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कमरों के साथ बच्चों को मिलेगा नया हैंडवॉशिंग सिस्टम
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श्रावस्ती। संविलियन स्कूलों में जल्द ही कमरों की कमी दूर होगी। इसके साथ ही जर्जर स्कूलों में रिपेयरिंग भी कराई जाएगी। कुछ चिह्नित स्कूलों में सोलर सिस्टम के साथ हैंडवॉशिंग यूनिट लगाने की व्यवस्था है। इस नए परिवर्तन से स्कूलों की स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
परिषदीय स्कूलों का संविलियन किया जा चुका है। अब जिले में केवल 984 स्कूल हैं। इन स्कूलों में प्राथमिक व जूनियर दोनों की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। ऐसे में कुछ स्कूल ऐसे भी हो गए थे जहां बच्चों की संख्या अधिक तो मौके पर कमरों की संख्या कम थी। इसके लिए केंद्र सरकार ने जिले को नौ अतिरिक्त कक्षाकक्ष आवंटित किये हैं। इसके साथ ही तीन स्कूल जो अत्यंत जर्जर हो गए हैं। उन्हें मेजर रिपेयरिंग में पैसे का आवंटन हुआ है। जबकि तीन ही स्कूल में सोलर पैनल तो सात स्कूल में हैंडवॉशिंग सिस्टम लगाने की अनुमति मिली है। वृहद मरम्मत के लिए उन्हीं स्कूलों का चयन किया गया है।
जिनका निर्माण दस वर्ष पूर्व किया गया था। इन स्कूलों को पैसा आवंटन के साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि वह कार्य प्रारंभ से पूर्व व कार्य प्रारंभ के बाद की फोटो जरूर उपलब्ध कराएं। जबकि अतिरिक्त कक्षा कक्ष के निर्माण के लिए धन आवंटन करने के साथ यह आदेश दिया गया है कि स्कूल का चयन यू डायस कोड 2020-21 के आधार पर प्रस्तावित किया गया है। ऐसे में यदि इस वर्ष छात्रों की संख्या कम हो गई हो इसके बावजूद यह निर्माण कराया जाएगा। इस संबंध में सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक अजीत कुमार उपाध्याय बताते हैं कि अभी तक इस स्वीकृति के सापेक्ष कोई बजट जिले को प्राप्त नहीं हुआ है। बजट मिलने के साथ ही इसे स्कूल प्रबंधन समिति को भेजा जाएगा।
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परिषदीय स्कूलों का संविलियन किया जा चुका है। अब जिले में केवल 984 स्कूल हैं। इन स्कूलों में प्राथमिक व जूनियर दोनों की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। ऐसे में कुछ स्कूल ऐसे भी हो गए थे जहां बच्चों की संख्या अधिक तो मौके पर कमरों की संख्या कम थी। इसके लिए केंद्र सरकार ने जिले को नौ अतिरिक्त कक्षाकक्ष आवंटित किये हैं। इसके साथ ही तीन स्कूल जो अत्यंत जर्जर हो गए हैं। उन्हें मेजर रिपेयरिंग में पैसे का आवंटन हुआ है। जबकि तीन ही स्कूल में सोलर पैनल तो सात स्कूल में हैंडवॉशिंग सिस्टम लगाने की अनुमति मिली है। वृहद मरम्मत के लिए उन्हीं स्कूलों का चयन किया गया है।
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जिनका निर्माण दस वर्ष पूर्व किया गया था। इन स्कूलों को पैसा आवंटन के साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि वह कार्य प्रारंभ से पूर्व व कार्य प्रारंभ के बाद की फोटो जरूर उपलब्ध कराएं। जबकि अतिरिक्त कक्षा कक्ष के निर्माण के लिए धन आवंटन करने के साथ यह आदेश दिया गया है कि स्कूल का चयन यू डायस कोड 2020-21 के आधार पर प्रस्तावित किया गया है। ऐसे में यदि इस वर्ष छात्रों की संख्या कम हो गई हो इसके बावजूद यह निर्माण कराया जाएगा। इस संबंध में सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक अजीत कुमार उपाध्याय बताते हैं कि अभी तक इस स्वीकृति के सापेक्ष कोई बजट जिले को प्राप्त नहीं हुआ है। बजट मिलने के साथ ही इसे स्कूल प्रबंधन समिति को भेजा जाएगा।
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