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युवती के हत्यारे देवर को आजीवन कारावास
Updated Sat, 17 Jun 2017 10:03 PM IST
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सिद्धार्थनगर। तीन वर्ष पुराने हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट-द्वितीय ने हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामला जोगिया कोतवाली क्षेत्र के करौंदा मसिना गांव का है।
अभियोजन राजकुमार यादव के मुताबिक करौंदा मसिना के कालीपुरवा टोले में 19 फरवरी 2014 की शाम रामचंद्र लोध की पुत्री संजू को घर से बुलाकर हत्या कर दी गई थी। संजू की मां राजमति देवी ने थाने में तहरीर देकर दामाद के छोटे भाई संतकबीरनगर के धर्मसिंहवा थाना अंतर्गत बरईपार गांव निवासी रामबहाल पुत्र तिलेसर पर हत्या का आरोप लगाया था। केस दर्ज करते हुए पुलिस ने छानबीन के बाद कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। बहस के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह व 18 अभिलेखीय साक्ष्य कोर्ट में पेश किए। आरोपों की पुष्टि के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट-द्वितीय के न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार तृतीय ने शनिवार को आरोपी को दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर हत्यारोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
अभियोजन राजकुमार यादव के मुताबिक करौंदा मसिना के कालीपुरवा टोले में 19 फरवरी 2014 की शाम रामचंद्र लोध की पुत्री संजू को घर से बुलाकर हत्या कर दी गई थी। संजू की मां राजमति देवी ने थाने में तहरीर देकर दामाद के छोटे भाई संतकबीरनगर के धर्मसिंहवा थाना अंतर्गत बरईपार गांव निवासी रामबहाल पुत्र तिलेसर पर हत्या का आरोप लगाया था। केस दर्ज करते हुए पुलिस ने छानबीन के बाद कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। बहस के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह व 18 अभिलेखीय साक्ष्य कोर्ट में पेश किए। आरोपों की पुष्टि के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट-द्वितीय के न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार तृतीय ने शनिवार को आरोपी को दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर हत्यारोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
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