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एनएच पर सिर्फ डेढ़ किमी तक भरे गए गड्ढे
Updated Fri, 16 Jun 2017 10:32 PM IST
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परसा (सिद्धार्थनरगर)। गड्ढामुक्ति को लेकर सीएम की कड़ी हिदायतें एनएच-730 की हालत पर कोई खास असर नहीं दिखा सकी है। इस मार्ग पर सिर्फ डेढ़ किमी गड्ढे भर कर कार्य खत्म कर दिया गया। 15 जून की डेडलाइन खत्म होने के बाद अब इस सड़क की हालत सुधरने की उम्मीद भी ग्रामीणों की टूट गई है।
बौद्ध परिपथ के रूप में चर्चित इस सड़क की बदहाली को लेकर पूर्ववर्ती सरकार में कई आंदोलन हुए थे। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ इस सड़क पर गड्ढों का दर्द कई बार झेल चुके हैं। लिहाजा गड्ढामुक्ति का आदेश हुआ तो क्षेत्र के लोगों में इस सड़क की हालत सुधरने की उम्मीद जगी थी।15 जून की डेडलाइन तक केवल बढ़नी के समीप धर्म कांटे से सेवरा गांव तक लगभग डेढ़ किलोमीटर तक ही मार्ग को गड्ढामुक्त किया जा सका। अन्य सड़क की हालत जस -की- तस है। सबसे अधिक समस्या गंभीर हालत वाले मरीजों को होती है जिन्हें 108 या 102 एंबुलेंस से बढ़नी पीएचसी और फिर जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। क्षेत्र के मुन्ना सिंह, नंदकिशोर चौधरी, संकटा पांडेय, मो.सफात, युधिष्ठिर शुक्ल, रामहेत यादव, आशाराम, दुर्गा प्रसाद, शहंशाह आलम, विश्वनाथ यादव, दीपेंद्र सिंह, आशुतोष शुक्ल, रामकिशोर, मो.सफीक, राजीव शर्मा, पीतांबर यादव, रामनरेश, जितेंद्र शुक्ल, अनिल अग्रहरि, राममूरत यादव, जर्रार महतो आदि ने मुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री को पत्र भेज सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
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बौद्ध परिपथ के रूप में चर्चित इस सड़क की बदहाली को लेकर पूर्ववर्ती सरकार में कई आंदोलन हुए थे। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ इस सड़क पर गड्ढों का दर्द कई बार झेल चुके हैं। लिहाजा गड्ढामुक्ति का आदेश हुआ तो क्षेत्र के लोगों में इस सड़क की हालत सुधरने की उम्मीद जगी थी।15 जून की डेडलाइन तक केवल बढ़नी के समीप धर्म कांटे से सेवरा गांव तक लगभग डेढ़ किलोमीटर तक ही मार्ग को गड्ढामुक्त किया जा सका। अन्य सड़क की हालत जस -की- तस है। सबसे अधिक समस्या गंभीर हालत वाले मरीजों को होती है जिन्हें 108 या 102 एंबुलेंस से बढ़नी पीएचसी और फिर जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। क्षेत्र के मुन्ना सिंह, नंदकिशोर चौधरी, संकटा पांडेय, मो.सफात, युधिष्ठिर शुक्ल, रामहेत यादव, आशाराम, दुर्गा प्रसाद, शहंशाह आलम, विश्वनाथ यादव, दीपेंद्र सिंह, आशुतोष शुक्ल, रामकिशोर, मो.सफीक, राजीव शर्मा, पीतांबर यादव, रामनरेश, जितेंद्र शुक्ल, अनिल अग्रहरि, राममूरत यादव, जर्रार महतो आदि ने मुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री को पत्र भेज सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
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