{"_id":"5b7af8c842c7924633076cb4","slug":"151534785736-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छुट्टा पशु सड़कों पर, लोग परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छुट्टा पशु सड़कों पर, लोग परेशान
siddharthnagar
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:35 PM IST
विज्ञापन
जिला मुख्यालय के बैंक रोड पर दोपहर तीन बजे कुछ ऐसा नजारा था।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। शहर से लेकर गांव तक छुट्टा पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनका ठिकाना सड़कें हैं। ऐसे में आने जाने वाले लोग इनसे टकराकर या फिर इनके हमले में घायल हो रहे हैं। दूसरी ओर ये फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में किसान रतजगा कर फसलों को बचा रहे हैं। शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार इस ओर सुध नहीं ले रहे हैं। तेजी से बढ़ते छुट्टा पशु किसानों और आम लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनते जा रहे हैं। शहरों में ये अक्सर सड़कों पर डेरा डाल देते हैं। जिससे लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है। कई बार साड़ हमला कर लोगों को घायल भी कर देते हैं।
अक्सर लोग हो रहे हैं घायल
जिला मुख्यालय पर पकड़ी निवासी दिनेश बच्चे को स्कूल छोड़ने आए थे। इसी वे छुट्टा पशुओं के अचानक आ जाने से घायल हो गए। वहीं, गोबरहवा बाजार में सामान खरीदने आए नगर निवासी सोल्हू कुमार पर एक गाय ने हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के बाद वह ठीक हुआ था। सनई चौराहे पर दौड़ते समय उमेश नामक बालक चपेट में आ गया था। इससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया था। जिला अस्पताल में इलाज के बाद स्थिति सुधरी। ये मामले तो बानगी भर हैं। आए दिन न जाने कितने लोग घायल होते हैं।
पशु भी हो रहे हादसे का शिकार
पिछले तीन माह में छह से अधिक छुट्टा पशु वाहन दुर्घटना में घायल हो चुके हैं। स्थाई प्रबंध नहीं होने के कारण पशु भी दुर्घटना का शिकार होने के बाद जिंदगी मौत से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
पिछले डेढ़ वर्षों से पशुओं की संख्या बढ़ गई है। छुट्टा पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में रात-रात भर किसानों को जागकर फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। प्रशासन जल्द प्रबंध का आश्वासन दे रहा है। अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।
- यार मोहम्मद चौधरी, जिलाध्यक्ष भाकियू भानु गुट
छुट्टा पशुओं की संरक्षण व देखरेख के लिए सरकार गंभीर है। सीएम गोवंशीय पशुओं की रक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं। ऐसे पशुओं के लिए हर जिले के गौशालाएं खोले जाने का प्रस्ताव है। जिले में भी भूमि तलाशी जा रही है। पशु पालक भी अपनी जिम्मेदारी समझे। गाय का जब दूध देना बंद कर देती हैं और बछड़े दूध पीना छोड़े देते हैं तो पशु पालक उन्हें छोड़ दे रहे हैं। पशुपालक ऐसे पशुओं की भी सेवा करें।
- श्यामधनी राही, सदर विधायक
छुट्टा पशुओं के पालन के लिए जल्द ही व्यवस्था कराई जाएगी। इसके लिए जल्द टेंडर निकाला जाएगा और कांजी हाउस खोला जाएगा।
- शैलेंद्र कुमार गुप्ता, ईओ, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
अक्सर लोग हो रहे हैं घायल
जिला मुख्यालय पर पकड़ी निवासी दिनेश बच्चे को स्कूल छोड़ने आए थे। इसी वे छुट्टा पशुओं के अचानक आ जाने से घायल हो गए। वहीं, गोबरहवा बाजार में सामान खरीदने आए नगर निवासी सोल्हू कुमार पर एक गाय ने हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के बाद वह ठीक हुआ था। सनई चौराहे पर दौड़ते समय उमेश नामक बालक चपेट में आ गया था। इससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया था। जिला अस्पताल में इलाज के बाद स्थिति सुधरी। ये मामले तो बानगी भर हैं। आए दिन न जाने कितने लोग घायल होते हैं।
विज्ञापन
पशु भी हो रहे हादसे का शिकार
पिछले तीन माह में छह से अधिक छुट्टा पशु वाहन दुर्घटना में घायल हो चुके हैं। स्थाई प्रबंध नहीं होने के कारण पशु भी दुर्घटना का शिकार होने के बाद जिंदगी मौत से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
पिछले डेढ़ वर्षों से पशुओं की संख्या बढ़ गई है। छुट्टा पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में रात-रात भर किसानों को जागकर फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। प्रशासन जल्द प्रबंध का आश्वासन दे रहा है। अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।
- यार मोहम्मद चौधरी, जिलाध्यक्ष भाकियू भानु गुट
छुट्टा पशुओं की संरक्षण व देखरेख के लिए सरकार गंभीर है। सीएम गोवंशीय पशुओं की रक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं। ऐसे पशुओं के लिए हर जिले के गौशालाएं खोले जाने का प्रस्ताव है। जिले में भी भूमि तलाशी जा रही है। पशु पालक भी अपनी जिम्मेदारी समझे। गाय का जब दूध देना बंद कर देती हैं और बछड़े दूध पीना छोड़े देते हैं तो पशु पालक उन्हें छोड़ दे रहे हैं। पशुपालक ऐसे पशुओं की भी सेवा करें।
- श्यामधनी राही, सदर विधायक
छुट्टा पशुओं के पालन के लिए जल्द ही व्यवस्था कराई जाएगी। इसके लिए जल्द टेंडर निकाला जाएगा और कांजी हाउस खोला जाएगा।
- शैलेंद्र कुमार गुप्ता, ईओ, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर