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बिना वीजा रह रहे अफगानी नागरिक सहित उसके दो सहयोगी दबोचे
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श्रावस्ती। बगैर टूरिस्ट वीजा के 10 माह से रह रहे एक अफगानी नागरिक को रविवार को सिरसिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस ने हेमपुर निवासी सहित उसके दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया। जिनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से बाद में तीनों को जेल भेजा गया है।
इस बारे में पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार मौर्य ने बताया कि सिरसिया पुलिस रविवार देर शाम गश्त पर निकली थी। इस दौरान गुलरा परसोहना के पास तीन लोग खड़े दिखे। जो पुलिस को देख कर भागने लगे। संदेह के आधार पर पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उनकी पहचान अफगानिस्तान के ग्राम कुनार मोहल्ला तलाशी चौक जोर धर्मशाला जलालाबाद निवासी इमरान शामी सफी व पंजाब प्रांत के जिला लुधियाना अंतर्गत थाना मच्छीवाड़ा के लोहरिया निवासी नरेंद्र पाल सिंह तथा सिरसिया थाना क्षेत्र के हेमपुर निवासी रहमत अली उर्फ शकील के रूप में हुई। पूछताछ में अफगानी नागरिक ने बताया कि वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। कागजात मांगने पर उसके पास मूलरूप से वीजा उपलब्ध नहीं था। जिसकी फोटो उसने अपने मोबाइल पर दिखाई। जिसका प्रिंटआउट निकलवाया गया। उस पर पासपोर्ट संख्या एएफजी 01931261 दर्ज था। जो 24 दिसंबर 2016 को जारी हुआ था। उसकी समाप्ति 24 दिसंबर 2021 अंकित है।
पूछताछ में उसने बताया कि मैं टूरिस्ट वीजा पर 19 अगस्त 2017 को अफगानिस्तान से नई दिल्ली एयरपोर्ट आया था। नई दिल्ली में 3-4 माह चर्च में रिकॉर्डिंग का काम किया। मेरा वीजा तीन माह का था जो कि समाप्त हो गया था। इसलिए मैं गुड़गांव चला गया। जहां पर वेज-नानवेज होटल खोला। वहां दो वर्ष तक रहा। 2020 में पुणे चला गया। वहां फिलिस्तीनी कैफे मे काम किया। 2020 में ही जालंधर चला आया। जहां अफगान ताजमहल नाम से नानवेज होटल चला रहा हूं। रहमत अली जो हेमपुर के निवासी हैं वहीं पर काम कर रहे थे। उन्हीं के यहां 14 अक्तूबर 2022 को अपने दोस्त नरेंद्र पाल सिंह के साथ आया था। तब से यहीं रह रहा हूं। थाना प्रभारी पंकज कुमार ने तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक-एक एंड्रॉयड फोन भी बरामद किया। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
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इस बारे में पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार मौर्य ने बताया कि सिरसिया पुलिस रविवार देर शाम गश्त पर निकली थी। इस दौरान गुलरा परसोहना के पास तीन लोग खड़े दिखे। जो पुलिस को देख कर भागने लगे। संदेह के आधार पर पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उनकी पहचान अफगानिस्तान के ग्राम कुनार मोहल्ला तलाशी चौक जोर धर्मशाला जलालाबाद निवासी इमरान शामी सफी व पंजाब प्रांत के जिला लुधियाना अंतर्गत थाना मच्छीवाड़ा के लोहरिया निवासी नरेंद्र पाल सिंह तथा सिरसिया थाना क्षेत्र के हेमपुर निवासी रहमत अली उर्फ शकील के रूप में हुई। पूछताछ में अफगानी नागरिक ने बताया कि वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। कागजात मांगने पर उसके पास मूलरूप से वीजा उपलब्ध नहीं था। जिसकी फोटो उसने अपने मोबाइल पर दिखाई। जिसका प्रिंटआउट निकलवाया गया। उस पर पासपोर्ट संख्या एएफजी 01931261 दर्ज था। जो 24 दिसंबर 2016 को जारी हुआ था। उसकी समाप्ति 24 दिसंबर 2021 अंकित है।
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पूछताछ में उसने बताया कि मैं टूरिस्ट वीजा पर 19 अगस्त 2017 को अफगानिस्तान से नई दिल्ली एयरपोर्ट आया था। नई दिल्ली में 3-4 माह चर्च में रिकॉर्डिंग का काम किया। मेरा वीजा तीन माह का था जो कि समाप्त हो गया था। इसलिए मैं गुड़गांव चला गया। जहां पर वेज-नानवेज होटल खोला। वहां दो वर्ष तक रहा। 2020 में पुणे चला गया। वहां फिलिस्तीनी कैफे मे काम किया। 2020 में ही जालंधर चला आया। जहां अफगान ताजमहल नाम से नानवेज होटल चला रहा हूं। रहमत अली जो हेमपुर के निवासी हैं वहीं पर काम कर रहे थे। उन्हीं के यहां 14 अक्तूबर 2022 को अपने दोस्त नरेंद्र पाल सिंह के साथ आया था। तब से यहीं रह रहा हूं। थाना प्रभारी पंकज कुमार ने तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक-एक एंड्रॉयड फोन भी बरामद किया। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
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