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बांधों में रिसाव से लोगों की बढ़ी चिंता
Updated Sat, 19 Aug 2017 10:39 PM IST
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उसका बाजार (सिद्धार्थनगर)। विकास क्षेत्र में बाढ़ का कहर जारी है। यहां से गुजरने वाली राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा व घोंघी नदियों में जहां मामूली गिरावट दर्ज की गई वहीं, जमुआर नाले की स्थिति जस -की -तस बनी हुई है। वहीं, कई बांधों में रिसाव की खबर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
बाढ़ के चलते क्षेत्र के दर्जनों गांव पानी से घिरे हुए हैं। पीड़ित लोग राहत सामग्री की आस लगाए प्रशासन की बाट जोह रहे हैं। क्षेत्र के ऊंचहरिया, बसावनपुर, चनरैया, करछुलिया, फुलवरिया, नगवां, गौरा, खुटवा, बनगवां, कटकी, मैनखाही, बगही, महनी, बकैनि, गंगाधरपुर, बरदहा, महुलानी, परसा समेत नगर पंचायत के लगभग सभी वार्डों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। बाढ़ की भयावह स्थिति के बाद भी प्रशासन की लापरवाही जारी है। शुक्रवार की देर रात मोगलहा में मुन्नर के घर के पास बांध में तेजगति से रिसाव शुरू हो गया जिससे ग्रामीण सहम गए। आनन-फानन में लोगों ने जान पर खेल कर रिसाव वाले जगह को भरने में जुट गए। यहां बांध कट गया तो घुघुलिया, रानीगंज, सेखुई, मधुरी व मुख्य बाजार समेत दर्जनों गांवों में भारी तबाही मच जाएगी। इसी तरह चित्तापुर बांध पर सितई के खेत में एक बाद एक सातवें स्थान से रिसाव शुरू हो गया। तालनटवा के पास भी रिसाव शुरू है।
लोगों की मदद से प्रशासन ने रिसाव वाली जगह को भरा। इसी तरह लनापार बांध पर तिवारीडीह के पास पंचम के झोपड़ी के पास अचानक बांध बैठ गया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत कर कटान को रोका। इसके अलावा बूढ़ी राप्ती नदी पर बना खजूरडाढ़ पुल के उत्तरी हिस्से का अप्रोच पूरी तरह से कट गया है, जिससे पुल पर आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीण रामदेव ने बताया कि किसी तरह से 15 वर्ष बाद पुल बन गया लेकिन अप्रोच बहने से फिर पहले जैसी समस्या हो गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के गिरिजा शंकर साहनी, जयराम यादव, सुरेंद्र यादव, बृजनंदन, विजय साहनी, पवन साहनी, दिलीप साहनी, दीपक, पुजारी साहनी, मुलायम यादव, सुनील साहनी, रामजीत, सैलाब यादव, बीरे, पप्पू, रामजीत, रामनेवास साहनी, प्रह्लाद, रामबृक्ष, रामकेश यादव, रामसूरत, राधेश्याम यादव, सिकंदर, मुन्नर आदि ने प्रशासन पर अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
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बाढ़ के चलते क्षेत्र के दर्जनों गांव पानी से घिरे हुए हैं। पीड़ित लोग राहत सामग्री की आस लगाए प्रशासन की बाट जोह रहे हैं। क्षेत्र के ऊंचहरिया, बसावनपुर, चनरैया, करछुलिया, फुलवरिया, नगवां, गौरा, खुटवा, बनगवां, कटकी, मैनखाही, बगही, महनी, बकैनि, गंगाधरपुर, बरदहा, महुलानी, परसा समेत नगर पंचायत के लगभग सभी वार्डों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। बाढ़ की भयावह स्थिति के बाद भी प्रशासन की लापरवाही जारी है। शुक्रवार की देर रात मोगलहा में मुन्नर के घर के पास बांध में तेजगति से रिसाव शुरू हो गया जिससे ग्रामीण सहम गए। आनन-फानन में लोगों ने जान पर खेल कर रिसाव वाले जगह को भरने में जुट गए। यहां बांध कट गया तो घुघुलिया, रानीगंज, सेखुई, मधुरी व मुख्य बाजार समेत दर्जनों गांवों में भारी तबाही मच जाएगी। इसी तरह चित्तापुर बांध पर सितई के खेत में एक बाद एक सातवें स्थान से रिसाव शुरू हो गया। तालनटवा के पास भी रिसाव शुरू है।
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लोगों की मदद से प्रशासन ने रिसाव वाली जगह को भरा। इसी तरह लनापार बांध पर तिवारीडीह के पास पंचम के झोपड़ी के पास अचानक बांध बैठ गया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत कर कटान को रोका। इसके अलावा बूढ़ी राप्ती नदी पर बना खजूरडाढ़ पुल के उत्तरी हिस्से का अप्रोच पूरी तरह से कट गया है, जिससे पुल पर आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीण रामदेव ने बताया कि किसी तरह से 15 वर्ष बाद पुल बन गया लेकिन अप्रोच बहने से फिर पहले जैसी समस्या हो गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के गिरिजा शंकर साहनी, जयराम यादव, सुरेंद्र यादव, बृजनंदन, विजय साहनी, पवन साहनी, दिलीप साहनी, दीपक, पुजारी साहनी, मुलायम यादव, सुनील साहनी, रामजीत, सैलाब यादव, बीरे, पप्पू, रामजीत, रामनेवास साहनी, प्रह्लाद, रामबृक्ष, रामकेश यादव, रामसूरत, राधेश्याम यादव, सिकंदर, मुन्नर आदि ने प्रशासन पर अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
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