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पीडब्लूडी कर्मचारियों ने दफ्तरों पर जड़ा ताला
Updated Tue, 06 Jun 2017 10:28 PM IST
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सिद्धार्थनगर। लोक निर्माण विभाग को निगम बनाए जाने की कवायदों पर अधिकारियों-कर्मचारियों ने कड़ा ऐतराज जताया है। इसके विरोध में मंगलवार को जिले में पीडब्ल्यूडी के सभी खंड कार्यालयों पर ताला लगाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अधिकारी-कर्मचारी धरने पर बैठ गए। आंदोलन दो दिनों तक चलेगा। कर्मचारियों का कहना है कि इसके बाद भी सरकार के रुख में बदलाव नहीं हुआ तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।
कर्मचारी-अधिकारी महासंघ जिला इकाई के बैनर तले लामबंद पीडब्ल्यूडी कर्मचारी निर्माण खंड-प्रथम, निर्माण खंड-बांसी, इंडो-नेपाल बॉर्डर व प्रांतीय खंड कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया। सभी कर्मचारी प्रांतीय खंड कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए और धरने पर बैठ गए। धरने में महासंघ के जिला महामंत्री जयगोविंद यादव ने कहा कि पीडब्ल्यूडी की स्थापना वर्ष 1854 में हुई थी। तब से विभागीय अधिकारी-कर्मचारी जनता के लिए सुगम व अच्छी सड़कें बनाने में तत्परता से लगे हुए हैं। कर्मचारियों की मेहनत का ही असर है कि आवागमन सुविधाजनक हुआ है।
अधिकारियों-कर्मचारियों के मेहनत व संघर्ष की अनदेखी कर सरकार अब पीडब्लूडी को निगम बनाने की तैयारी में जुटी हुई है। पीडब्ल्यूडी की सड़कों व भवनों की गुणवत्ता अन्य कार्यदाई संस्थाओं की तुलना में सबसे बेहतर है। ऐसे कर्मठ विभाग को प्रोत्साहित करने की बजाए सरकार उसके निजीकरण पर उतारु है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। अन्य वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों के बल पर देश-प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत से सरकार बनी है। उनके हितों की अनदेखी सरकार को भारी पड़ेगी।
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प्रदर्शन व तालाबंदी में सहायक अभियंता संतोष मणि त्रिपाठी, विनय कुमार पांडेय, गोविंद पांडेय, श्रीकृष्ण यादव, विजय कुमार पाठक, चंद्रभान यादव, हनुमान प्रसाद, चंद्रिका प्रसाद, दिनेश दुबे, राघवेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, अर्चना कश्यप, आबिद अली, पारसनाथ, लालमोहन, चंद्रशेखर, राममिलन यादव आदि शामिल रहे। अध्यक्षता सहायक अभियंता संघ के प्रदीप कुमार शर्मा व संचालन सीताराम ने किया।
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कर्मचारी-अधिकारी महासंघ जिला इकाई के बैनर तले लामबंद पीडब्ल्यूडी कर्मचारी निर्माण खंड-प्रथम, निर्माण खंड-बांसी, इंडो-नेपाल बॉर्डर व प्रांतीय खंड कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया। सभी कर्मचारी प्रांतीय खंड कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए और धरने पर बैठ गए। धरने में महासंघ के जिला महामंत्री जयगोविंद यादव ने कहा कि पीडब्ल्यूडी की स्थापना वर्ष 1854 में हुई थी। तब से विभागीय अधिकारी-कर्मचारी जनता के लिए सुगम व अच्छी सड़कें बनाने में तत्परता से लगे हुए हैं। कर्मचारियों की मेहनत का ही असर है कि आवागमन सुविधाजनक हुआ है।
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अधिकारियों-कर्मचारियों के मेहनत व संघर्ष की अनदेखी कर सरकार अब पीडब्लूडी को निगम बनाने की तैयारी में जुटी हुई है। पीडब्ल्यूडी की सड़कों व भवनों की गुणवत्ता अन्य कार्यदाई संस्थाओं की तुलना में सबसे बेहतर है। ऐसे कर्मठ विभाग को प्रोत्साहित करने की बजाए सरकार उसके निजीकरण पर उतारु है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। अन्य वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों के बल पर देश-प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत से सरकार बनी है। उनके हितों की अनदेखी सरकार को भारी पड़ेगी।
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प्रदर्शन व तालाबंदी में सहायक अभियंता संतोष मणि त्रिपाठी, विनय कुमार पांडेय, गोविंद पांडेय, श्रीकृष्ण यादव, विजय कुमार पाठक, चंद्रभान यादव, हनुमान प्रसाद, चंद्रिका प्रसाद, दिनेश दुबे, राघवेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, अर्चना कश्यप, आबिद अली, पारसनाथ, लालमोहन, चंद्रशेखर, राममिलन यादव आदि शामिल रहे। अध्यक्षता सहायक अभियंता संघ के प्रदीप कुमार शर्मा व संचालन सीताराम ने किया।