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26 नए बीटीएस लगेंगे बेहतर नेटवर्क मिलेगा
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 19 Nov 2015 11:02 PM IST
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जिले के बीएसएनएल उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें कॉल करने के लिए छत पर या घर के बाहर नहीं भागना होगा। जल्द ही बीएसएनएल अपने नेटवर्क सिस्टम को सुदृढ़ कर रहा है। जिले में 26 स्थानों पर नए बीटीएस स्थापित किए जाएंगे। इसमें बॉर्डर क्षेत्र प्राथमिकता में है। अगले दो माह में सभी नए बीटीएस चालू करने की तैयारी है। विभागीय अफसरों का दावा है कि नए बीटीएस शुरू होने के बाद न तो कॉल ड्राप होगा और न ही सिग्नल वीक होने की समस्या आएगी। इंटरनेट की स्पीड में भी इजाफा होगा।
जिले में बीएसएनएल उपभोक्ताओं की बड़ी संख्या है। आम तौर पर सभी सरकारी विभागों, उपक्रमों, संस्थाओं से जुड़े लोगों के पास बीएसएनएल के ही कनेक्शन हैं। सरकारी सेवा होने के कारण आम लोग भी निजी कंपनियों की अपेक्षा बीएसएनएल को प्राथमिकता देते आ रहे हैं। मगर विभाग की मौजूदा सेवा उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही। आलम यह है कि घर के अंदर घुसते ही सिग्नल गायब हो जाते हैं। नेपाल से लगी जिले की 68 किमी की सीमा पर स्थित गांवों व कस्बाई क्षेत्रों में बुरा हाल है तो नगरीय क्षेत्र भी अच्छी स्थिति में नहीं हैं। अलीगढ़वा, ककरहवां, खुनुवां, बढनी जैसे बॉर्डर क्षेत्रों में बीएसएनएल नंबरों पर कॉल नाको चने चबाने से कम नहीं, जबकि पर्यटन क्षेत्र और विवि खुलने के बाद इस क्षेत्र में नेटवर्क की जरूरत और बढ़ गई है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बीएसएनएल ने अपनी सेवा में सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां नेटवर्क की समस्या है। इस सर्वे के आधार पर 26 नए बीटीएस लगाने की तैयारी है। कुछ क्षेत्रों में काम भी शुरू हो गया है। सिद्धार्थनगर दूरसंचार विभाग के एसडीओ दुर्गेश सिंह ने बताया कि नेटवर्क सुदृढ़ बनाने के लिए 26 नए बीटीएस लगाए जाने हैं। इसमें नौ बॉर्डर क्षेत्र शामिल हैं। नए बीटीएस लगने से उपभोक्ताओं को 512 एमबीपीएस की नेट स्पीड मिलने लगेगी, जो अभी 256 एमबीपीएस की है। कॉल ड्राप भी खत्म होगा। दो माह में सभी बीटीएस चालू कर दिए जाएंगे।
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जिले में बीएसएनएल उपभोक्ताओं की बड़ी संख्या है। आम तौर पर सभी सरकारी विभागों, उपक्रमों, संस्थाओं से जुड़े लोगों के पास बीएसएनएल के ही कनेक्शन हैं। सरकारी सेवा होने के कारण आम लोग भी निजी कंपनियों की अपेक्षा बीएसएनएल को प्राथमिकता देते आ रहे हैं। मगर विभाग की मौजूदा सेवा उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही। आलम यह है कि घर के अंदर घुसते ही सिग्नल गायब हो जाते हैं। नेपाल से लगी जिले की 68 किमी की सीमा पर स्थित गांवों व कस्बाई क्षेत्रों में बुरा हाल है तो नगरीय क्षेत्र भी अच्छी स्थिति में नहीं हैं। अलीगढ़वा, ककरहवां, खुनुवां, बढनी जैसे बॉर्डर क्षेत्रों में बीएसएनएल नंबरों पर कॉल नाको चने चबाने से कम नहीं, जबकि पर्यटन क्षेत्र और विवि खुलने के बाद इस क्षेत्र में नेटवर्क की जरूरत और बढ़ गई है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बीएसएनएल ने अपनी सेवा में सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां नेटवर्क की समस्या है। इस सर्वे के आधार पर 26 नए बीटीएस लगाने की तैयारी है। कुछ क्षेत्रों में काम भी शुरू हो गया है। सिद्धार्थनगर दूरसंचार विभाग के एसडीओ दुर्गेश सिंह ने बताया कि नेटवर्क सुदृढ़ बनाने के लिए 26 नए बीटीएस लगाए जाने हैं। इसमें नौ बॉर्डर क्षेत्र शामिल हैं। नए बीटीएस लगने से उपभोक्ताओं को 512 एमबीपीएस की नेट स्पीड मिलने लगेगी, जो अभी 256 एमबीपीएस की है। कॉल ड्राप भी खत्म होगा। दो माह में सभी बीटीएस चालू कर दिए जाएंगे।
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