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महिलाएं करेंगी सामुदायिक शौचालय का संचालन
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श्रावस्ती। ग्राम पंचायतों में बनाए गए सामुदायिक शौचालयों के संचालन का जिम्मा विधवा व उम्रदराज महिलाओं के हाथों में होगा। इन महिलाओं का चयन गांवों में बने स्वयं सहायता समूह के सदस्यों में से किया जाएगा। इस कार्य के बदले ग्राम पंचायत प्रतिमाह चयनित महिलाओं को छह हजार रुपये मानदेय भी देगा। पहले चरण में एक सौ सत्तर ग्राम पंचायतों में पूर्ण हो चुके शौचालय की बागडोर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी जाएगी। जिले में कुल 397 सामुदायिक शौचालय का निर्माण होना है।
ग्राम पंचायत को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें शावर, हैंगर, वॉस बेसिन के साथ ही महिला व पुुरुष शौचालय की ओर एक एक हजार लीटर के वाटर टैंक की व्यवस्था की गई है। अब तक 170 पंचायतों में निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है।
अब इसे संचालित करने के लिए नजदीक के स्वयं सहायता समूहों से चयनित महिलाओं को सौंपा जाना है। शौचालय केयर टेकर को हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है। चयनित केयर टेकर महिला को इस कार्य के लिए प्रतिमाह छह हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा। तीन हजार रुपये प्रति माह की दर से हर छह माह पर शौचालय के रख रखाव के लिए अलग से पैसा मिलेगा। केयर टेकर के चयन के लिए पंचायत राज विभाग ने मानक तय किया है।
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रखरखाव के लिए इस प्रकार मिलेगा बजट
ग्राम पंचायतों में बनो सामुदायिक शौचालय के रखरखाव के लिए हर माह तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। सफाई कर्मचारी या केयर टेकर दिन में कम से कम दो बार इसकी सफाई करेगा। इसके अलावा बिजली, प्लंबिग, नल और टोटी की मरम्मत के लिए पांच सौ रुपये प्रति माह और साफ सफाई के लिए झाड़ू, ब्रश, वाइपर, स्पंज, कपड़े, पोछा, बाल्टी, मग आदि के लिए छह माह में एक बार बारह सौ रुपये दिए जाएंगे।
साबुन, वाशिंग पाउडर, एयर फ्रेशनर, ग्लब्स, हार्पिक, मास्क, दस्ताने और एप्रेन के लिए एक हजार रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यूटिलिटी चार्जेज के रूप में पानी, बिजली, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए एक हजार रुपये प्रति माह और अन्य खर्चों के लिए तीन सौ रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
चयन का यह होगा आधार
शौचालय संचालन के लिए सबसे नजदीक के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में से ही केयरटेकर का चयन किया जाएगा। चयन के समय यह ध्यान रखा जाएगा की सबसे पहले प्राथमिकता विधवा महिला को मिले। इसके बाद समूह की सबसे वरिष्ठ महिला उसके बाद सबसे गरीब को अवसर प्रदान किया जाएगा। जिन स्थानों पर स्वयं सहायता समूह नहीं हैं, वहां ग्राम पंचायत से इसी क्रम में चयन किया जाएगा।
दिसंबर के अंत तक बन जाएंगे शत-प्रतिशत शौचालय
पहले चरण में एक सौ सत्तर शौचालय का कार्य पूरा हो चुका है। जिसमें से चार व छह सीटर के पचास तथा टू सीटर के एक सौ बीस शौचालय है। पूर्ण हो चुके शौचालयों को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार देने के लिए हैंडओवर करने की कार्रवाई की जा रही है। जैसे-जैसे निर्माण पूरे होते जाएंगे, वैसे-वैसे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। दिसंबर के अंत तक जिले में शत प्रतिशत शौचालय का निर्माण होगा। इस शौचालय से 397 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। - किरन, जिला पंचायत राज अधिकारी
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ग्राम पंचायत को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें शावर, हैंगर, वॉस बेसिन के साथ ही महिला व पुुरुष शौचालय की ओर एक एक हजार लीटर के वाटर टैंक की व्यवस्था की गई है। अब तक 170 पंचायतों में निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है।
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अब इसे संचालित करने के लिए नजदीक के स्वयं सहायता समूहों से चयनित महिलाओं को सौंपा जाना है। शौचालय केयर टेकर को हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है। चयनित केयर टेकर महिला को इस कार्य के लिए प्रतिमाह छह हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा। तीन हजार रुपये प्रति माह की दर से हर छह माह पर शौचालय के रख रखाव के लिए अलग से पैसा मिलेगा। केयर टेकर के चयन के लिए पंचायत राज विभाग ने मानक तय किया है।
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रखरखाव के लिए इस प्रकार मिलेगा बजट
ग्राम पंचायतों में बनो सामुदायिक शौचालय के रखरखाव के लिए हर माह तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। सफाई कर्मचारी या केयर टेकर दिन में कम से कम दो बार इसकी सफाई करेगा। इसके अलावा बिजली, प्लंबिग, नल और टोटी की मरम्मत के लिए पांच सौ रुपये प्रति माह और साफ सफाई के लिए झाड़ू, ब्रश, वाइपर, स्पंज, कपड़े, पोछा, बाल्टी, मग आदि के लिए छह माह में एक बार बारह सौ रुपये दिए जाएंगे।
साबुन, वाशिंग पाउडर, एयर फ्रेशनर, ग्लब्स, हार्पिक, मास्क, दस्ताने और एप्रेन के लिए एक हजार रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यूटिलिटी चार्जेज के रूप में पानी, बिजली, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए एक हजार रुपये प्रति माह और अन्य खर्चों के लिए तीन सौ रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
चयन का यह होगा आधार
शौचालय संचालन के लिए सबसे नजदीक के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में से ही केयरटेकर का चयन किया जाएगा। चयन के समय यह ध्यान रखा जाएगा की सबसे पहले प्राथमिकता विधवा महिला को मिले। इसके बाद समूह की सबसे वरिष्ठ महिला उसके बाद सबसे गरीब को अवसर प्रदान किया जाएगा। जिन स्थानों पर स्वयं सहायता समूह नहीं हैं, वहां ग्राम पंचायत से इसी क्रम में चयन किया जाएगा।
दिसंबर के अंत तक बन जाएंगे शत-प्रतिशत शौचालय
पहले चरण में एक सौ सत्तर शौचालय का कार्य पूरा हो चुका है। जिसमें से चार व छह सीटर के पचास तथा टू सीटर के एक सौ बीस शौचालय है। पूर्ण हो चुके शौचालयों को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार देने के लिए हैंडओवर करने की कार्रवाई की जा रही है। जैसे-जैसे निर्माण पूरे होते जाएंगे, वैसे-वैसे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। दिसंबर के अंत तक जिले में शत प्रतिशत शौचालय का निर्माण होगा। इस शौचालय से 397 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। - किरन, जिला पंचायत राज अधिकारी