{"_id":"6a402763ba9e7448f404eac1","slug":"protecting-paddy-nurseries-in-40-degree-temperatures-is-a-challenge-shravasti-news-c-104-1-srv1004-121199-2026-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: 40 डिग्री तापमान में धान की नर्सरी को बचाना चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: 40 डिग्री तापमान में धान की नर्सरी को बचाना चुनौती
Sun, 28 Jun 2026 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sun, 28 Jun 2026 01:11 AM IST
विज्ञापन
श्रावस्ती। तराई में सूरज की तपन चरम पर है। भीषण गर्मी व चटख धूप से आम जनजीवन बेहाल है। ऐसे में किसानों के सामने धान की नर्सरी को बचाना बड़ी चुनौती बन गया है। जिन किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है, उन्हें सिंचाई के लिए नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। शनिवार को जिले का तापमान अधिकतम 40 व न्यूनतम 29 दर्ज किया गया है। ऐसे में किसानों को हर तीसरे दिन नर्सरी की सिंचाई करना पड़ रही है।
जिन किसानों की नर्सरी तैयार हो चुकी है उनके सामने धान की रोपाई करना मजबूरी बन गया है। शुक्रवार को गिलौला क्षेत्र के ग्राम नेवारिया में किसान नान्हें ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। किसान ने बताया कि पंपिंग सेट के सहारे खेतों में पानी भरकर धान की रोपाई कराई जा रही है। इसके बाद अब धान की फसल को तैयार करने में समस्या का सामना करना पड़ेगा। बारिश जब तक नहीं होगी तब तक हर दूसरे व तीसरे दिन खेत की सिंचाई करना पड़ेगी।
किसान राजकुमार ने बताया कि गर्मी में धान की फसल तैयार करने से उसका लागत काफी बढ़ जाती है। ग्राम अड़राई निवासी किसान राम प्रहलाद ने बताया कि धान की नर्सरी को बचाने में समस्या हो रही है। यदि शीघ्र ही बारिश नहीं हुई तो धान की नर्सरी खराब हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिन किसानों की नर्सरी तैयार हो चुकी है उनके सामने धान की रोपाई करना मजबूरी बन गया है। शुक्रवार को गिलौला क्षेत्र के ग्राम नेवारिया में किसान नान्हें ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। किसान ने बताया कि पंपिंग सेट के सहारे खेतों में पानी भरकर धान की रोपाई कराई जा रही है। इसके बाद अब धान की फसल को तैयार करने में समस्या का सामना करना पड़ेगा। बारिश जब तक नहीं होगी तब तक हर दूसरे व तीसरे दिन खेत की सिंचाई करना पड़ेगी।
विज्ञापन
किसान राजकुमार ने बताया कि गर्मी में धान की फसल तैयार करने से उसका लागत काफी बढ़ जाती है। ग्राम अड़राई निवासी किसान राम प्रहलाद ने बताया कि धान की नर्सरी को बचाने में समस्या हो रही है। यदि शीघ्र ही बारिश नहीं हुई तो धान की नर्सरी खराब हो जाएगी।
विज्ञापन