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बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार पढ़ाएं शिक्षक
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श्रावस्ती। हरिहरपुररानी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खाले ककरा व महरौली गोशाला का सोमवार को डीएम ने औचक निरीक्षण किया। उन्हें तमाम खामियां दिखीं। नामांकित 113 बच्चों के सापेक्ष मात्र 27 बच्चे ही उपस्थित मिले। एक शिक्षामित्र गैरहाजिर मिली। इस पर डीएम ने गहरी नाराजगी जतायी।
जिलाधिकारी ओपी आर्य को शिक्षकों ने बच्चों की अनुपस्थिति का कारण बारिश होना बताया। इस पर डीएम ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यालय बंद होने के बाद घर-घर जाकर अभिभावकों से मिलें व तथा बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।
शिक्षा की गुणवत्ता को परखने के उद्देश्य से उन्होंने कक्षा एक, दो, तीन व पांच के बच्चों से हिंदी की किताब पढ़वायी। कुछ ही बच्चे थोड़ा-बहुत पढ़ पाए। इस पर दोनों सहायक अध्यापकों को निर्देश दिया कि अपना नैतिक दायित्व समझ कर बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।
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इसके बाद स्कूल परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा लिया। कार्यकर्ता से कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि 0-3 वर्ष तक के कुल 11 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से नौ बच्चे लाल श्रेणी के हैं तथा दो बच्चे पीले श्रेणी के हैं। इस पर डीएम ने बच्चों को एनआरसी भेजने को कहा। इस दौरान ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ओपी आर्य को शिक्षकों ने बच्चों की अनुपस्थिति का कारण बारिश होना बताया। इस पर डीएम ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यालय बंद होने के बाद घर-घर जाकर अभिभावकों से मिलें व तथा बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।
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शिक्षा की गुणवत्ता को परखने के उद्देश्य से उन्होंने कक्षा एक, दो, तीन व पांच के बच्चों से हिंदी की किताब पढ़वायी। कुछ ही बच्चे थोड़ा-बहुत पढ़ पाए। इस पर दोनों सहायक अध्यापकों को निर्देश दिया कि अपना नैतिक दायित्व समझ कर बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।
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इसके बाद स्कूल परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा लिया। कार्यकर्ता से कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि 0-3 वर्ष तक के कुल 11 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से नौ बच्चे लाल श्रेणी के हैं तथा दो बच्चे पीले श्रेणी के हैं। इस पर डीएम ने बच्चों को एनआरसी भेजने को कहा। इस दौरान ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।