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झोलाछाप चिकित्सकों की जांच शुरू
Updated Tue, 10 Jul 2018 11:10 PM IST
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सिद्धार्थनगर। झोलाछाप द्वारा गलत इलाज की वजह से चेतिया में हाल में एक बच्चे की मौत के बाद सख्त हुए प्रशासन ने बिना डिग्री इलाज करने वालों की कुंडली खंगालने में जुट गई है। बताया जा रहा है कि जिले में 300 से अधिक झोलाछापों के बारे में रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद आदेशानुसार इन पर कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार शासन के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम झोलाछापों की सूची तैयार करने में जुटी हुई है। टीम से जुड़े एक सदस्य के अनुसार जिले में 300 से अधिक झोलाछापों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में चेतिया में झोलाछाप द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने से बच्चे की मौत हो गई थी। इस तरह से मासूमों की जिंदगी से खेलने वालों के साथ नरमी नहीं बरती जा सकती। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
जिले में हर चौराहे व कस्बे में झोलाछाप मिल जाएंगे। वे बिना डिग्री के लोगों का इलाज कर रहे हैं। कई झोलाछापों ने तो हॉस्पिटल खोल लिया है और अच्छे इलाज का दावा कर रहे हैं। इनके सस्ते इलाज के चक्कर में गरीब तबके के लोग पीस रहे हैं। गलत उपचार से कई मौतें हो चुकी हैं। इस बात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को ऐसे झोलाछापों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इस संबंध एएसपी मुन्ना लाल ने बताया कि शासन से मिले निर्देश का पालन होगरा।
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स्वास्थ्य विभाग को रखा गया है दूर
टीम से जुड़े सूत्रों की माने तो झोलाछापों के खिलाफ जांच में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को दूर रखा गया है। टीम अपने स्तर से जांच कर रिपोर्ट तैयार कर रही है।
बिंदुओ पर तैयार हो रही रिपोर्ट
टीम से जुड़े सदस्य के अनुसार झोलाछापों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है कि वह कहां का रहने वाला है और कहां व कितने वर्षों से अवैध तरीके से मरीजों का इलाज कर रहा है। उसका कार्यक्षेत्र किस थाना क्षेत्र में है। क्या उसके उपचार से कभी किसी की मौत हुई है या नहीं। इस सभी बिंदुओं की जांच करके रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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सूत्रों के अनुसार शासन के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम झोलाछापों की सूची तैयार करने में जुटी हुई है। टीम से जुड़े एक सदस्य के अनुसार जिले में 300 से अधिक झोलाछापों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में चेतिया में झोलाछाप द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने से बच्चे की मौत हो गई थी। इस तरह से मासूमों की जिंदगी से खेलने वालों के साथ नरमी नहीं बरती जा सकती। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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जिले में हर चौराहे व कस्बे में झोलाछाप मिल जाएंगे। वे बिना डिग्री के लोगों का इलाज कर रहे हैं। कई झोलाछापों ने तो हॉस्पिटल खोल लिया है और अच्छे इलाज का दावा कर रहे हैं। इनके सस्ते इलाज के चक्कर में गरीब तबके के लोग पीस रहे हैं। गलत उपचार से कई मौतें हो चुकी हैं। इस बात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को ऐसे झोलाछापों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इस संबंध एएसपी मुन्ना लाल ने बताया कि शासन से मिले निर्देश का पालन होगरा।
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स्वास्थ्य विभाग को रखा गया है दूर
टीम से जुड़े सूत्रों की माने तो झोलाछापों के खिलाफ जांच में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को दूर रखा गया है। टीम अपने स्तर से जांच कर रिपोर्ट तैयार कर रही है।
बिंदुओ पर तैयार हो रही रिपोर्ट
टीम से जुड़े सदस्य के अनुसार झोलाछापों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है कि वह कहां का रहने वाला है और कहां व कितने वर्षों से अवैध तरीके से मरीजों का इलाज कर रहा है। उसका कार्यक्षेत्र किस थाना क्षेत्र में है। क्या उसके उपचार से कभी किसी की मौत हुई है या नहीं। इस सभी बिंदुओं की जांच करके रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।