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ईंधन की कमी से खड़ी हो गईं 51 एंबुलेंस
Updated Mon, 07 Aug 2017 10:12 PM IST
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सिद्धार्थनगर। मरीजों को आपात सेवा देने के लिए संचालित 102 और 108 एंबुलेंस का पहिया सोमवार को ईंधन के अभाव में थम गया। डीजल डालने के लिए कोई बजट नहीं आने से इन वाहनों को पेट्रोल पंपों संचालकों ने डीजल देने से मना कर दिया है। व्यवस्था ठप होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचने में दिक्कत हुई, उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। विभागीय सूत्रों की मानें तो शासन स्तर से एंबुलेंस में खपत होने वाले डीजल की जांच की जा रही है। इसी कारण शासन स्तर से बजट पर रोक लगा है।
मरीजों को घर से अस्पताल तक निशुल्क पहुंचाने के लिए सरकार ने 102 और 108 नंबर एंबुलेंस व्यवस्था शुरू की थी। जिले में 14 सीएचसी व ब्लाक पीएचसी पर 20 एंबुलेंस 108 नंबर और 29 एंबुलेंस 102 नंबर आवंटित है। यह एंबुंलेंस विभिन्न क्षेत्रों से अपने नजदीक सीएचसी व पीएचसी और गंभीर होने पर मरीजों को बड़े अस्पताल पहुंचाते हैं। पिछले कुछ दिनों से बजट नहीं आने कारण डीजल भरवाने में कठिनाई हो रही थी। सोमवार को डीजल नहीं मिलने से सभी एंबुलेंस एक-एक कर खड़े हो गए। इससे मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। निजी व्यवस्था कर अस्पताल तक पहुंचते रहे। सीएमओ डॉ. रतन कुमार ने बताया एंबुलेंस व्यवस्था पूर्ण रूप से ठप हो जाने की जानकारी नहीं है। हां बजट को लेकर कुछ दिक्कत है। शासन स्तर से एंबुलेंस की जांच की जा रही है। अगर सभी एंबुलेंस बंद है तो देखकर जांच करवा रहे हैं।
बोले जिम्मेदार: तकनीकी दिक्कत, हो रहा सुधार
102 व 108 एंबुलेंस के जिला प्रभारी नितिन श्रीवास्तव ने बताया कि पहली समस्या बजट न मिलने की है। इससे डीजल भरवाने में कठिनाई हो रही है। शासन से डीजल भरवाने के लिए जो कार्ड जारी हुआ था, उसमें कुछ दिक्कत आई है। इस कारण बजट नहीं मिल पा रहा है। काम चल रहा है, मंगलवार को व्यवस्था सही हो जाएगी।
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मरीजों को घर से अस्पताल तक निशुल्क पहुंचाने के लिए सरकार ने 102 और 108 नंबर एंबुलेंस व्यवस्था शुरू की थी। जिले में 14 सीएचसी व ब्लाक पीएचसी पर 20 एंबुलेंस 108 नंबर और 29 एंबुलेंस 102 नंबर आवंटित है। यह एंबुंलेंस विभिन्न क्षेत्रों से अपने नजदीक सीएचसी व पीएचसी और गंभीर होने पर मरीजों को बड़े अस्पताल पहुंचाते हैं। पिछले कुछ दिनों से बजट नहीं आने कारण डीजल भरवाने में कठिनाई हो रही थी। सोमवार को डीजल नहीं मिलने से सभी एंबुलेंस एक-एक कर खड़े हो गए। इससे मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। निजी व्यवस्था कर अस्पताल तक पहुंचते रहे। सीएमओ डॉ. रतन कुमार ने बताया एंबुलेंस व्यवस्था पूर्ण रूप से ठप हो जाने की जानकारी नहीं है। हां बजट को लेकर कुछ दिक्कत है। शासन स्तर से एंबुलेंस की जांच की जा रही है। अगर सभी एंबुलेंस बंद है तो देखकर जांच करवा रहे हैं।
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बोले जिम्मेदार: तकनीकी दिक्कत, हो रहा सुधार
102 व 108 एंबुलेंस के जिला प्रभारी नितिन श्रीवास्तव ने बताया कि पहली समस्या बजट न मिलने की है। इससे डीजल भरवाने में कठिनाई हो रही है। शासन से डीजल भरवाने के लिए जो कार्ड जारी हुआ था, उसमें कुछ दिक्कत आई है। इस कारण बजट नहीं मिल पा रहा है। काम चल रहा है, मंगलवार को व्यवस्था सही हो जाएगी।
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