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खतरे के निशान के करीब पहुंची राप्ती

Fri, 10 Aug 2018 11:17 PM IST
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siddharthnagar Updated Fri, 10 Aug 2018 11:17 PM IST
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खतरे के निशान के करीब पहुंची राप्ती
जलस्तर बढ़ने से वीरपुर एहतमाली, वीरपुर कोहल गांव के रास्ते पर राप्ती का पानी आ गया है। - फोटो : अमर उजाला
डुमरियागंज। नेपाल द्वारा छोड़ी गई पहाड़ी नदियों के पानी से जिले की प्रमुख नदी राप्ती खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। शुक्रवार की शाम राप्ती नदी का जलस्तर 84 मीटर दर्ज किया गया जबकि इसका खतरे का निशान 84.900 मीटर है। सीमाई इलाके परसोहिया सदानंद स्थित सरयू नहर के बांध की कटान वाली जगह को लेकर स्थानीय लोग डरने लगे हैं। वहीं बेतनार गांव के किनारे बहने वाली राप्ती नदी भी धीरे-धीरे कटान करने लगी है।
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कटान व बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव वीरपुर एहतमाली, पिकौरा, भरवठिया मुस्तहकम, बड़हरा, वीरपुर कोहल व परसोहिया सदानंद गांव पर पड़ता है। बेतनार और गागापुर गांव भी बाढ़ का पानी घुसने के करीब है। वीरपुर एहतमाली व वीरपुर कोहल गांव जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर ढाई से तीन फीट बाढ़ का पानी आ गया है। राप्ती नदी के किनारे बसे गांव पिकौरा के मैराज अहमद ने बताया कि हर साल राप्ती नदी गांव में तांडव मचाती है। भरवठिया मुस्तहकम गांव निवासी फूलती और अब्दुल रहमान ने पिछले साल की बाढ़ का खौफनाक मंजर बताया।
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राप्ती के निशाने पर हैं ये गांव
तहसील क्षेत्र का फत्तेपुर, पेड़ारी, मछिया मुस्कहम, रमवापुर उर्फ नेबुआ, बड़हरा, धनोहरा, मदारा, माली मैंनहा, तेनुहार उर्फ कठौतिया सहित राप्ती नदी के किनारे बसे गांव भी राप्ती नदी के निशाने पर हैं।
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तहसील सभागार में कंट्रोल रूम स्थापित
बाढ़ पर नजर रखने के लिए डुमरियागंज तहसील सभागार में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां नायब तहसीलदार लालता प्रसाद तैनात रहेंगे। बाढ़ या इससे जुड़ी घटना की जानकारी लोग 24 घंटे दे सकेंगे। वहीं, प्रशासन ने दूरभाष नंबर 05541-244439, 9454415938, 9454415945, 9454415953 जारी किया है।

भनवापुर ब्लॉक में दो जगहों पर बनी बाढ़ राहत चौकी
एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि तरहर स्थित साधन सहकारी समिति और विशुनपुर हरि स्थित संत मौनीदास इंटर कॉलेज भनवापुर में बाढ़ राहत चौकी की स्थापना की गई है।


गांवों में नाव उपलब्ध करवाने का लक्ष्य
एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि तहसील में 21 नाव आ चुकी हैं। विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा भी 12 नाव का इंतजाम करवाया गया है। जिसमें 6 नावें आ चुकी हैं। तेनुई, पेड़रियाजीत, तेतरी, बेंव मुस्तहकम, वीरपुर कोहलवां में 1-1 और बुढ़िया टायर, रमवापुर उर्फ नेबुआ, डुमरिया में 2-2 नावें मंगवाई गई हैं। जो संबंधित गांव में पहुंच चुकी हैं। वहीं, असहनरा माफी में 1 और बामदेई में 2 नावों की रकम जमा की जा चुकी है।




 
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