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आज से जांच का आश्वासन, सभासदों ने अनशन तोड़ा
siddharthnagar
Updated Tue, 23 Oct 2018 10:16 PM IST
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आमरण अनशन पर बैठे सभासद
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर की ओर से कार्य होने के बाद निविदा निकालने की जांच बुधवार से शुरू होगी। मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी। अपर एसडीएम उमेश चंद्र निगम की ओर से इस बात का आश्वासन मिलने के बाद नगर पालिका परिषद गबन का आरोप लगाकर आमरण अनशन पर बैठे सभासदों ने मंगलवार शाम आंदोलन समाप्त कर दिया।
नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के कार्यालय में गांधी प्रतिमा के समक्ष पूरब पड़ाव के सभासद अमित सिंह, सभासद बृजेश पासवान, सभासद प्रतिनिधि गिरिजापति, संतोष चौधरी, सोनू राजभर नगर पालिका द्वारा हाल में प्रकाशित निविदा के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे थे। उनका आरोप था कि पौधरोपण के लिए ट्री गार्ड व वाटर एटीएम के लिए भी निविदा निकाली गई है, जबकि ये कार्य कराए जा चुके हैं। इसका साफ मतलब है कि निविदा सरकारी धन के गबन की मंशा से निकाली गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों से गुहार लगाई गई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्हें मजबूरन आमरण अनशन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा।
उधर, अनशन के दूसरे दिन मंगलवार को भी प्रशासन की ओर से पहल होते न देख आरटीआई कार्यकर्ता प्रशस्त उपाध्याय, देवेश मणि त्रिपाठी, रमेश चंद्र शुक्ल, सुरेंद्र अग्रहरि, रवि शर्मा ने भी सभासदों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दे दी। दूसरी ओर, नगर पंचायत उस्का बाजार के सभासद आदर्श पांडेय, शैलेंद्र शर्मा, पूर्व सभासद रविंद्र कुमार गुप्ता ने अनशन करने वालों की सेहत खराब होने पर आत्मदाह की चेतावनी दे डाली। मामला बिगड़ता देख शाम चार बजे के करीब अपर जिलाधिकारी उमेश चंद्र निगम थानाध्यक्ष शमशेर बहादुर सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और बुधवार से जांच शुरू कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि डीएम के आदेश पर मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। इसके बाद उन्होंने जूस पिलाकर सभासदों और सभासद प्रतिनिधियों का अनशन तुड़वाया।
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कमेटी में ये हैं शामिल
डीएम ने अपर उप जिलाधिकारी उमेश चंद्र निगम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इसमें निगम के अलावा अधिशाषी अभियंता जल निगम पवन कुमार यादव, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता वेद प्रकाश और बेसिक शिक्षा के वित्त लेखाधिकारी अजय कुमार शामिल हैं।
अगर मामले की जांच सही तरीके से नहीं हुई और कमेटी की ओर से हीलाहवाली की गई तो इस बार आरपार की लड़ाई होगी। कार्य होने के बाद निविदा निकालना गलत है और इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
- बृजेश पासवान, सभासद
प्रशासन ने बुधवार से शिकायत की जांच कराने का आश्वासन दिया है। सभासद दो दिनों तक कमेटी की जांच रिपोर्ट का इंतजार करेंगे। इसके बाद भी अगर जांच पूरी नहीं हुई तो दोबारा आमरण अनशन किया जाएगा।
- अमित सिंह, सभासद
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नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के कार्यालय में गांधी प्रतिमा के समक्ष पूरब पड़ाव के सभासद अमित सिंह, सभासद बृजेश पासवान, सभासद प्रतिनिधि गिरिजापति, संतोष चौधरी, सोनू राजभर नगर पालिका द्वारा हाल में प्रकाशित निविदा के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे थे। उनका आरोप था कि पौधरोपण के लिए ट्री गार्ड व वाटर एटीएम के लिए भी निविदा निकाली गई है, जबकि ये कार्य कराए जा चुके हैं। इसका साफ मतलब है कि निविदा सरकारी धन के गबन की मंशा से निकाली गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों से गुहार लगाई गई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्हें मजबूरन आमरण अनशन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा।
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उधर, अनशन के दूसरे दिन मंगलवार को भी प्रशासन की ओर से पहल होते न देख आरटीआई कार्यकर्ता प्रशस्त उपाध्याय, देवेश मणि त्रिपाठी, रमेश चंद्र शुक्ल, सुरेंद्र अग्रहरि, रवि शर्मा ने भी सभासदों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दे दी। दूसरी ओर, नगर पंचायत उस्का बाजार के सभासद आदर्श पांडेय, शैलेंद्र शर्मा, पूर्व सभासद रविंद्र कुमार गुप्ता ने अनशन करने वालों की सेहत खराब होने पर आत्मदाह की चेतावनी दे डाली। मामला बिगड़ता देख शाम चार बजे के करीब अपर जिलाधिकारी उमेश चंद्र निगम थानाध्यक्ष शमशेर बहादुर सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और बुधवार से जांच शुरू कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि डीएम के आदेश पर मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। इसके बाद उन्होंने जूस पिलाकर सभासदों और सभासद प्रतिनिधियों का अनशन तुड़वाया।
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कमेटी में ये हैं शामिल
डीएम ने अपर उप जिलाधिकारी उमेश चंद्र निगम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इसमें निगम के अलावा अधिशाषी अभियंता जल निगम पवन कुमार यादव, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता वेद प्रकाश और बेसिक शिक्षा के वित्त लेखाधिकारी अजय कुमार शामिल हैं।
अगर मामले की जांच सही तरीके से नहीं हुई और कमेटी की ओर से हीलाहवाली की गई तो इस बार आरपार की लड़ाई होगी। कार्य होने के बाद निविदा निकालना गलत है और इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
- बृजेश पासवान, सभासद
प्रशासन ने बुधवार से शिकायत की जांच कराने का आश्वासन दिया है। सभासद दो दिनों तक कमेटी की जांच रिपोर्ट का इंतजार करेंगे। इसके बाद भी अगर जांच पूरी नहीं हुई तो दोबारा आमरण अनशन किया जाएगा।
- अमित सिंह, सभासद