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20 करोड़ की लागत से बनेंगे 277 आयुष्मान केंद्र
Sun, 26 May 2019 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2019 11:38 PM IST
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- फोटो : www.pexels.com
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सिद्धार्थनगर। घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने बस्ती मंडल के 277 उप केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आयुष्मान केंद्र) में तब्दील करने के लिए चयन किया है। केंद्र सरकार के वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए जारी कार्य योजना/ बजट में इन केंद्रों पर 20 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। जिलेवार जारी सूची में सिद्धार्थनगर में 149, संतकबीर नगर में 50 व बस्ती में 78 उप केंद्रों को वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जाएगा।
बस्ती मंडल के तीनों जिलों के 75 फीसदी उप केन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत किए जाने की योजना है। इसके लिए ब्लॉकों की संख्या के आधार पर उप केंद्रों का चयन किया गया है। पहले चरण में प्रस्तावित उप केंद्रों में से 60 फीसदी उप केंद्रों को आयुष्मान केंद्र में तब्दील किया जाएगा। सरकार ने प्रति उपकेंद्र के लिए सात लाख रुपये निर्धारित किया है।
जिसमें पहले किस्त की 60 फीसदी पैसा खातों में आ चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक पंकज कुमार ने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को भेजे पत्र में बताया है कि बस्ती मंडल के सिद्धार्थनगर में 149 केंद्र के लिए 10.43 करोड़, संतकबीरनगर में 50 केंद्र के लिए 3.50 करोड़ व बस्ती में 78 केंद्र के लिए 5.46 करोड़ रुपये से उप केंद्र को उच्चीकृत किया जाएगा। डीसीपीएम मान बहादुर ने बताया कि वेलनेस सेंटर के लिए मिले धनराशि में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, फर्नीचर, बाहरी व आंतरिक व्यवस्था, ब्रांडिंग, लैब निर्माण, उपकरणों एवं दवाओं की व्यवस्था करनी है।
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यह मिलेगी सुविधा
सेंटर पर हिमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड ग्रुप, पेशाब द्वारा गर्भ की जांच, अल्बोमिन व ग्लूकोज, मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, बलगम, टाइफाइड आदि की जांच की होगी। इसके साथ गर्भावस्था-शिशु जन्म देखभाल, नवजात-शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल व किशोर स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन, साधारण बीमारियों का उपचार, परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक व प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल के अलावा गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, रेफरल व फालोअप की सुविधा भी सेंटर पर मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए उप केंद्रों को वेलनेस सेंटर में तब्दील करने के लिए चयनित किया गया है। इन केंद्रों पर जल्दी ही बेहतर उपचार मिलेंगे। वेलनेस सेंटर पर प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए सीएचओ भी अहम रोल अदा करेंगे।
-डॉ. प्रशांत अस्थाना
नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत
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बस्ती मंडल के तीनों जिलों के 75 फीसदी उप केन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत किए जाने की योजना है। इसके लिए ब्लॉकों की संख्या के आधार पर उप केंद्रों का चयन किया गया है। पहले चरण में प्रस्तावित उप केंद्रों में से 60 फीसदी उप केंद्रों को आयुष्मान केंद्र में तब्दील किया जाएगा। सरकार ने प्रति उपकेंद्र के लिए सात लाख रुपये निर्धारित किया है।
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जिसमें पहले किस्त की 60 फीसदी पैसा खातों में आ चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक पंकज कुमार ने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को भेजे पत्र में बताया है कि बस्ती मंडल के सिद्धार्थनगर में 149 केंद्र के लिए 10.43 करोड़, संतकबीरनगर में 50 केंद्र के लिए 3.50 करोड़ व बस्ती में 78 केंद्र के लिए 5.46 करोड़ रुपये से उप केंद्र को उच्चीकृत किया जाएगा। डीसीपीएम मान बहादुर ने बताया कि वेलनेस सेंटर के लिए मिले धनराशि में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, फर्नीचर, बाहरी व आंतरिक व्यवस्था, ब्रांडिंग, लैब निर्माण, उपकरणों एवं दवाओं की व्यवस्था करनी है।
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यह मिलेगी सुविधा
सेंटर पर हिमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड ग्रुप, पेशाब द्वारा गर्भ की जांच, अल्बोमिन व ग्लूकोज, मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, बलगम, टाइफाइड आदि की जांच की होगी। इसके साथ गर्भावस्था-शिशु जन्म देखभाल, नवजात-शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल व किशोर स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन, साधारण बीमारियों का उपचार, परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक व प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल के अलावा गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, रेफरल व फालोअप की सुविधा भी सेंटर पर मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए उप केंद्रों को वेलनेस सेंटर में तब्दील करने के लिए चयनित किया गया है। इन केंद्रों पर जल्दी ही बेहतर उपचार मिलेंगे। वेलनेस सेंटर पर प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए सीएचओ भी अहम रोल अदा करेंगे।
-डॉ. प्रशांत अस्थाना
नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत