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एक घंटे की बारिश में भीग गए हजारों क्विंटल गेहूं
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एक घंटे की बारिश में भीग गए हजारों क्विंटल गेहूं
फोटो- 65
- केंद्रों पर नहीं है रखने की पर्याप्त व्यवस्था
- जिले के 123 केंद्रों पर हो रही गेहूं खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। क्रय केंद्रों पर गेहूं के रखने की बेहतर व्यवस्था न होने के कारण शुक्रवार की सुबह और दोपहर में हुई एक घंटे की बारिश में करीब एक हजार क्विंटल से अधिक का गेहूं भीग गया है। यह गेहूं उन किसानों के थे, जो तौल के लिए क्रय केंद्रों पर ले जाकर पहले से रखकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। जबकि विभाग नाम मात्र का नुकसान होने की दलील दे रहा है।
किसानों की उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए शासन की ओर से सरकारी क्रय केंद्रों को सक्रिय किया गया है। लेकिन गेहूं तौल होने के बाद उसे रखने की कई केंद्रों पर प्रर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वहीं, कई ऐसे क्रय केंद्र हैं जो जर्जर हाल में हैं। जिले में विभिन्न संस्थाओं के कुल 123 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जहां पर अब तक 30 हजार मीट्रिक टन खरीद हुई है। लेकिन इन केंद्रों पर रख-रखाव की व्यवस्था न होने के कारण खुले आसमान में किसानों से खरीदा गेहूं रखा जा रहा है। इसके साथ ही कुछ किसान भी केंद्रों पर लेकर जाकर गेहूं को रख चुके है। शुक्रवार की सुबह व दोपहर में दो बार में हुई लगभग एक घंटे की बारिश में केंद्रों पर लगभग एक हजार मीट्रिक टन गेहूं भीगने की बात कही जा रही है। बारिश से सबसे अधिक नुकसान धेंसा क्रय केंद्र पर हुआ है। यहां पर अधिकांश गेहूं बाहर पड़ा था। स्टोर रूम जर्जर होने के कारण उसमें रखा गया अजान बारिश से नुकसान हुआ है। इसके अलावा बर्डपुर एफसीआई गोदाम पर स्टोर में रखने के लिए खड़े ट्रकों में रखा गेहूं बारिश और आंधी के बीच भीग गया है। अगर रखने की पर्याप्त जगह होती तो शायद गेहूं नहीं भीगता। जिला विपणन अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि बारिश से कुछ हद तक नुकसान हुआ है। अधिकांश केंद्रों पर खरीद के बाद ही अनाज को अंदर कर दिया जाता है। कुछ केंद्रों पर थोड़ी परेशानी है।
30 हजार मीट्रिक टन की हुई खरीद
विभागीय आकड़ों पर गौर करें तो अब तक 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। विभागीय लोगों का कहना है कि खरीद पूरी पारर्दिशता के साथ की जा रही है। शासन की ओर से मिले लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
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- केंद्रों पर नहीं है रखने की पर्याप्त व्यवस्था
- जिले के 123 केंद्रों पर हो रही गेहूं खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। क्रय केंद्रों पर गेहूं के रखने की बेहतर व्यवस्था न होने के कारण शुक्रवार की सुबह और दोपहर में हुई एक घंटे की बारिश में करीब एक हजार क्विंटल से अधिक का गेहूं भीग गया है। यह गेहूं उन किसानों के थे, जो तौल के लिए क्रय केंद्रों पर ले जाकर पहले से रखकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। जबकि विभाग नाम मात्र का नुकसान होने की दलील दे रहा है।
किसानों की उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए शासन की ओर से सरकारी क्रय केंद्रों को सक्रिय किया गया है। लेकिन गेहूं तौल होने के बाद उसे रखने की कई केंद्रों पर प्रर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वहीं, कई ऐसे क्रय केंद्र हैं जो जर्जर हाल में हैं। जिले में विभिन्न संस्थाओं के कुल 123 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जहां पर अब तक 30 हजार मीट्रिक टन खरीद हुई है। लेकिन इन केंद्रों पर रख-रखाव की व्यवस्था न होने के कारण खुले आसमान में किसानों से खरीदा गेहूं रखा जा रहा है। इसके साथ ही कुछ किसान भी केंद्रों पर लेकर जाकर गेहूं को रख चुके है। शुक्रवार की सुबह व दोपहर में दो बार में हुई लगभग एक घंटे की बारिश में केंद्रों पर लगभग एक हजार मीट्रिक टन गेहूं भीगने की बात कही जा रही है। बारिश से सबसे अधिक नुकसान धेंसा क्रय केंद्र पर हुआ है। यहां पर अधिकांश गेहूं बाहर पड़ा था। स्टोर रूम जर्जर होने के कारण उसमें रखा गया अजान बारिश से नुकसान हुआ है। इसके अलावा बर्डपुर एफसीआई गोदाम पर स्टोर में रखने के लिए खड़े ट्रकों में रखा गेहूं बारिश और आंधी के बीच भीग गया है। अगर रखने की पर्याप्त जगह होती तो शायद गेहूं नहीं भीगता। जिला विपणन अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि बारिश से कुछ हद तक नुकसान हुआ है। अधिकांश केंद्रों पर खरीद के बाद ही अनाज को अंदर कर दिया जाता है। कुछ केंद्रों पर थोड़ी परेशानी है।
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30 हजार मीट्रिक टन की हुई खरीद
विभागीय आकड़ों पर गौर करें तो अब तक 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। विभागीय लोगों का कहना है कि खरीद पूरी पारर्दिशता के साथ की जा रही है। शासन की ओर से मिले लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
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