फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   हेलीकॉप्टर से नहीं हो सका रेस्क्यू, वितरण में भी कोरमपूर्ति

हेलीकॉप्टर से नहीं हो सका रेस्क्यू, वितरण में भी कोरमपूर्ति

Fri, 18 Aug 2017 10:48 PM IST
Updated Fri, 18 Aug 2017 10:48 PM IST
विज्ञापन
हेलीकॉप्टर से नहीं हो सका रेस्क्यू, वितरण में भी कोरमपूर्ति
सिद्धार्थनगर। मैरुंड बने गांवों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने हेलीकॉप्टर बुलाया था। दावा किया गया था कि हेलीकॉप्टर के जरिए लोगों को गांव से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा। शुक्रवार की सुबह राहत सामग्री के साथ हेलीकॉप्टर ने उड़ान तो भरी, लेकिन सामग्री गिराने के बाद बाद खाली हाथ लौट आया। रेस्क्यू की कोशिश नाकाम रही। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के मुताबिक राहत सामग्री के नाम पर 100 ग्राम लाई, 100 ग्राम चना, पैरासिटमॉल की गोलियां, मोमबत्ती और माचिस मिला है। चार दिनों से भूखे-प्यासे लोग लाई-चना से कैसे भूख मिटाएंगे। अफसरों को अपनी राहत सामग्री पर इतना गुमान है तो खुद लाई-चना खाकर इस तरह रह लें। रेस्क्यू न हो पाने के बाबत सदर एसडीएम डॉ.महेंद्र कुमार का कहना था कि बंगरा गांव में राहत सामग्री बंटने के बाद रेस्क्यू का निर्देश था, लेकिन कोशिश कामयाब नहीं हो सकी। हेलीकॉप्टर को वापस भेज दिया गया। शनिवार की सुबह फिर से प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन


राप्ती में बढ़ाव जारी, जमुआर नाला स्थिर
सिद्धार्थनगर। बाढ़ से प्रभावित जिले में नदियों के बढ़ाव का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को भी जिले की नदियां बढ़ाव पर रहीं। जलस्तर में सबसे तेज वृद्धि राप्ती में हो रही है। अशोगवां बांध कटने के बाद बूढ़ी राप्ती का जलस्तर घटा है। पानी तेजी से गांवों में घुस गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से शुक्रवार की शाम मिले आंकड़ों के तहत राप्ती का जलस्तर शाम 5 बजे 85.61 मीटर है, जो खतरे के निशान 84.90 से 70 सेमी ऊपर है। बूढ़ी राप्ती का जलस्तर 85.70 मीटर रहा। सुबह 8 बजे जलस्तर 88.79 रिकार्ड किया गया था। जलस्तर में कमी का कारण बांध कटना बताया जा रहा है। कूड़ा नदी आलमनगर में 86.80 व उसका रेलवे स्टेशन के पास 85.06 मीटर पर है। घोघी के जलस्तर में 4 सेमी की कमी आई है। सुबह 87.66 मीटर से घटकर नदी का जलस्तर 87.62 मीटर पर पहुंच गया। नगर से सटे जमुआर नाला 87.10 मीटर के जलस्तर पर स्थिर बना हुआ है। यह नाला अपने उच्चतम बाढ़ स्तर 86.04 मीटर से एक मीटर से अधिक ऊपर है।
विज्ञापन


गोरखपुर-नौगढ़ मार्ग पर तीन फीट तक आया पानी
सिद्धार्थनगर। नौगढ़ से उसका होते हुए गोरखपुर जाने वाले मार्ग पर पकड़ी के पास तीन फीट तक पानी आ गया है। गुरुवार को यहां दो फीट पानी चल रहा था। इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित है। मनाही के बावजूद लोग जान हथेली पर रखकर आवागमन कर रहे हैं। बांसी-नौगढ़ हाईवे रविवार से ही बंद चल रहा है। बांसी से आने-जाने के लिए सकारपार-उसका मार्ग का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन उसका-नौगढ़ मार्ग पर पानी लगने के बाद इस पर भी असर पड़ा है। बांसी-पनघटिया बाढ़ में रिसावों से इस मार्ग पर आवागमन भी खतरे में है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पशुओं के लिए बांटा चारा
पकड़ी बाजार। विकासखंड जोगिया के पकड़ी बाजार पर शुक्रवार के दिन पशुपालन विभाग व पशुचिकित्सालय देवरा बाजार की ओर से बाढ़ से पीड़ित किसानों को पशुओं के खिलाने के लिए भूसा वितरित किया गया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ.जीसी यादव के बाढ़ से पीड़ित किसानों को उनके पशुओं को खिलाने के लिए यहां शुक्रवार को भूसा दिया गया। संख्या अधिक होने से किसान वापस लौट आए। इस दौरान हजारी, मैना, रामशंकर, धर्मराज, शिवरतन, सर्वजीत, मुन्ना, घनश्याम, फूलचंद्र, दुर्गावती, कल्लू, बिफई, सीताराम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed