{"_id":"5cf40037bdec22075876208f","slug":"1559494708840-siddharthnagar-news97","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यावरण संरक्षण के लिए रोपे जाएंगे 40 लाख पौधे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यावरण संरक्षण के लिए रोपे जाएंगे 40 लाख पौधे
Sun, 02 Jun 2019 10:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 10:38 PM IST
विज्ञापन
money plant
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। पर्यावरण संरक्षण के लिए इसबार जिले में आबादी से अधिक पौध लगाए जाएंगे। पौधरोपण कार्य की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को होगी। वह खाली पड़े सरकारी भूमि पर पौधा लगवाने का काम करेंगी। इस वर्ष जिले में 40 लाख पौध लगाए जाने का लक्ष्य है। लक्ष्य मिलने के बाद संबंधित विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। यह पौधे जुलाई माह में लगाए जाएंगे।
पर्यावरण प्रदूषित होने से हो रही हानियों से निपटने के लिए सरकार व विभिन्न संस्थाएं कार्यक्रम चलाकर लोगों को जागरुक कर रही हैं। लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाने और काटे जा रहे पेड़ों को बचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बावजूद इसके अपेक्षित परिणाम न मिलने के कारण समस्याएं बरकरार हैं। इससे निपटने के लिए शासन ने बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराने की कवायद शुरू की है, जिससे पृथ्वी को फिर से हराभरा बनाया जा सके और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जाए। इस वर्ष जिले में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किए जाएंगे। पहले शासन की योजना थी कि एक व्यक्ति एक पौधा लगाए। मगर वह लक्ष्य अब काफी अधिक हो चुका है। इस वर्ष जिले में 40 लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना है। यह पौधे खानी पड़े सरकारी भूमि पर लगाए जाएंगे। इसमें हर प्रकार के पौध लगाए जाने हैं। छायादार पौधे के साथ-साथ फलदार पौधे रोपे जाएंगे। जिससे लोग फल भी प्राप्त कर सकें। इसके साथ-साथ छांव भी मिले। अगर लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण हुआ तो आने वाले दिन में जिले में हर तरफ हरियाली नजर आएगी। साथ ही प्रदूषण से भी निजात मिलेगी। इस संबंध में डीएफओ वीके मिश्र ने बताया कि पौधरोपण का लक्ष्य मिल गया है। इस वर्ष 40 लाख पौधे जिले में लगने हैं। पौधरोपण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई है। वह अपने बजट से पौधरोपण का कार्य करेंगी।
ग्राम पंचायतों के जिम्मे है पौधरोपण का कार्य
लक्ष्य के सापेक्ष काम हो सके। लिहाजा इस बार पौधरोपण कार्य की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दे दी गई। वन विभाग के जिले की 1199 ग्राम पंचायतों को लक्ष्य का आवंटन किया गया है। जो खाली पड़े भूमि पर पौध रोपण कराएंगी।
विज्ञापन
इस प्रकार की भूमि पर होगा पौधरोपण
विभाग के अनुसार ग्राम पंचायतें स्कूल परिसर की खाली भूमि, ग्राम पंचायत की खाली भूमि, सड़क के किनारे पड़ी खाली भूमि सहित सभी सरकारी भूमि पर पौधरोपण करा सकेंगी। पौधों की देखभाल की भी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की रहेगी।
विज्ञापन
पर्यावरण प्रदूषित होने से हो रही हानियों से निपटने के लिए सरकार व विभिन्न संस्थाएं कार्यक्रम चलाकर लोगों को जागरुक कर रही हैं। लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाने और काटे जा रहे पेड़ों को बचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बावजूद इसके अपेक्षित परिणाम न मिलने के कारण समस्याएं बरकरार हैं। इससे निपटने के लिए शासन ने बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराने की कवायद शुरू की है, जिससे पृथ्वी को फिर से हराभरा बनाया जा सके और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जाए। इस वर्ष जिले में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किए जाएंगे। पहले शासन की योजना थी कि एक व्यक्ति एक पौधा लगाए। मगर वह लक्ष्य अब काफी अधिक हो चुका है। इस वर्ष जिले में 40 लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना है। यह पौधे खानी पड़े सरकारी भूमि पर लगाए जाएंगे। इसमें हर प्रकार के पौध लगाए जाने हैं। छायादार पौधे के साथ-साथ फलदार पौधे रोपे जाएंगे। जिससे लोग फल भी प्राप्त कर सकें। इसके साथ-साथ छांव भी मिले। अगर लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण हुआ तो आने वाले दिन में जिले में हर तरफ हरियाली नजर आएगी। साथ ही प्रदूषण से भी निजात मिलेगी। इस संबंध में डीएफओ वीके मिश्र ने बताया कि पौधरोपण का लक्ष्य मिल गया है। इस वर्ष 40 लाख पौधे जिले में लगने हैं। पौधरोपण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई है। वह अपने बजट से पौधरोपण का कार्य करेंगी।
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों के जिम्मे है पौधरोपण का कार्य
लक्ष्य के सापेक्ष काम हो सके। लिहाजा इस बार पौधरोपण कार्य की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दे दी गई। वन विभाग के जिले की 1199 ग्राम पंचायतों को लक्ष्य का आवंटन किया गया है। जो खाली पड़े भूमि पर पौध रोपण कराएंगी।
विज्ञापन
इस प्रकार की भूमि पर होगा पौधरोपण
विभाग के अनुसार ग्राम पंचायतें स्कूल परिसर की खाली भूमि, ग्राम पंचायत की खाली भूमि, सड़क के किनारे पड़ी खाली भूमि सहित सभी सरकारी भूमि पर पौधरोपण करा सकेंगी। पौधों की देखभाल की भी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की रहेगी।