{"_id":"60031e398ebc3e32f057eff4","slug":"online-training-of-sanskrit-teachers-started-srawasti-news-lko5601774108","type":"story","status":"publish","title_hn":"संस्कृत शिक्षकों का शुरू हुआ ऑनलाइन प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संस्कृत शिक्षकों का शुरू हुआ ऑनलाइन प्रशिक्षण
विज्ञापन
कटरा (श्रावस्ती)। संस्कृत शिक्षकों को संस्कृत भाषा में दक्ष कराया जाएगा। इसके लिए उन्हें शनिवार से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान इकौना में 14 दिवसीय संस्कृत भाषा का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान इकौना में शनिवार से शिक्षकों की 14 दिवसीय कार्यशाला प्रारंभ हुई।
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ तथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 14 दिवसीय संस्कृत भाषा प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ सत्र के पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद डिप्टी कमिश्नर स्वत: रोजगार बालगोविंद शुक्ला ने कहा कि संस्कृत भाषा सबसे प्राचीन भाषा है। आज कई क्षेत्रों में इसकी मांग भी बढ़ी है।
ऐसे में आप सभी इसमें दक्ष होकर बच्चों को संस्कृत का ज्ञान प्रदान करें। इस दौरान उन्होंने संस्कृत भाषा की प्रासंगिकता, उपादेयता और भाषा में निहित वैज्ञानिकता के विषय में जानकारी दी। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बेसिक शिक्षकों को भाषा के प्रति प्रेरित कर आमजन की भाषा बनाने की बात कही। पहले दिन उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ के प्रशिक्षक हसन खां व राधा शर्मा ने सभी प्रशिक्षुओं को संस्कृत भाषा में परिचय, सर्वनाम और गीत आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के नोडल अधिकारी व प्रवक्ता आदर्श कुमार सिंह, फौरन सिंह, प्रीति मिश्रा, इंद्रजीत, मंजू यादव, एकता व बलराम सिंह सहित 50 शिक्षकों ने ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ तथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 14 दिवसीय संस्कृत भाषा प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ सत्र के पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद डिप्टी कमिश्नर स्वत: रोजगार बालगोविंद शुक्ला ने कहा कि संस्कृत भाषा सबसे प्राचीन भाषा है। आज कई क्षेत्रों में इसकी मांग भी बढ़ी है।
विज्ञापन
ऐसे में आप सभी इसमें दक्ष होकर बच्चों को संस्कृत का ज्ञान प्रदान करें। इस दौरान उन्होंने संस्कृत भाषा की प्रासंगिकता, उपादेयता और भाषा में निहित वैज्ञानिकता के विषय में जानकारी दी। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बेसिक शिक्षकों को भाषा के प्रति प्रेरित कर आमजन की भाषा बनाने की बात कही। पहले दिन उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ के प्रशिक्षक हसन खां व राधा शर्मा ने सभी प्रशिक्षुओं को संस्कृत भाषा में परिचय, सर्वनाम और गीत आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के नोडल अधिकारी व प्रवक्ता आदर्श कुमार सिंह, फौरन सिंह, प्रीति मिश्रा, इंद्रजीत, मंजू यादव, एकता व बलराम सिंह सहित 50 शिक्षकों ने ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
विज्ञापन