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सिरसिया में मनरेगा के घोटालेबाजों से नहीं हुई रिकवरी
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श्रावस्ती। मनरेगा योजना में जहां घोटाले की परतें दिन ब दिन खुलती जा रही हैं वहीं सिरसिया विकास खंड में वित्तीय वर्ष 2019-20 में हुए 464 घोटालों में एक पर भी कार्रवाई पूरी नहीं हुई। यही नहीं जिस मामले का डीएम ने संज्ञान लेकर रिकवरी व प्रधान सहित सचिव व मनरेगा सहायक पर कार्रवाई करने का आदेश दिया था, वह भी ठंडे बस्ते में चला गया। वित्तीय वर्ष 2015-16 से ही कई घोटाले के मामलों में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। ऐसे मामलों में लाख रुपये की रिकवरी होनी है।
मनरेगा योजना लगभग सभी विकास खंडों में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। जिले में 2015-16 से ही मजदूरों के हक का पैसा प्रधान, सचिव, मनरेगा सहायक के साथ माप करने वाले इंजीनियर गबन करते रहे हैं। ऐसे कई मामले हैं, जिनमें मजदूरों के नाम पर बिना काम के ही भुगतान कर लिया गया, या फिर तालाब की खोदाई मशीन से कराकर उसका भुगतान फर्जी तौर पर मजदूरों के नाम पर निकाल लिया गया। इसी तरह का एक मामला सिरसिया विकास खंड के ग्राम पंचायत बनकटवा कला में देखने को मिला।
वित्तीय वर्ष 2015-16 में हुई आडिट के दौरान खुलासा हुआ था कि ग्राम पंचायत ने ईदगाह तालाब जीर्णोद्धार का कार्य जेसीबी मशीन से कराकर एक लाख चवालिस हजार नौ सौ रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया। इस खुलासे के बाद हुई जांच में आरोपों की पुष्टि करते हुए उस समय डीएम ने ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व तकनीकि सहायक से इस राशि की वसूली भू राजस्व के रूप में करने के साथ सभी के विरुद्ध केस दर्ज कराने का निर्देश दिया था।
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ग्राम प्रधान व इन कर्मचारियों ने खंड विकास अधिकारी व जिले के अन्य अधिकारियों से साठ गांठ करके इस फाइल को ठंडे बस्ते में पहुंचा दिया। यही नहीं इसी मामले में फिर तत्कालीन सीडीओ अवनीश राय ने भी बीडीओ को निर्देश दिया था कि आरोपी कर्मचारियों के विरुद्ध केस दर्ज कराया जाए। इसके बाद भी प्रधान, ग्राम सचिव व तकनीकि सहायक पर कार्रवाई नहीं हुई। वहीं वित्तीय वर्ष 2019-20 में हुए 464 घोटालों में एक पर भी कार्रवाई पूरी नहीं हुई।
श्रमिकों ने नहीं किया काम पर हो गया भुगतान
सिरसिया के बलनपुर बसंतपुर में रामजस के खेत से निरंकार के खेत तक नाला खुदाई एवं सफाई कार्य के मस्टर रोल 6452 से 6455 तक में किसी भी श्रमिक की उपस्थिति अंकित नहीं है। वहीं ब्लॉक कार्यालय से कुल 252 मानव दिवस का सृजन दिखाकर 44100 रुपये का भुगतान कर दिया गया है।
बिना मानक पूरे किए लिया योजन का धन
सिरसिया विकास खंड के हेमपुर में हसीना पत्नी वकील को वर्ष 2018-19 में पशु आश्रय शेड का आवंटन किया गया था। सत्यापन के दौरान पाया गया कि लाभार्थी की ओर से पूर्व में घर के पीछे की तरफ खाना बनाने वाले बरामदे में टीन रखा गया है। उसी के नाम पर लाभार्थी ने भुगतान ले लिया।
रिपोर्ट से अधिक श्रमिकों के नाम पर निकाला धन
गंगापुर स्थित प्राथमिक पाठशाला के पीछे पौधरोपण कार्य में मस्टर रोल 2704 पर केवल रामबरन की 10 दिन की उपस्थिति दर्ज करते हुए तकनीकी सहायक ने 1750 रुपये भुगतान की रिपोर्ट लगाई है, परंतु ब्लॉक स्तर से अन्य नौ श्रमिकों व रामबरन को मिलाकर 120 दिन के कार्य का 21000 रुपये भुगतान करा लिया गया।
अनुपस्थित मजदूरों को भी दे दी मजदूरी
सिरसिया विकास खंड के सर्राबोझी में दुलारे महरा के खेत से नाला तक भूमि विकास कार्य के मस्टर रोल 5287 पर क्रमसंख्या 01 से 04 तक अंकित श्रमिकों को ग्राम पंचायत के मस्टर रोल पर अनुपस्थिति दर्ज किया गया था। इन अनुपस्थिति मजदूरों के नाम पर भी 13-13 दिन का भुगतान ले लिया गया।
जिन मामलों में आदेश पहले हो चुका है, उनमें यदि संबंधित व्यक्ति की ओर से रिकवरी व अन्य कार्रवाई नहीं की गई है तो इसके लिए नामित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - टीके शिबु, डीएम
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मनरेगा योजना लगभग सभी विकास खंडों में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। जिले में 2015-16 से ही मजदूरों के हक का पैसा प्रधान, सचिव, मनरेगा सहायक के साथ माप करने वाले इंजीनियर गबन करते रहे हैं। ऐसे कई मामले हैं, जिनमें मजदूरों के नाम पर बिना काम के ही भुगतान कर लिया गया, या फिर तालाब की खोदाई मशीन से कराकर उसका भुगतान फर्जी तौर पर मजदूरों के नाम पर निकाल लिया गया। इसी तरह का एक मामला सिरसिया विकास खंड के ग्राम पंचायत बनकटवा कला में देखने को मिला।
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वित्तीय वर्ष 2015-16 में हुई आडिट के दौरान खुलासा हुआ था कि ग्राम पंचायत ने ईदगाह तालाब जीर्णोद्धार का कार्य जेसीबी मशीन से कराकर एक लाख चवालिस हजार नौ सौ रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया। इस खुलासे के बाद हुई जांच में आरोपों की पुष्टि करते हुए उस समय डीएम ने ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व तकनीकि सहायक से इस राशि की वसूली भू राजस्व के रूप में करने के साथ सभी के विरुद्ध केस दर्ज कराने का निर्देश दिया था।
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ग्राम प्रधान व इन कर्मचारियों ने खंड विकास अधिकारी व जिले के अन्य अधिकारियों से साठ गांठ करके इस फाइल को ठंडे बस्ते में पहुंचा दिया। यही नहीं इसी मामले में फिर तत्कालीन सीडीओ अवनीश राय ने भी बीडीओ को निर्देश दिया था कि आरोपी कर्मचारियों के विरुद्ध केस दर्ज कराया जाए। इसके बाद भी प्रधान, ग्राम सचिव व तकनीकि सहायक पर कार्रवाई नहीं हुई। वहीं वित्तीय वर्ष 2019-20 में हुए 464 घोटालों में एक पर भी कार्रवाई पूरी नहीं हुई।
श्रमिकों ने नहीं किया काम पर हो गया भुगतान
सिरसिया के बलनपुर बसंतपुर में रामजस के खेत से निरंकार के खेत तक नाला खुदाई एवं सफाई कार्य के मस्टर रोल 6452 से 6455 तक में किसी भी श्रमिक की उपस्थिति अंकित नहीं है। वहीं ब्लॉक कार्यालय से कुल 252 मानव दिवस का सृजन दिखाकर 44100 रुपये का भुगतान कर दिया गया है।
बिना मानक पूरे किए लिया योजन का धन
सिरसिया विकास खंड के हेमपुर में हसीना पत्नी वकील को वर्ष 2018-19 में पशु आश्रय शेड का आवंटन किया गया था। सत्यापन के दौरान पाया गया कि लाभार्थी की ओर से पूर्व में घर के पीछे की तरफ खाना बनाने वाले बरामदे में टीन रखा गया है। उसी के नाम पर लाभार्थी ने भुगतान ले लिया।
रिपोर्ट से अधिक श्रमिकों के नाम पर निकाला धन
गंगापुर स्थित प्राथमिक पाठशाला के पीछे पौधरोपण कार्य में मस्टर रोल 2704 पर केवल रामबरन की 10 दिन की उपस्थिति दर्ज करते हुए तकनीकी सहायक ने 1750 रुपये भुगतान की रिपोर्ट लगाई है, परंतु ब्लॉक स्तर से अन्य नौ श्रमिकों व रामबरन को मिलाकर 120 दिन के कार्य का 21000 रुपये भुगतान करा लिया गया।
अनुपस्थित मजदूरों को भी दे दी मजदूरी
सिरसिया विकास खंड के सर्राबोझी में दुलारे महरा के खेत से नाला तक भूमि विकास कार्य के मस्टर रोल 5287 पर क्रमसंख्या 01 से 04 तक अंकित श्रमिकों को ग्राम पंचायत के मस्टर रोल पर अनुपस्थिति दर्ज किया गया था। इन अनुपस्थिति मजदूरों के नाम पर भी 13-13 दिन का भुगतान ले लिया गया।
जिन मामलों में आदेश पहले हो चुका है, उनमें यदि संबंधित व्यक्ति की ओर से रिकवरी व अन्य कार्रवाई नहीं की गई है तो इसके लिए नामित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - टीके शिबु, डीएम