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थाली से दूर हो रहा आलू
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श्रावस्ती। लगातार बढ़ते दाम के चलते सब्जियों का राजा आलू खाने की थाली से दूर होता जा रहा है। प्याज जहां गरीबों के आंसू निकालने लगा है, वहीं अब टमाटर भी लोगों को अपना रंग दिखा रहा है। यही हाल अन्य सब्जियों का भी है। जिन पर महंगाई का असर पड़ रहा है। ऐसे में गरीब व मध्यम वर्गी परिवारों की पहुंच से सब्जियां दूर होने लगी हैं।
अक्तूबर समाप्त होने को है तो धान कटने के बाद खेत भी खाली हो चुके हैं। ऐसे में किसान अपने खाली पड़े खेतों में आलू व गेहूं की बोआई की तैयारी में जुटे हैं। जिसे देखते हुए मंडी में आलू के भाव में अचानक इजाफा हो गया है। अब तक 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला पुराना आलू अब 40 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।
जबकि बाहर से आने वाला नया आलू 50 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। यह हाल सिर्फ आलू का ही नहीं अन्य सब्जियों का भी है। अब तक 30 से 40 रुपये की दर से बिकने वाला टमाटर अब 50 रुपये में हो गया है। वहीं 15 रुपये में बिक रहा प्याज अब 70 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच हो गया है। अचानक बढ़े इन भावों को देख कर लोग परेशान हैं। ऐसे में गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों की पहुंच से सब्जियां दूर होने लगी हैं।
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प्रशासन का नहीं दिख रहा हस्तक्षेप
सिरसिया क्षेत्र के किसान रामउजागर बताते हैं कि वह प्रति वर्ष पांच बीघा खेत में आलू, तीन बीघा में प्याज व दो बीघा में लहसुन सहित धनिया मिर्चा आदि की खेती करते थे। इस बार महंगाई इतनी बढ़ गई है कि बीज खरीदकर इसकी खेती करने की हिम्मत ही नहीं हो रही। मटखनवा निवासी राम अवतार बताते हैं कि वह प्रति वर्ष आलू, प्याज, लहसुन, धनिया, मिर्चा आदि की खेती करते थे।
अचानक भाव बढ़ जाने के कारण इस बार बीज के दाम भी बढ़ गए हैं। किसान राम जियावन कहते हैं कि किसानों की जब उपज तैयार होती है तो वह कौड़ी के भाव बिकती है। वहीं किसान को जब बीज की जरूरत होती है तो इनके भाव असमान पर पहुंच जाते हैं। जिस पर प्रशासन का कोई हस्तक्षेप नहीं दिख रहा है। यदि यही हाल रहा तो इस बार पैदावार प्रभावित होगी। जिसका असर मूल्य पर पड़ेगा।
बाक्स में -
इस भाव बिक रही सब्जी
सब्जी मूल्य
आलू 50
प्याज 70
टमाटर 50
हरी मिर्च 80
लहसुन 100
गोभी 40
बैगन 25
अदरख 80
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अक्तूबर समाप्त होने को है तो धान कटने के बाद खेत भी खाली हो चुके हैं। ऐसे में किसान अपने खाली पड़े खेतों में आलू व गेहूं की बोआई की तैयारी में जुटे हैं। जिसे देखते हुए मंडी में आलू के भाव में अचानक इजाफा हो गया है। अब तक 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला पुराना आलू अब 40 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।
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जबकि बाहर से आने वाला नया आलू 50 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। यह हाल सिर्फ आलू का ही नहीं अन्य सब्जियों का भी है। अब तक 30 से 40 रुपये की दर से बिकने वाला टमाटर अब 50 रुपये में हो गया है। वहीं 15 रुपये में बिक रहा प्याज अब 70 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच हो गया है। अचानक बढ़े इन भावों को देख कर लोग परेशान हैं। ऐसे में गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों की पहुंच से सब्जियां दूर होने लगी हैं।
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प्रशासन का नहीं दिख रहा हस्तक्षेप
सिरसिया क्षेत्र के किसान रामउजागर बताते हैं कि वह प्रति वर्ष पांच बीघा खेत में आलू, तीन बीघा में प्याज व दो बीघा में लहसुन सहित धनिया मिर्चा आदि की खेती करते थे। इस बार महंगाई इतनी बढ़ गई है कि बीज खरीदकर इसकी खेती करने की हिम्मत ही नहीं हो रही। मटखनवा निवासी राम अवतार बताते हैं कि वह प्रति वर्ष आलू, प्याज, लहसुन, धनिया, मिर्चा आदि की खेती करते थे।
अचानक भाव बढ़ जाने के कारण इस बार बीज के दाम भी बढ़ गए हैं। किसान राम जियावन कहते हैं कि किसानों की जब उपज तैयार होती है तो वह कौड़ी के भाव बिकती है। वहीं किसान को जब बीज की जरूरत होती है तो इनके भाव असमान पर पहुंच जाते हैं। जिस पर प्रशासन का कोई हस्तक्षेप नहीं दिख रहा है। यदि यही हाल रहा तो इस बार पैदावार प्रभावित होगी। जिसका असर मूल्य पर पड़ेगा।
बाक्स में -
इस भाव बिक रही सब्जी
सब्जी मूल्य
आलू 50
प्याज 70
टमाटर 50
हरी मिर्च 80
लहसुन 100
गोभी 40
बैगन 25
अदरख 80