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ओपीडी के पांच प्रतिशत मरीजों की होगी टीबी की जांच
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श्रावस्ती। देश को 2025 तक क्षय (टीबी) रोग से मुक्त बनाने के लिए नित्य नए प्रयास हो रहे हैं। इसी क्रम में एक और कदम उठाया गया है। 30 सितंबर तक विशेष अभियान चला कर जिला अस्पताल सहित सभी सीएससी व पीएचसी पर प्रतिदिन ओपीडी के पांच प्रतिशत मरीजों को टीबी की जांच के लिए नजदीकी माइक्रोस्कोपी सेंटर रेफर किया जाएगा। साथ ही सभी पात्र बच्चों को बीसीजी का टीका भी लगाया जाएगा।
डीटीओ डॉ. संत कुमार ने बताया कि 2022 में जिले में 2000 टीबी के संभावित मरीजों को चिह्नित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 26 जुलाई तक 1030 मरीजों को चिह्नित भी किया जा चुका है। अभियान के दौरान निजी चिकित्सकों के साथ आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व यूनानी चिकित्सक भी क्षय रोगियों को पीएचसी, सीएचसी जिला अस्पताल या क्षय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए रेफर करेंगे। इसके लिए उन्हें सरकार की ओर से 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
उन्होंने चिकित्सकों से कहाकि यदि उनके क्लीनिक पर ऐसे लक्षण युक्त क्षय रोगी जिन्हें दो सप्ताह से लगातार खांसी आ रही हो, बुखार हो, पसीना लगातार आता हो, बलगम में खून आता हो, लगातार वजन घट रहा हो। उन्हें जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र पर जांच के लिए रेफर करें। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम समन्वयक रवि मिश्रा ने बताया कि ऐसे मरीज जो टीवी पॉजिटिव है उनके परिवार के सदस्यों व उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जांच की जाएगी। क्षय रोग की पुष्टि होने पर नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। उपचारित मरीज अपनी दवा बीच में कदापि ना छोड़े।
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डीटीओ डॉ. संत कुमार ने बताया कि 2022 में जिले में 2000 टीबी के संभावित मरीजों को चिह्नित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 26 जुलाई तक 1030 मरीजों को चिह्नित भी किया जा चुका है। अभियान के दौरान निजी चिकित्सकों के साथ आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व यूनानी चिकित्सक भी क्षय रोगियों को पीएचसी, सीएचसी जिला अस्पताल या क्षय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए रेफर करेंगे। इसके लिए उन्हें सरकार की ओर से 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
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उन्होंने चिकित्सकों से कहाकि यदि उनके क्लीनिक पर ऐसे लक्षण युक्त क्षय रोगी जिन्हें दो सप्ताह से लगातार खांसी आ रही हो, बुखार हो, पसीना लगातार आता हो, बलगम में खून आता हो, लगातार वजन घट रहा हो। उन्हें जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र पर जांच के लिए रेफर करें। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम समन्वयक रवि मिश्रा ने बताया कि ऐसे मरीज जो टीवी पॉजिटिव है उनके परिवार के सदस्यों व उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जांच की जाएगी। क्षय रोग की पुष्टि होने पर नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। उपचारित मरीज अपनी दवा बीच में कदापि ना छोड़े।
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