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संसाधन उपलब्ध, चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ का इंतजार
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श्रावस्ती। कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर से निबटने की तैयारी जिले में शिथिल हो गयी है। इसके चलते ही जिले के तीन अस्पतालों में बेड व चिकित्सीय उपकरण सहित अन्य संसाधन तो उपलब्ध है लेकिन चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की कर्मी जस की तस बनी है।
कोविड की तीसरी लहर का सामना प्रभावी स्तर पर करने के लिए जिले में तीन अलग अलग अस्पतालों में 211 बेड की व्यवस्था की गयी है। इसके तहत सीएचसी सोनवा में 100, सीएचसी भंगहा में 61 और सीएचसी लक्ष्मनपुर में 50 बेड की व्यवस्था की गयी है। इनमें सोनवा में दस , भंगहा में दो व संयुक्त जिला चिकित्सालय में आठ वेंटीलेटर बेड भी मुहैया कराए गए हैं। इन सभी अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट के साथ ही जन सहयोग से जेनरेटर भी लगाया गया है। ताकि तीसरी लहर की चपेट में आने वाले मरीजों को कोई असुविधा न हो। भौतिक संसाधनों की व्यवस्था पूरी किए जाने के बावजूद इन तीनों अस्पतालों में चिकित्सक व अन्य मेडिकल कार्मिकों की तैनाती अभी तक न हुई है। ऐसे में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी संसाधनों की तैयारियों को बेमानी साबित करती है।
वेंटीलेटर यूनिट के लिए मात्र एक की तैनात
कोविड समर्पित चिकित्सालयों में लगे वेंटीलेटर यूनिट को चलाने के लिए बेहोशी के दस चिकित्सकों की आवश्यकता है। इसके बावजूद मौजूदा समय में जिले में मात्र एक चिकित्सक की ही तैनाती है। इसके साथ ही जिले में चेस्ट स्पेशलिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, सर्जन सहित अन्य विशेषज्ञों की भी काफी कमी है। तीनों ही अस्पताल में अभी पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती भी नहीं हुई है।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत है। इसके लिए कई पत्र शासन व निदेशालय को भेजे जा चुके हैं। डीएम के माध्यम से भी एक पत्र भेजा गया है। लेकिन इस संबंध में कोई भी मार्ग दर्शन अभी तक नहीं मिला है। -डॉ. एपी भार्गव, सीएमओ
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कोविड की तीसरी लहर का सामना प्रभावी स्तर पर करने के लिए जिले में तीन अलग अलग अस्पतालों में 211 बेड की व्यवस्था की गयी है। इसके तहत सीएचसी सोनवा में 100, सीएचसी भंगहा में 61 और सीएचसी लक्ष्मनपुर में 50 बेड की व्यवस्था की गयी है। इनमें सोनवा में दस , भंगहा में दो व संयुक्त जिला चिकित्सालय में आठ वेंटीलेटर बेड भी मुहैया कराए गए हैं। इन सभी अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट के साथ ही जन सहयोग से जेनरेटर भी लगाया गया है। ताकि तीसरी लहर की चपेट में आने वाले मरीजों को कोई असुविधा न हो। भौतिक संसाधनों की व्यवस्था पूरी किए जाने के बावजूद इन तीनों अस्पतालों में चिकित्सक व अन्य मेडिकल कार्मिकों की तैनाती अभी तक न हुई है। ऐसे में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी संसाधनों की तैयारियों को बेमानी साबित करती है।
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वेंटीलेटर यूनिट के लिए मात्र एक की तैनात
कोविड समर्पित चिकित्सालयों में लगे वेंटीलेटर यूनिट को चलाने के लिए बेहोशी के दस चिकित्सकों की आवश्यकता है। इसके बावजूद मौजूदा समय में जिले में मात्र एक चिकित्सक की ही तैनाती है। इसके साथ ही जिले में चेस्ट स्पेशलिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, सर्जन सहित अन्य विशेषज्ञों की भी काफी कमी है। तीनों ही अस्पताल में अभी पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती भी नहीं हुई है।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत है। इसके लिए कई पत्र शासन व निदेशालय को भेजे जा चुके हैं। डीएम के माध्यम से भी एक पत्र भेजा गया है। लेकिन इस संबंध में कोई भी मार्ग दर्शन अभी तक नहीं मिला है। -डॉ. एपी भार्गव, सीएमओ