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चुनाव ड्यूटी के दौरान केवल एक कर्मी की मौत का दावा

Thu, 20 May 2021 10:55 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 20 May 2021 10:55 PM IST
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Only one worker claimed death during election duty
श्रावस्ती। चुनाव व उसके बाद जिले में 13 कर्मचारियों की मौत विभिन्न कारणों से हुई। इसमें से एक कर्मचारी की मौत चुनाव के दौरान मतपेटिका जमा करने से पहले ही मार्ग दुर्घटना में हो गई। जबकि अन्य कर्मचारियों की मौत चुनाव व मतगणना के बाद विभिन्न स्थानों पर हुई। ऐसे में केवल एक ही कर्मचारी को ऑन ड्यूटी मानते हुए मुआवजे के लिए दावा प्रस्तुत किया गया है।
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कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष जिले में 13 कर्मचारी मौत की नींद सो गए। इसमें से नौ कर्मचारी तो बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक हैं। जबकि एक वन विभाग के एसडीओ, एक आरईएस का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तो एक अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी का नाम इस सूची में शामिल है। इन सभी की मौत को चुनाव ड्यूटी के दौरान हुई मौत की श्रेणी मे नहीं रखा गया। जिसके कारण उनकी मौत के बाद मुआवजे का दावा नहीं हो सका। केवल मतपेटिका जमा करने से पूर्व हुई बहराइच के एक सफाई कर्मी की मौत को इस श्रेणी में रखा गया है। जिसके मुआवजे के लिए दावा प्रस्तुत किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त अन्य लोगों को इस दावे से बाहर रखा गया है।
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दावे के लिए यह था मानक
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव ड्यूटी के दौरान हुई मौत को ही मुआवजे की श्रेणी में रखा गया था। चुनाव ड्यूटी का अर्थ पोलिंग पार्टी रवाना होने से लेकर मतपेटिका जमा करने तक के समय को जोड़ा गया। इसके बाद यदि किसी की मौत किन्हीं कारणों से हुई तो उसे इस दावे से बाहर रखा जाएगा। इस श्रेणी में मात्र एक सफाई कर्मी पात्रता में आया है।
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इतने में कोरोना की हुई थी पुष्टि
बेसिक शिक्षा विभाग का दवा है कि उसके नौ शिक्षकों की मौत चुनाव व उसके बाद हुई है। इसमें से विभाग ने छह लोगों की कोरोना के कारण मौत दिखाया जबकि तीन लोगों के मौत का कारण स्पष्ट नहीं कर पाया। यही नहीं सूचना के साथ उपलब्ध अभिलेखों में मात्र चार की आरटीपीसीआर रिपोर्ट भी संलग्न की गई है। इसके अतिरिक्त विभाग ने कोई भी पुष्टि अपने अभिलेख में नहीं किया है। जबकि अन्य विभागों के कर्मचारियों में कोरोना की पुष्टि हुई। लेकिन सबकी मौत चुनाव के बाद हुई।
सफाई कर्मी को ही माना ऑन ड्यूटी
जिले में कोरोना व अन्य कारणों से हुइ मौत के बाद दिए जाने वाले मुआवजे के लिए निर्धारित प्रक्रिया में केवल बहराइच से आए हुए सफाई कर्मी को पात्र माना गया। सफाई कर्मी चुनाव के बाद इकौना में मतपेटिका जमा करने जा रहा था। इसी दौरान सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। इसके अतिरिक्त अन्य सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की मौत अलग-अलग कारणों से अलग-अलग स्थानों पर हुई। इसमें से कुछ लोगों की ड्यूटी के कई दिनों बाद कोरोना व अन्य कारणों से मौत हुई।

सरकार की ओर से चुनाव ड्यूटी के दौरान हुई मौत पर मुआवजे देने का आदेश आया था। इस श्रेणी के तहत जिले में मात्र एक सफाई कर्मी जो बहराइच जिले में तैनात है। चुनाव के दौरान मंडलीय पूल के तहत श्रावस्ती में ड्यूटी करने आया था। उसे ही पात्र माना गया है।
-योगानंद पांडे, एडीएम
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