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अब मदरसा छात्र एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ेंगे
siddharthnagar
Updated Mon, 21 May 2018 11:38 PM IST
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NCERT
सिद्धार्थनगर। मदरसों में पढ़ने वाले छात्र अब एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ेंगे। रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा परिषद ने पत्र भेजकर जिले के 600 मदरसा प्रबंधकों से कक्षा व विषयवार छात्रों की संख्या उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि मदरसों के छात्र हर विषय के जानकार बनें।
मदरसों के शैक्षिक उन्नयन, मानकीकरण एवं एकरूपता लाने के उद्देश्य से मदरसों में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, कंप्यूटर ज्ञान, सामाजिक विज्ञान आदि की पढ़ाई के लिए एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद) की पाठ्य पुस्तकों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद का पत्र मिलने के बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने जिले के 600 मदरसों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर कक्षा एक से 10 तक अध्ययनरत छात्रों की जानकारी मांगी है।
उन्होंने बताया कि रुचि के अनुसार अथवा मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा के माध्यम के अनुसार भाषावार (उर्दू माध्यम, हिंदी माध्यम व अंग्रेजी माध्यम) वर्गीकरण करते हुए कक्षावार छात्र संख्या का आंकलन कर सूचना उपलब्ध कराएं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि सूची उपलब्ध होने के बाद आवश्यक पाठ्य पुस्तकों के संबंध में एनसीईआरटी से विचार-विमर्श कर बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाएगी। जिससे नवीन सत्र में मदरसा के छात्र एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ सके।
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मदरसों के शैक्षिक उन्नयन, मानकीकरण एवं एकरूपता लाने के उद्देश्य से मदरसों में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, कंप्यूटर ज्ञान, सामाजिक विज्ञान आदि की पढ़ाई के लिए एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद) की पाठ्य पुस्तकों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद का पत्र मिलने के बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने जिले के 600 मदरसों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर कक्षा एक से 10 तक अध्ययनरत छात्रों की जानकारी मांगी है।
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उन्होंने बताया कि रुचि के अनुसार अथवा मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा के माध्यम के अनुसार भाषावार (उर्दू माध्यम, हिंदी माध्यम व अंग्रेजी माध्यम) वर्गीकरण करते हुए कक्षावार छात्र संख्या का आंकलन कर सूचना उपलब्ध कराएं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि सूची उपलब्ध होने के बाद आवश्यक पाठ्य पुस्तकों के संबंध में एनसीईआरटी से विचार-विमर्श कर बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाएगी। जिससे नवीन सत्र में मदरसा के छात्र एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ सके।
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