फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   Rapti's katan fast in Kachar, the island becomes 42 villages

कछार में राप्ती की कटान तेज, टापू बने 42 गांव

Tue, 16 Jul 2019 11:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2019 11:57 PM IST
विज्ञापन
Rapti's katan fast in Kachar, the island becomes 42 villages
श्रावस्ती के परसोहना के निकट भट्ठा कुटी के निकट कटी सड़क। - फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर सामान्य हो गया है। इसके बावजूद कछार में बसे गांवों में राप्ती का कहर जारी है। नदी की बाढ़ का पानी कई मुख्य व संपर्क मार्ग पर अब भी भरा होने से आवागमन बाधित है। वहीं जिले में कई जगह बाढ़ का पानी भरे होने के कारण कछार के गांव अब भी टापू बने हैं।
विज्ञापन

राप्ती का जलस्तर जमुनहा के राप्ती बैराज सहित क्षेत्र के गांवों से धीरे-धीरे कम हो रहा है। मंगलवार को राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर दोपहर दो बजे 126.90 मीटर रिकार्ड किया गया। जो खतरे के निशान 127.70 से नीचे है। ऐसे में जमुनहा क्षेत्र के लोगों को राहत मिली है। वहीं हरिहरपुररानी, इकौना व गिलौला क्षेत्र के कछार में बसे करीब 42 गांव अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
विज्ञापन

इन गांवों में नदी का पानी खेतों व निचले हिस्सों में भरा होेने के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर बना हुआ है। इन गांवों में नदी की लहरें अपने किनारे पर बसे खेत व गांवों में कटान कर रही है। इससे ग्रामीणों की धड़कने बढ़ी हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं रमनगरा गांव में अब तक नदी ने किसानों की दो हेक्टयर भूमि को काटकर अपनी धारा में मिला लिया है। बाढ़ से गांव को बचाने के लिए बने 3 स्पर नदी में समाहित हो चुके हैं। इससे गांव के अस्तित्व पर संकट का बादल मंडराने लगा है।
लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी
जमुनहा। तहसील क्षेत्र के भठ्ठा कुटी से होते हुए ग्राम परसोहना के मजरा मनकौरा तक करीब 12 गांवों को जोड़ने वाला मार्ग बारिश के पानी से रविवार को कट गया। इसके चलते मनकौरा, कुंडा, मध्यनगरा, परसोहना, रतैहिया, अकालपुरवा, परसोहनी, लोखड़ियन पुरवा, भगवानपुर, दमोदरा, चनैनी आदि गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं सेमरी तरहर, भिनगा लक्ष्मनपुर, नव्वा नेवादा, तेंदुआ रतनपुर, हरिहरपुर बनघुसरा मोड़, तिलकपुर भंगहा मार्ग, मधवापुर मार्ग, गोड़धोई, वर्गीवर्गा के निकट भिनगा परसा मार्ग पर बने डिप, अंधरपुरवा भोजपुर संपर्क मार्ग सहित कई अन्य मार्ग के कटने व जल बहाव से लोगों का आवागमन बाधित है।
126 विद्यालयों में अब भी भरा पानी
भिनगा नगर के प्राथमिक विद्यालय भिनगा द्वितीय सहित जिले के अन्य क्षेत्रों व कछार में बसे गौहनिया, रामगढ़ी, मध्यनगर, सोहनिया, कोड़री खुर्द, केरवनिया, कोलाभार मजगवा, कोड़री दीगर, कसियापुर, नारायनपुर, लैबुउ़वा, चिचड़ी, डिुंगुराजोत, खरगौरा गनेश, राजगढ़ गुलहरिया, खरगौरा बस्ती, मनोहरापुर, मुजहनिया, भोजपुर, दहावरकला, कोड़रीकेवट, मनिकौरा कोड़री, भुतहा, चक्रभंडार, खरगूपुर, मोहम्मदपुर राजा, अमवा, अंधरपुरवा, इमलिया, महरौली, भोजुपर, शिवाजोत सहित 126 स्कूलों में बाढ़ व बरसात का पानी भरा हुआ है। इससे इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य ठप है।
केन नाले में घटा पानी, दुश्वारी बरकरार
भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाले का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है। इससे भिनगा सिरसिया मार्ग, भिनगा तेंदुआ मार्ग पर पानी कम हो रहा है। सड़क पर नाले के पानी के तेज बहाव के कारण पटरियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। जिस पर लोक निर्माण विभाग द्वारा ईंट डलवाई जा रही है। यही हाल भिनगा में खैरी मोड़ के निकट का भी है। जहां मार्ग पर बने गड्ढे पर ईंट डाली गई है। इस पर रोलर न चलवाए जाने के कारण दो पहिया वाहनों के पलटने का खतरा उत्पन्न हो गया है। ऐसे में लोग आवागमन के लिए कलेक्ट्रेट तहसील मार्ग का सहारा ले रहे हैं।
तिलकपुर गांव की ओर तेजी से बढ़ रही राप्ती
हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के ग्राम तिलकपुर के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी योगानंद पांडेय को ज्ञापन सौंपा है। इसमें ग्रामीणों ने कहा है कि राप्ती काफी तेज सेे कटान कर रही है। नदी गांव से मात्र तीस मीटर बची है। जिससे गांव पूरी तरह प्रभावित है। राप्ती भिनगा भंगहा मार्ग को भी काटने लगी है। ऐसे में ग्रामीणों ने कटान रोकने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में अनंतराम, विक्रम बहादुर, कंधई लाल, मुस्ताक अली, दुष्यंत कुमार, हंसराज, सहित कई अन्य ग्रामीण शामिल रहे।

बाढ़ की स्थित का डीएम ने लिया जायजा
श्रावस्ती। कैंप कार्यालय सभागार में सोमवार देर शाम जिलाधिकारी ओपी आर्य ने बाढ़ आपदा राहत कार्य में तैनात अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने राहत कार्य में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने क्षेत्र में मौजूद रहने का निर्देश दिया। डीएम ने सभी बाढ़ चौकियों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे, जिससे आवश्यकतानुसार बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। साथ ही बाढ़ कंट्रोल रूम के नंबर 05250-222288 पर बाढ़ संबंधी सूचना भेजते रहें। बैठक में अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीके सिंह, जिला विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी सहित सभी नोडल अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed