड़कर चित्रगुप्त पार्क में बंद किया गया था। रविवार शाम तक जब पशुओं को चारा-पानी नहीं दिया गया तो स्थानीय लोगों ने इसे लेकर बर्डपुर-नौगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने और ईओ द्वारा सोमवार सुबह चारे-पानी की व्यवस्था करने की बात कहकर जाम खुलवा दिया गया।
सात जनवरी के अंक में अमर उजाला द्वारा ‘छुट्टा पशु पार्क में बंद, 36 घंटे से न चारा दिया न पानी’ शीर्षक की खबर प्रकाशित किए जाने के बाद पशुओं को लेकर जाकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। आनन-फानन पर प्रशासन का यह एक्शन लोगों के गले नहीं उतर रहा है। आखिर जब पशुओं को छोड़ा ही जाना था तो उन्हें करीब 48 घंटे तक भूखे प्यासे कैद करके क्यों रखा गया। इस बारे में एसडीएम सदर उमेशचंद निगम ने बताया कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए छुट्टा पशुओं को पकड़वाया गया था। स्थाई व्यवस्था न होने के कारण उन्हें ऐसे स्थान पर छोड़ दिया गया, जहां वे लोगों को परेशान न कर सकें। जब पशुओं के खाने और रखने के व्यवस्था हो जाएगी तब उन्हें पकड़वाकर गोशाला में रखा जाएगा। वहीं पालिका के अधिशासी अधिकारी एसके गुप्ता ने भी बताया कि स्थाई आश्रय व खाने की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है, जहां किसानों को क्षति न होने पाए और पशु भी सुरक्षित रहें। हालांकि सुरक्षित स्थान के संबंध में पूछने पर एसडीएम और ईओ ने ‘सुरक्षित स्थान’ का नाम नहीं बताया।
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सात जनवरी के अंक में अमर उजाला द्वारा ‘छुट्टा पशु पार्क में बंद, 36 घंटे से न चारा दिया न पानी’ शीर्षक की खबर प्रकाशित किए जाने के बाद पशुओं को लेकर जाकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। आनन-फानन पर प्रशासन का यह एक्शन लोगों के गले नहीं उतर रहा है। आखिर जब पशुओं को छोड़ा ही जाना था तो उन्हें करीब 48 घंटे तक भूखे प्यासे कैद करके क्यों रखा गया। इस बारे में एसडीएम सदर उमेशचंद निगम ने बताया कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए छुट्टा पशुओं को पकड़वाया गया था। स्थाई व्यवस्था न होने के कारण उन्हें ऐसे स्थान पर छोड़ दिया गया, जहां वे लोगों को परेशान न कर सकें। जब पशुओं के खाने और रखने के व्यवस्था हो जाएगी तब उन्हें पकड़वाकर गोशाला में रखा जाएगा। वहीं पालिका के अधिशासी अधिकारी एसके गुप्ता ने भी बताया कि स्थाई आश्रय व खाने की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है, जहां किसानों को क्षति न होने पाए और पशु भी सुरक्षित रहें। हालांकि सुरक्षित स्थान के संबंध में पूछने पर एसडीएम और ईओ ने ‘सुरक्षित स्थान’ का नाम नहीं बताया।
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