{"_id":"59b6c91d4f1c1bb0488b5d75","slug":"11505151261-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन मासूमों की पोखरे में डूबकर मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन मासूमों की पोखरे में डूबकर मौत
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिश्रौलिया (सिद्धार्थनगर)। थाना क्षेत्र अंतर्गत जबजौवा गांव के बारिकपार टोले में सोमवार को पोखरे में डूबने से तीन किशोरों की मौत हो गई। सभी पोखरे में नहाने गए थे, गहरे पानी में जान से डूब गए। घंटों तक चली खोजबीन के बाद तीनों के शव बाहर निकाले जा सके। एक ही साथ तीन मौतों से पूरे गांव में कोहराम मच गया। पुलिस ने पंचनामा करने के बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए।
जबजौवा ग्राम पंचायत के बारिकपार टोला निवासी अब्बास का पुत्र सलमान (12), असगर अली का पुत्र अफसर (14) व जुल्फेकार का पुत्र करीम (13) सोमवार की दोपहर गांव के पोखरे में नहाने गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक नहाते हुए तीनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। चीख-पुकार सुनकर लोगों की उस ओर नजर पड़ी। लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन कुछ ही देर में तीनों किशोर पोखरे में डूब गए। सूचना पाकर मौके पर भीड़ जुट गई। कई घंटों तक चली खोजबीन के बाद तीनों का शव पोखरे से बाहर निकाले जा सके। थानाध्यक्ष पंकज ने बताया कि शवों का पंचनामा कर परिजनों की सहमति पर अंतिम संस्कार के लिए सुपुर्द कर दिया गया है।
एक झटके में बुझे तीन चिराग, हर ओर मातम
मिश्रौलिया (सिद्धार्थनगर)। एक झटके में ही तीन घरों के चिराग बुझने से बारिकपार गांव मातम छा गया है। हर आंख नम है और जुबां से बोल नहीं फूट रहे। घटना की सूचना के बाद मृतकों के घर जुटे ग्रामीण नहीं समझ पा रहे थे कि आखिर परिजनों को कैसे ढांढस बंधाएं। माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
जुल्फेकार मजदूरी करते हैं। उनके दो पुत्रों में करीम छोटा था। बड़े बेटे रहीम के अलावा अमीना और मोमिना दो बेटियां भी हैं। अब्बास का पुत्र सलमान भी दो पुत्रों में छोटा था। उसका बड़े भाई इरशाद के अलावा दो बहनें फातिमा और जाहिदा हैं। वहीं, अफसर पिता असगर का बड़ा पुत्र था। छोटा बेटा अशरफ है, जबकि घर में कोई बेटी नहीं है। तीनों ही बच्चे गरीब परिवारों के थे। मेहनत-मजदूरी से तीनों के घर चल रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बच्चे तैराकी में बहुत अभ्यस्त नहीं थे। खेल-खेल में वह पोखरे के गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते मौत के मुंह में समा गए।
विज्ञापन
जबजौवा ग्राम पंचायत के बारिकपार टोला निवासी अब्बास का पुत्र सलमान (12), असगर अली का पुत्र अफसर (14) व जुल्फेकार का पुत्र करीम (13) सोमवार की दोपहर गांव के पोखरे में नहाने गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक नहाते हुए तीनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। चीख-पुकार सुनकर लोगों की उस ओर नजर पड़ी। लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन कुछ ही देर में तीनों किशोर पोखरे में डूब गए। सूचना पाकर मौके पर भीड़ जुट गई। कई घंटों तक चली खोजबीन के बाद तीनों का शव पोखरे से बाहर निकाले जा सके। थानाध्यक्ष पंकज ने बताया कि शवों का पंचनामा कर परिजनों की सहमति पर अंतिम संस्कार के लिए सुपुर्द कर दिया गया है।
विज्ञापन
एक झटके में बुझे तीन चिराग, हर ओर मातम
मिश्रौलिया (सिद्धार्थनगर)। एक झटके में ही तीन घरों के चिराग बुझने से बारिकपार गांव मातम छा गया है। हर आंख नम है और जुबां से बोल नहीं फूट रहे। घटना की सूचना के बाद मृतकों के घर जुटे ग्रामीण नहीं समझ पा रहे थे कि आखिर परिजनों को कैसे ढांढस बंधाएं। माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
जुल्फेकार मजदूरी करते हैं। उनके दो पुत्रों में करीम छोटा था। बड़े बेटे रहीम के अलावा अमीना और मोमिना दो बेटियां भी हैं। अब्बास का पुत्र सलमान भी दो पुत्रों में छोटा था। उसका बड़े भाई इरशाद के अलावा दो बहनें फातिमा और जाहिदा हैं। वहीं, अफसर पिता असगर का बड़ा पुत्र था। छोटा बेटा अशरफ है, जबकि घर में कोई बेटी नहीं है। तीनों ही बच्चे गरीब परिवारों के थे। मेहनत-मजदूरी से तीनों के घर चल रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बच्चे तैराकी में बहुत अभ्यस्त नहीं थे। खेल-खेल में वह पोखरे के गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते मौत के मुंह में समा गए।