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घट-बढ़ रहे जलस्तर से 28 गांवों में राप्ती का कहर
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श्रावस्ती। राप्ती का जलस्तर जिले में 24 घंटे से घट बढ़ रहा है। इसके चलते नदी जिले के करीब 28 गांवों में कहर बरपा रही है। इनमें कई गांवों में कटान हो रही है तो कुछ कटान के मुहाने पर हैं। बाढ़ खंड केवल कुछ स्थानों पर बालू व ईंट से भरी बोरियों को डालने तक ही सिमटा हुआ है। वहीं कटान वाले गांवों में सहायता व बचाव कार्य के नाम पर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली बारिश से जिले में राप्ती का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे जहां जिले के कई हिस्सों में लोग बाढ़ से प्रभावित होते हैं वहीं पानी घटने से कई क्षेत्रों में कटाने होने लगती है। विगत 24 घंटे में राप्ती का जलस्तर घट बढ़ रहा है। राप्ती का जलस्तर कभी दस सेंटीमीटर ऊपर तो कभी नीचे हो रहा है। नदी की इस अस्थिरता के कारण इस समय जमुनहा व हरिहरपुररानी के कई गांव में कटान हो रही है। यहां तक कि अशरफ नगर गांव में कुछ घर नदी की कटान की जद में हैं।
इसमें से कई घर नदी में समा चुके हैं तो कुछ समाने वाले हैं। यही स्थिति लौकिहा की भी है। जहां राप्ती घर के नींव को लगातार ठोकर मार रही है। इसी तरह की स्थिति गिलौला विकास खंड की ग्राम पंचायत नीबाभारी के मजरा शिवराजपुर की भी है। यहां भी राप्ती गांव को काट कर खत्म कर रही है। इसी तरह जिले के करीब 28 गांव हैं जहां राप्ती अपना कहर बरपा रही है। इसके बाद भी इन गांव में बचाव व राहत कार्य के लिए प्रशासन की ओर से कोई खास पहल नहीं की गई है। बाढ़ खंड केवल कुछ स्थानों पर बालू व ईटों से भरी बोरियों को डालने तक ही सिमटा हुआ है।
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यह गांव नदी की जद में
वीरपुर, सर्रा, लक्ष्मनपुर सेहरनिया, संगमपुरवा, बेलरी, गंगाभागड़, कलकलवा, मुजेहना, शाहपुर कला, अशरफ नगर, टिकुइया, सुल्तानजोत, मनिकापुर, लालबोझा दर्वेश गांव, खर्च, गौहनिया, मधयनगर, कोलाभार मजगवां, लैबुड़वा, डिंगुराजोत, खरगौरा गनेश, राजगढ़ गुलहरिया, खरगौरा बस्ती, दहावर कला, इमिलिया, कोटवा, भुतहा, चक्रभंडार व मझौवा सुमाल गांव नदी के जद में हैं। इनमें से कई गांवों में राप्ती कटान कर रही है तो कुछ कटान के मुहाने पर है।
मधवापुर घाट पुल भी निशाने पर
परसा डेहरिया तिलपुर तटबंध में गैप होने से जहां गांव व भिनगा जिला मुख्यालय बाढ़ के निशाने पर हैं, वहीं जिला मुख्यालय को जमुनहा से जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण पुल मधवापुर घाट का अस्तित्व भी खतरे में बताया जा रहा है। इस पुल की सुरक्षा के लिए बने यूएस राइट साइड गाइड बंध के पास नदी लूप बना रही है। इससे गाइड बंध में कटान का खतरा मंडरा रहा है। इस लूप से सड़क की दूरी मात्र सौ मीटर ही रह गई है। ऐसे में यदि इस लूप को ठीक न किया गया तो सड़क व पुल को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
जिन गांवों में कटान की सूचना मिलती है वहां क्षेत्रीय लेखपाल की ओर से नुकसान का आंकलन कर आपदा प्रबंधन के तहत नुकसान की भरपाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाती है। कुछ दिन पूर्व एक घर कटने की सूचना थी। इसकी सहायता राशि जारी की जा चुकी है। फिलहाल अभी किसी घर के कटान की सूचना नहीं है। - योगानंद पांडेय, एडीएम
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नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली बारिश से जिले में राप्ती का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे जहां जिले के कई हिस्सों में लोग बाढ़ से प्रभावित होते हैं वहीं पानी घटने से कई क्षेत्रों में कटाने होने लगती है। विगत 24 घंटे में राप्ती का जलस्तर घट बढ़ रहा है। राप्ती का जलस्तर कभी दस सेंटीमीटर ऊपर तो कभी नीचे हो रहा है। नदी की इस अस्थिरता के कारण इस समय जमुनहा व हरिहरपुररानी के कई गांव में कटान हो रही है। यहां तक कि अशरफ नगर गांव में कुछ घर नदी की कटान की जद में हैं।
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इसमें से कई घर नदी में समा चुके हैं तो कुछ समाने वाले हैं। यही स्थिति लौकिहा की भी है। जहां राप्ती घर के नींव को लगातार ठोकर मार रही है। इसी तरह की स्थिति गिलौला विकास खंड की ग्राम पंचायत नीबाभारी के मजरा शिवराजपुर की भी है। यहां भी राप्ती गांव को काट कर खत्म कर रही है। इसी तरह जिले के करीब 28 गांव हैं जहां राप्ती अपना कहर बरपा रही है। इसके बाद भी इन गांव में बचाव व राहत कार्य के लिए प्रशासन की ओर से कोई खास पहल नहीं की गई है। बाढ़ खंड केवल कुछ स्थानों पर बालू व ईटों से भरी बोरियों को डालने तक ही सिमटा हुआ है।
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यह गांव नदी की जद में
वीरपुर, सर्रा, लक्ष्मनपुर सेहरनिया, संगमपुरवा, बेलरी, गंगाभागड़, कलकलवा, मुजेहना, शाहपुर कला, अशरफ नगर, टिकुइया, सुल्तानजोत, मनिकापुर, लालबोझा दर्वेश गांव, खर्च, गौहनिया, मधयनगर, कोलाभार मजगवां, लैबुड़वा, डिंगुराजोत, खरगौरा गनेश, राजगढ़ गुलहरिया, खरगौरा बस्ती, दहावर कला, इमिलिया, कोटवा, भुतहा, चक्रभंडार व मझौवा सुमाल गांव नदी के जद में हैं। इनमें से कई गांवों में राप्ती कटान कर रही है तो कुछ कटान के मुहाने पर है।
मधवापुर घाट पुल भी निशाने पर
परसा डेहरिया तिलपुर तटबंध में गैप होने से जहां गांव व भिनगा जिला मुख्यालय बाढ़ के निशाने पर हैं, वहीं जिला मुख्यालय को जमुनहा से जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण पुल मधवापुर घाट का अस्तित्व भी खतरे में बताया जा रहा है। इस पुल की सुरक्षा के लिए बने यूएस राइट साइड गाइड बंध के पास नदी लूप बना रही है। इससे गाइड बंध में कटान का खतरा मंडरा रहा है। इस लूप से सड़क की दूरी मात्र सौ मीटर ही रह गई है। ऐसे में यदि इस लूप को ठीक न किया गया तो सड़क व पुल को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
जिन गांवों में कटान की सूचना मिलती है वहां क्षेत्रीय लेखपाल की ओर से नुकसान का आंकलन कर आपदा प्रबंधन के तहत नुकसान की भरपाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाती है। कुछ दिन पूर्व एक घर कटने की सूचना थी। इसकी सहायता राशि जारी की जा चुकी है। फिलहाल अभी किसी घर के कटान की सूचना नहीं है। - योगानंद पांडेय, एडीएम