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झमाझम बारिश से हर्षित तन-मन
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:11 PM IST
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सिद्धार्थनगर। लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को मानसून ने जिले में दस्तक दे दी। मंगलवार सुबह से ही बादल बरसते रहे। किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।। खेतों में पानी लगने के बाद किसान धान की रोपाई में जुट गए हैं। वहीं नगर के मोहल्लों में जलजमाव की समस्या से लोग जूझने को मजबूर हुए। सड़कों पर पानी लगा रहा। जल निकासी के दावों की पोल खुली।
चौबीस घंटे से आसमान में बादल छाए रहे। सोमवार से शुरू बारिश थम-थम कर मंगलवार दोपहर तक होती रही। बारिश की रफ्तार कभी तेज तो कभी धीमी रही। धान की नर्सरी डालने के बाद किसान कई दिनों से मानसून के इंतजार में थे। माकूल बारिश न होने से उनमें निराशा बनी थी। मंगलवार की झमाझम बारिश ने किसानों की मुराद पूरी कर दी है। खेतों में धान रोपाई ने जोर पकड़ लिया है। सुबह से ही खेतों में हलचल बनी रही। महिलाएं, बच्चे समेत हर कोई रोपाई में जुटा हुआ था। उधर, बारिश से नगर में जलजमाव की समस्या सामने आई। सभी वार्डों की नालियां जाम होने से जल निकासी नहीं हो सका। सड़कों पर पानी बहता रहा। लोग पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हुए। स्कूलों से छात्र-छात्राएं पानी में भींगते हुए घर पहुंचे। घरों से लोग बाहर निकलने से कतराते रहे। जरूरी काम होने पर ही लोग बाहर निकले। बारिश से बचने के लिए छाता या रेनकोट पहने रहे। ऑफिस में भी मानसून की पहली बारिश का असर दिखा। लिपिक संवर्ग दफ्तर में बैठ चाय के साथ बारिश का लुफ्त उठाता रहा।
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चौबीस घंटे से आसमान में बादल छाए रहे। सोमवार से शुरू बारिश थम-थम कर मंगलवार दोपहर तक होती रही। बारिश की रफ्तार कभी तेज तो कभी धीमी रही। धान की नर्सरी डालने के बाद किसान कई दिनों से मानसून के इंतजार में थे। माकूल बारिश न होने से उनमें निराशा बनी थी। मंगलवार की झमाझम बारिश ने किसानों की मुराद पूरी कर दी है। खेतों में धान रोपाई ने जोर पकड़ लिया है। सुबह से ही खेतों में हलचल बनी रही। महिलाएं, बच्चे समेत हर कोई रोपाई में जुटा हुआ था। उधर, बारिश से नगर में जलजमाव की समस्या सामने आई। सभी वार्डों की नालियां जाम होने से जल निकासी नहीं हो सका। सड़कों पर पानी बहता रहा। लोग पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हुए। स्कूलों से छात्र-छात्राएं पानी में भींगते हुए घर पहुंचे। घरों से लोग बाहर निकलने से कतराते रहे। जरूरी काम होने पर ही लोग बाहर निकले। बारिश से बचने के लिए छाता या रेनकोट पहने रहे। ऑफिस में भी मानसून की पहली बारिश का असर दिखा। लिपिक संवर्ग दफ्तर में बैठ चाय के साथ बारिश का लुफ्त उठाता रहा।
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