{"_id":"642db3db2fce070393037984","slug":"soakpit-construction-is-being-done-defying-the-rules-srawasti-news-c-13-1-167496-2023-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: नियमों को धता बता हो रहा सोकपिट निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: नियमों को धता बता हो रहा सोकपिट निर्माण
Wed, 05 Apr 2023 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Wed, 05 Apr 2023 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमुनहा (श्रावस्ती)। जमुनहा भवनियापुर में नियमों को धता बताकर शौचालय के लिए सोकपिट का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इससे नाराज ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजकर प्रकरण में हस्तक्षेप करने व गुणवत्ता अनुरूप निर्माण कराने की मांग की है।
गांवों में होने वाले विकास कार्यों में मनरेगा श्रमिकों से काम लेने का प्रावधान है। जबकि जमुनहा के ग्राम जमुनहा भवनियापुर में इन नियमों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। गांव में जिला परिषद की भूमि पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। इसके सोकपिट के लिए खोदे जाने वाले गड्ढों के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी ने मनरेगा श्रमिकों को न लगाकर जेसीबी का सहारा लिया।
यहां जेसीबी से खोदवाकर चार सोकपिट बनवाया जा रहा है। इसमें पीली ईंट व खेत की रेत सहित मानक के विपरीत निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। गुणवत्ता विहीन निर्माण के कारण सोकपिट में लगने वाली ईंट हाथ लगाते ही मसाला छोड़ रही है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता को लेकर सवालिया निशान लगने लगे हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
गांवों में होने वाले विकास कार्यों में मनरेगा श्रमिकों से काम लेने का प्रावधान है। जबकि जमुनहा के ग्राम जमुनहा भवनियापुर में इन नियमों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। गांव में जिला परिषद की भूमि पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। इसके सोकपिट के लिए खोदे जाने वाले गड्ढों के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी ने मनरेगा श्रमिकों को न लगाकर जेसीबी का सहारा लिया।
विज्ञापन
यहां जेसीबी से खोदवाकर चार सोकपिट बनवाया जा रहा है। इसमें पीली ईंट व खेत की रेत सहित मानक के विपरीत निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। गुणवत्ता विहीन निर्माण के कारण सोकपिट में लगने वाली ईंट हाथ लगाते ही मसाला छोड़ रही है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता को लेकर सवालिया निशान लगने लगे हैं। संवाद
विज्ञापन