फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   संघ के ‘ए’ ‘बी’ ‘सी’ फार्मूले से बूथ जीतने की तैयारी..

संघ के ‘ए’ ‘बी’ ‘सी’ फार्मूले से बूथ जीतने की तैयारी..

Fri, 03 May 2019 11:27 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 May 2019 11:27 PM IST
विज्ञापन
संघ के ‘ए’ ‘बी’ ‘सी’ फार्मूले से बूथ जीतने की तैयारी..
संघ के ‘ए’ ‘बी’ ‘सी’ फार्मूले से बूथ जीतने की तैयारी
विज्ञापन

मतदान पर्ची के साथ सक्रिय होंगे संघ कार्यकर्ता
जिले के हर बूथों पर रखेंगे विशेष नजर
तीन कटेगरी में किया गया है वोटरों को विभाजित
नीरज मिश्र
सिद्धार्थनगर। मतदान की तिथि निकट आते ही राजनीतिक दल और उनके सहयोगी दल अपने-अपने बूथों पर सक्रिय हो चले हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने भी इसी कड़ी में पर्दे के पीछे रहकर भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव की कमान संभाल ली है। इसके लिए उसने ‘ए’ ‘बी’ ‘सी’ फार्मूला तैयार किया है, जो मतदाताओं को वरीयता के आधार पर बूथों तक पहुंचाने का काम करेंगे।
भाजपा के लिए माहौल बनाने और मतदाताओं को बूथों तक पहुंचाने के लिए संघ पूरी तरह से अंदरूनी तौर पर सक्रिय है। बुद्ध भूमि पर उसकी नजर है। यही वजह है कि इस बार संघ ने अंदरूनी तौर पर मतदाताओं की तीन कटेगरी तैयार की है। पहली कटेगरी ‘ए’ है, इस श्रेणी में उन मतदाताओं को रखा जा रहा है, जो पूरी तरह से भाजपा के समर्थक हैं। ‘बी’ श्रेणी में उन मतदाताओं को रखा गया है, जो भाजपा और दूसरे दलों के बीच उलझे हुए हैं। ‘सी’ की श्रेणी में उन मतदाताओं को रखा गया है, जो पूरी तरह से भाजपा के साथ नहीं हैं। इसके लिए संघ के सेवकों को लगाया गया है, जो रूठे हुए मतदाताओं से यह पूछ रहे हैं कि आखिर भाजपा ने गलती क्या की है और उसमें सुधार की क्या जरूरत है। इसके अलावा भाजपा के समर्थकों की भी मदद लेकर ऐसे मतदाताओं के पास जा रहे हैं, जो पूरी तरह से भाजपा से नाराज चल रहे हैं।
विज्ञापन

संघ के एक नेता ने नाम न छपने की शर्त पर बताया कि अंदरूनी तौर पर भाजपा के लिए हर घर को टच किया जा रहा है। इसमें पढ़े-लिखे सवर्ण और पिछड़ी और दलितों पर खास फोकस है, जिससे कि जो मतदाता नाराज चल रहे हैं, उन्हें मनाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिवक्ता और चिकित्सकों पर नजर
संघ के स्वयं सेवक और कार्यकर्ता बूथ कमेटियों पर ऐसे लोगों के घरों पर दस्तक दे रहे हैं, जो ज्यादा पढ़े-लिखे हों, जिनकी क्षेत्र में ज्यादा पहचान हो। ऐसे लोगों में अधिवक्ता, चिकित्सक, इंजीनियर जैसे लोग शामिल हैं। इसके पीछे संघ का उद्देश्य है कि ये लोग समाज में ज्यादा असर डाल सकते हैं। इसके अलावा पिछड़ी और दलितों में पढ़े-लिखे लोगों और अधिकारियों के घरों पर भी संघ दस्तक दे रहा है।


अल्पसंख्यकों का नहीं मिल रहा साथ
संघ के ए, बी, सी फार्मूले में अल्पसंख्यकों का साथ नहीं फिट बैठ रहा है। ऐसे में संघ को अल्पसंख्यकों से दूरी बनानी पड़ रही है। हालांकि जिले में शिया समुदाय में थोड़ी बहुत पकड़ संघ है, जिसकी बदौलत वह अल्पसंख्यकों में कुछ हद तक वोट की सेंधमारी कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed